“कागजों में बनी नाली, जमीन पर सवाल! ₹54,441 के भुगतान पर उठे बड़े सवाल”
₹54,441 का भुगतान, लेकिन नाली गायब?
सरकारी रिकॉर्ड में खर्च दर्ज, ग्रामीण बोले—बरसात में घरों में भर रहा पानी; डीएम के आदेश के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
स्थान: ग्राम पंचायत सिकरी (बेलहसा), विकास खंड इटवा, जनपद सिद्धार्थनगर
रिकॉर्ड एक कहानी बयां कर रहे हैं, जबकि ग्रामीण दूसरी। सिद्धार्थनगर के इटवा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत सिकरी (बेलहसा) में नाली निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्राम पंचायत की कैश बुक में ₹54,441 के भुगतान का उल्लेख है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि धरातल पर नाली का निर्माण पूरा नहीं हुआ। शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंचने और जांच के निर्देश दिए जाने के बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सरकारी कागजों में भुगतान, जमीन पर सवाल
ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के अनुसार 05 फरवरी 2026 को परशुराम के घर से तालाब तक नाली निर्माण के नाम पर ₹54,441 का भुगतान दर्ज है। वहीं, मौके की तस्वीरें और ग्रामीणों के आरोप यह सवाल खड़ा करते हैं कि यदि भुगतान हुआ तो कार्य पूरा क्यों नहीं दिख रहा?
ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी नाली को तोड़ दिया गया, लेकिन नई नाली का निर्माण नहीं कराया गया। आरोप है कि कुछ स्थानों पर मिट्टी डालकर जल निकासी का रास्ता भी बाधित कर दिया गया, जिससे बरसात में पानी लोगों के घरों और रास्तों में भर रहा है।
शिकायत पहुंची डीएम तक, फिर भी समाधान का इंतजार
ग्रामीणों ने 08 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच की मांग की। ग्रामीणों का दावा है कि जांच के निर्देश भी दिए गए, लेकिन अब तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई और न ही किसी जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी मिली है।

ग्रामीणों के प्रमुख सवाल
जब भुगतान दर्ज है तो निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ?
यदि कार्य अधूरा है तो भुगतान किस आधार पर हुआ?
जांच के निर्देश के बाद भी कार्रवाई में देरी क्यों?
बरसात में जलभराव की समस्या का जिम्मेदार कौन?
प्रशासन से ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा अधूरी नाली का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाए।
FT NEWS DIGITAL की अपील
FT NEWS DIGITAL किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी नहीं ठहराता। यह समाचार ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों, शिकायत पत्र और स्थानीय लोगों के आरोपों पर आधारित है। संबंधित ग्राम प्रधान, सचिव, खंड विकास अधिकारी या अन्य संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

सारांश
₹54,441 भुगतान का रिकॉर्ड सामने आया।
ग्रामीणों ने नाली निर्माण अधूरा होने का आरोप लगाया।
बरसात में जलभराव से लोगों को परेशानी।
डीएम को शिकायत और जांच की मांग।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और शीघ्र समाधान की अपेक्षा।
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