“660 लीटर डीजल लूट का निकला फर्जी खेल! चालक ने ही रची साजिश, पुलिस ने खोला पूरा राज”
फर्जी लूट का पर्दाफाश: चालक ने ही रचा था 660 लीटर डीजल चोरी का खेल, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
स्थान : ढेबरुआ थाना क्षेत्र, सिद्धार्थनगर
कार्रवाई : 19 जुलाई 2026
मामला : 660 लीटर डीजल लूट की कथित घटना का खुलासा
गिरफ्तारी : चालक समेत दो आरोपी गिरफ्तार
बरामदगी : 660 लीटर डीजल (3 ड्रम), पिकअप वाहन
सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र में 660 लीटर डीजल लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार जिस चालक ने खुद को लूट और मारपीट का शिकार बताया था, वही पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में चालक और उसके साथी को गिरफ्तार कर तीन ड्रमों में रखा गया 660 लीटर डीजल तथा घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि कंपनी का डीजल हड़पने के उद्देश्य से फर्जी लूट की कहानी गढ़ी गई थी।
पूरी खबर
ढेबरुआ थाना क्षेत्र में 17 जुलाई को उस समय हड़कंप मच गया था, जब इंडस टावर आरएसटी कंपनी के प्रतिनिधि आशीष यादव ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि कंपनी का डीजल लेकर जा रहे वाहन को अज्ञात लोगों ने रोक लिया और चालक ऐनुल उर्फ मोनू तथा उसके साथी अकबर अली के साथ मारपीट कर 660 लीटर डीजल लूट लिया।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक कुमार द्विवेदी के पर्यवेक्षण में ढेबरुआ पुलिस और जनपदीय एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और दोनों कथित पीड़ितों से गहन पूछताछ की। पुलिस के अनुसार जांच में दोनों के बयान बार-बार बदलते मिले और कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि कथित लूट की पूरी कहानी कंपनी का डीजल हड़पने के लिए स्वयं चालक और उसके साथी द्वारा रची गई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की।
रविवार 19 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर राप्ती मुख्य नहर स्थित धनौरा पुल के पास चेकिंग के दौरान पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऐनुल उर्फ मोनू पुत्र अकबर अली तथा अकबर अली उर्फ दानिश अली पुत्र अनवर अली, निवासी थाना रानीपुर, जनपद बहराइच के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन ड्रमों में रखा 660 लीटर डीजल तथा घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन संख्या UP-32-ZN-7588 बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार पहले दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 303(2) एवं 115(2) के तहत कार्रवाई की गई थी। बरामदगी और जांच के बाद धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
बरामदगी
660 लीटर डीजल (03 ड्रम)
घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन
गिरफ्तार आरोपी
ऐनुल उर्फ मोनू (चालक)
अकबर अली उर्फ दानिश अली
कार्रवाई
ढेबरुआ पुलिस व जनपदीय एसओजी की संयुक्त कार्रवाई
दोनों आरोपियों को न्यायालय भेजा गया
पुलिस का पक्ष
सिद्धार्थनगर पुलिस के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर फर्जी लूट की कहानी का खुलासा किया गया है। मामले में आगे की विवेचना नियमानुसार जारी है।
सारांश
जिस घटना को पहले डीजल लूट की वारदात माना जा रहा था, पुलिस जांच में वह कथित तौर पर कंपनी का डीजल हड़पने की साजिश निकली। संयुक्त पुलिस कार्रवाई में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 660 लीटर डीजल की बरामदगी को पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता बताया है।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि तकनीकी साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के जरिए पुलिस जटिल मामलों की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। हालांकि, मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा। इसलिए गिरफ्तार व्यक्तियों को न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक कानून की दृष्टि में आरोपी माना जाएगा, दोषी नहीं।
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