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प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों ने डीएम को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन, ₹5 लाख बीमा और RTE भुगतान की उठाई मांग

नौगढ़ (सिद्धार्थनगर) | संवाददाता

सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के पदाधिकारियों एवं निजी विद्यालय संचालकों ने जिलाधिकारी (डीएम) को 10 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने निजी विद्यालयों के समक्ष उत्पन्न आर्थिक एवं प्रशासनिक समस्याओं को प्रमुखता से रखते हुए शिक्षकों के सामाजिक सुरक्षा, आरटीई प्रतिपूर्ति और विद्यालयों के सुचारु संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि निजी विद्यालय ग्रामीण एवं दूरदराज़ क्षेत्रों में शिक्षा की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यदि इन समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ₹5 लाख बीमा की मांग

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए ₹5 लाख के स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा की रही। संघ का कहना है कि सीमित वेतन पर कार्य करने वाले हजारों शिक्षक समाज के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

RTE प्रतिपूर्ति राशि तत्काल जारी करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रतिपूर्ति राशि के शीघ्र भुगतान की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि कई सत्रों से बकाया भुगतान लंबित होने के कारण छोटे एवं मध्यम स्तर के निजी विद्यालय आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। साथ ही RTE पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर कर पारदर्शी एवं सरल व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई।

ज्ञापन की प्रमुख 10 मांगें

निजी विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को ₹5 लाख का स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा।

RTE के तहत लंबित प्रतिपूर्ति राशि का शीघ्र एवं पारदर्शी भुगतान।

विद्यालय मान्यता नवीनीकरण तथा NOC प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।


  1.  पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान।

अनावश्यक निरीक्षण एवं उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।

निजी विद्यालयों को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जाए।

स्कूली वाहनों से जुड़े फिटनेस एवं कर नियमों में व्यावहारिक राहत दी जाए।

शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए।

प्रशासन एवं निजी विद्यालयों के बीच नियमित संवाद के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया जाए।

सरकारी शिक्षा एवं आधारभूत ढांचा योजनाओं का लाभ निजी विद्यालयों को भी प्रदान किया जाए।

प्रशासन ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन

ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी सभी मांगें शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों के हित में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर निजी विद्यालयों की समस्याओं का समाधान करेगा।

जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना, ज्ञापन स्वीकार किया तथा संबंधित बिंदुओं पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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