महिला उत्पीड़न पर जीरो टॉलरेंस का संदेश, 15 दिन में रिपोर्ट तलब

महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों पर सख्त संदेश: सिद्धार्थनगर पहुंचीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष, 13 मामलों की जनसुनवाई, मेडिकल कॉलेज और जिला जेल का किया औचक निरीक्षण

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई, मेडिकल कॉलेज और जिला जेल में व्यवस्थाएं सुधारने के दिए निर्देश। 
स्थान: विकास भवन, सिद्धार्थनगर
अध्यक्षता: डॉ. बबिता सिंह चौहान, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग

मुख्य बिंदु: महिला जनसुनवाई, समीक्षा बैठक, मेडिकल कॉलेज व जिला जेल निरीक्षण
सुनवाई।
🔹 15 दिन में निस्तारण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश।
🔹 महिला सुरक्षा, तस्करी रोकने और हेल्पलाइन प्रचार पर विशेष जोर।
🔹 मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं और साफ-सफाई की समीक्षा।
🔹 ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के तहत कन्या जन्मोत्सव आयोजित।
🔹 जिला जेल में महिला बंदियों की सुविधाओं का निरीक्षण।
सिद्धार्थनगर।
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने सिद्धार्थनगर में सख्त रुख अपनाया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई एवं जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और छेड़छाड़ से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर मामले का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कुल 13 प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किए गए। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी पीड़ित महिला के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए तथा पुलिस महिला उत्पीड़न के मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे। पति-पत्नी के विवादों में दोनों पक्षों को सुनकर कानून के अनुरूप समाधान निकालने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने महिलाओं की गुमशुदगी और मानव तस्करी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस और संबंधित विभागों को प्रभावी निगरानी और रोकथाम के निर्देश दिए। साथ ही नुक्कड़ नाटक, चौपाल और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने पर बल दिया।
बैठक में समाज कल्याण, महिला कल्याण, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभागों को निर्देश दिया गया कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ हर हाल में पहुंचे। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने और पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने के भी निर्देश दिए गए।
शिक्षा और बालिका सुरक्षा पर विशेष फोकस
डॉ. बबिता सिंह चौहान ने बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। स्कूलों में छात्राओं के लिए स्वच्छ महिला शौचालय, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और महिला सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं। विद्यालय से बाहर रहने वाली बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण

बैठक के बाद आयोग अध्यक्ष ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली तथा डॉक्टरों को समय पर ड्यूटी करने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और बारिश के कारण हुए जलभराव को तत्काल दूर कराने के निर्देश भी दिए।
इसी दौरान ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत कन्या जन्मोत्सव मनाया गया। नवजात बालिकाओं की माताओं को उपहार वितरित किए गए तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। आयोग अध्यक्ष ने कन्या सुमंगला योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर बल दिया।
जिला जेल में महिला बंदियों से संवाद
इसके बाद आयोग अध्यक्ष ने जिला जेल का निरीक्षण किया। महिला बैरक में विचाराधीन महिला बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण का अवलोकन किया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि महिला बंदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे।
सिद्धार्थनगर दौरे पर पहुंचीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने महिला जनसुनवाई में 13 मामलों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को 15 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। साथ ही मेडिकल कॉलेज और जिला जेल का निरीक्षण कर महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
सारांश (Summary)
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने सिद्धार्थनगर में महिला सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। जनसुनवाई, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और जेल निरीक्षण के माध्यम से आयोग ने विभिन्न विभागों को समयबद्ध और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए।
✍️ समाचार टिप्पणी (Editorial Comment)
महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और विभागीय जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, इन निर्देशों का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा जब निर्धारित समयसीमा में मामलों का निष्पक्ष निस्तारण हो और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। यह दौरा केवल समीक्षा तक सीमित न रहकर परिणामों में भी परिवर्तित हो, यही इसकी वास्तविक सफलता होगी।
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