“10 साल से बदहाल सड़क पर फूटा जनाक्रोश, डीएम की चौखट पहुंची जनता; तत्काल निर्माण की उठी मांग”
10 वर्षों से बदहाल सड़क पर फूटा जनाक्रोश, डीएम की चौखट पहुंची कांग्रेस; आजाद नगर–बेलसड़ रोड के शीघ्र निर्माण की उठी मांग

स्थान: आजाद नगर–बेलसड़ रोड, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर
मामला: वर्षों से जर्जर सड़क और अधूरा निर्माण कार्य
कार्रवाई: जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
मुख्य मांग: तत्काल निर्माण, देरी की जांच, जिम्मेदारी तय करने और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था

सिद्धार्थनगर। विकास के दावों के बीच नगर की एक प्रमुख सड़क की बदहाली को लेकर लोगों का आक्रोश अब प्रशासन की चौखट तक पहुंच गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि आजाद नगर–बेलसड़ रोड का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इसे जनसुरक्षा और जनहित से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।

सारांश
जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन।
सड़क निर्माण में वर्षों की देरी का लगाया आरोप।
बरसात में जलभराव और कीचड़ से हजारों लोगों के प्रभावित होने का दावा।
मेडिकल कॉलेज सहित कई महत्वपूर्ण संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाई का उल्लेख।
निर्माण में देरी की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग।
विस्तृत समाचार
नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर क्षेत्र की आजाद नगर–बेलसड़ रोड की बदहाल स्थिति को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पर जिला उपाध्यक्ष सादिक अहमद सहित कई पदाधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह मार्ग आजाद नगर, सरोजनी नगर और आसपास के कई मोहल्लों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से मेडिकल कॉलेज सहित कई आवश्यक संस्थानों तक आवागमन होता है। इसके बावजूद सड़क लंबे समय से जर्जर अवस्था में है और निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।
ज्ञापन के अनुसार, बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, मरीजों और आम नागरिकों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क की स्थिति इतनी खराब बताई गई है कि पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण का शुभारंभ तो किया गया, लेकिन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा नहीं हुआ। उनका दावा है कि कुछ स्थानों पर प्रारंभिक कार्य के बाद निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे समस्या और बढ़ गई।
डीएम से की गई प्रमुख मांगें
ज्ञापन में मांग की गई है कि—
सड़क निर्माण कार्य युद्धस्तर पर तत्काल शुरू कराया जाए।
निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
निर्माण पूरा होने तक आम जनता के लिए सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जाए।
निर्माण कार्य की नियमित निगरानी कर समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए।
जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, जिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर शिकायतों को गंभीरता से लेने का भरोसा दिया और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कराने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक पक्ष
समाचार लिखे जाने तक नगर पालिका परिषद अथवा संबंधित विभाग की ओर से ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
जनहित का सवाल
बरसात के मौसम में बदहाल सड़कें केवल असुविधा का कारण नहीं, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती हैं। अब क्षेत्रीय नागरिकों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वर्षों से लंबित इस समस्या का समाधान आखिर कब तक होगा।
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