दो स्कूलों में लगातार चोरी से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, तीन दिन में दूसरी वारदात से शिक्षक और ग्रामीण चिंतित
स्कूलों के रसोईघर बने निशाना, गैस सिलेंडर चोरी होने से पुलिस के सामने खुलासे की चुनौती
स्थान : बर्डपुर/सिद्धार्थनगर
मुख्य बिंदु
तीन दिन के भीतर दो सरकारी विद्यालयों में चोरी।
दोनों मामलों में रसोईघर का ताला तोड़कर गैस सिलेंडर चोरी।
शिक्षकों और ग्रामीणों में बढ़ी चिंता।
पुलिस से शीघ्र खुलासे और सुरक्षा बढ़ाने की मांग।
सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालय लगातार चोरों के निशाने पर दिखाई दे रहे हैं। तीन दिनों के भीतर दो अलग-अलग विद्यालयों में रसोईघर का ताला तोड़कर गैस सिलेंडर चोरी होने की घटनाओं ने विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हुई इन वारदातों के बाद शिक्षक और ग्रामीणों में चिंता का माहौल है, जबकि पुलिस से शीघ्र खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
ताजा मामला कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मिश्रौलिया का है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार गुरुवार सुबह स्कूल पहुंचने पर रसोईघर का ताला टूटा मिला। जांच करने पर गैस सिलेंडर गायब पाया गया। इसके बाद विद्यालय की ओर से पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की गई।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्याम नारायण ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है और चोरी का खुलासा करने तथा जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इससे पहले 27 जुलाई की रात चिल्हिया थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रमवापुर में भी इसी तरह रसोईघर का ताला तोड़कर दो गैस सिलेंडर चोरी किए गए थे। दोनों विद्यालयों के बीच लगभग दो किलोमीटर की दूरी बताई जा रही है। लगातार सामने आई इन घटनाओं से विद्यालयों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों और शिक्षकों ने विद्यालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, रात्रि गश्त बढ़ाने तथा घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है।
पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। चोरी की घटनाओं के संबंध में आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही कारणों और जिम्मेदार व्यक्तियों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संपादकीय टिप्पणी
विद्यालय शिक्षा के मंदिर माने जाते हैं। यदि लगातार सरकारी स्कूल ही चोरों के निशाने पर आने लगें, तो यह केवल संपत्ति की चोरी का मामला नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता का संकेत भी है। ऐसे मामलों में त्वरित जांच, नियमित रात्रि गश्त और विद्यालय परिसरों की सुरक्षा मजबूत करना आवश्यक है।
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