फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
हर बारिश में मौत का खतरा? काशीराम आवासों की जांच के लिए डीएम ने बनाई चार सदस्यीय समिति

दो कमरों की छत गिरने की घटना के बाद प्रशासन हरकत में, एक सप्ताह में मांगी गई रिपोर्ट


स्थान: सिद्धार्थनगर मुख्यालय
मामला: काशीराम शहरी आवास योजना के आवासों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा की जांच
कार्रवाई: जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की
समयसीमा: एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश


सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित काशीराम शहरी आवास योजना में कुछ सप्ताह पूर्व दो आवासों की छत गिरने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. द्वारा जारी आदेश के अनुसार आवासों की गुणवत्ता, सुरक्षा और रहने योग्य स्थिति की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य खबर
मुख्यालय स्थित काशीराम शहरी आवास योजना में दो कमरों की छत गिरने की घटना ने आवासों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जर्जर भवनों की तकनीकी जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई थी।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में डूडा के परियोजना अधिकारी, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद बस्ती के सहायक अभियंता तथा नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
समिति को निर्देश दिया गया है कि वह काशीराम शहरी आवास योजना के सभी संबंधित आवासों का स्थलीय निरीक्षण कर यह जांच करे कि भवन सुरक्षित एवं रहने योग्य हैं या नहीं। जांच पूरी कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
कुछ सप्ताह पहले काशीराम आवास परिसर में दो कमरों की छत गिर गई थी। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने परिसर में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी। इसके बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया।
टिप्पणी
जांच समिति का गठन प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल है। अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और यदि कहीं निर्माण गुणवत्ता में कमी या भवन असुरक्षित पाए जाते हैं, तो संबंधित स्तर पर क्या कार्रवाई होती है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
नोट: यह समाचार जिलाधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश एवं उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी निर्माण एजेंसी या व्यक्ति की जिम्मेदारी अथवा लापरवाही के संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। यह मामला जांचाधीन है।

Views: 134

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।