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घर में नागिन के अंडों से निकले 31 सांप! पूरे गांव में दहशत, देखने उमड़ी भीड़

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सिद्धार्थनगर के बढ़नी क्षेत्र में एक परिवार के घर से लगातार निकल रहे सांपों का आखिरकार राज खुल गया। घर के भीतर नागिन द्वारा दिए गए अंडों से अब तक 31 सांप निकलने की पुष्टि होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर निगरानी शुरू कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

सिद्धार्थनगर।

जनपद के बढ़नी क्षेत्र स्थित एक गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक घर से लगातार छोटे-छोटे सांप निकलने लगे। शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन जब रोजाना सांप दिखाई देने लगे तो ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची टीम ने जांच की तो पता चला कि घर के सुरक्षित हिस्से में एक नागिन ने अंडे दिए थे। इन्हीं अंडों से अब तक 31 सांप निकल चुके हैं।

घटना के बाद आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। हर कोई इस अनोखी घटना को अपनी आंखों से देखने के लिए पहुंचने लगा। वहीं, परिवार के सदस्य भय के कारण घर में रहने से भी घबरा रहे हैं।

वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर लोगों से अपील की है कि किसी भी सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास न करें। यदि कहीं सांप दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

विशेषज्ञों के अनुसार बरसात का मौसम सांपों के प्रजनन का समय होता है। मादा सांप सुरक्षित और शांत स्थान पर अंडे देती है। अनुकूल वातावरण मिलने पर एक साथ बड़ी संख्या में बच्चे निकल सकते हैं। इसी कारण घर से लगातार सांप निकलने की घटना सामने आई।

फिलहाल वन विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। आसपास के लोगों को भी घरों की नियमित सफाई करने, झाड़ियों और कबाड़ को हटाने तथा बच्चों को सतर्क रखने की सलाह दी गई है।


क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

बरसात सांपों के प्रजनन का प्रमुख मौसम माना जाता है।

मादा सांप सुरक्षित स्थान पर अंडे देती है।

एक बार में कई अंडों से लगभग एक साथ बच्चे निकल सकते हैं।

सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं, सुरक्षित दूरी बनाएं।

तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

संपादकीय टिप्पणी

यह घटना जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही सावधानी बरतने की भी जरूरत है। अफवाहों से बचें, सांपों को लेकर अंधविश्वास न फैलाएं और केवल अधिकृत अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की सलाह का पालन करें। बरसात के मौसम में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

(यह समाचार उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और संबंधित विभागों द्वारा साझा तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार की अपुष्ट या अंधविश्वास आधारित जानकारी को शामिल नहीं किया गया है।)

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