बरसात बनी मासूम की मौत का सबब! छत पर गई 10 वर्षीय राधा की संदिग्ध मौत
बरसाती मौसम बना मासूम की मौत का कारण? छत पर गई 10 वर्षीय बालिका की संदिग्ध मौत, परिजनों ने सर्पदंश की जताई आशंका; पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
घटना: संदिग्ध परिस्थितियों में 10 वर्षीय बालिका की मौत
मृतका: राधा (10 वर्ष), पुत्री दुर्बली
स्थान: ग्राम सुकरौली, थाना शिवनगर तिवारी, जनपद सिद्धार्थनगर
समय: रविवार शाम लगभग 6:00 बजे
स्थिति: परिजनों ने सर्पदंश की आशंका जताई, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृत्यु का वास्तविक कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बरसात का मौसम अपने साथ जहां राहत लेकर आता है, वहीं लापरवाही और प्राकृतिक खतरों के कारण कई परिवारों के लिए यह दर्द और त्रासदी का कारण भी बन जाता है। सिद्धार्थनगर जनपद के ग्राम सुकरौली में रविवार शाम एक ऐसा ही हृदयविदारक हादसा सामने आया, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। महज 10 वर्ष की मासूम राधा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बच्ची को छत पर किसी जहरीले जीव, संभवतः सांप ने काट लिया था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
विस्तृत समाचार
थाना शिवनगर तिवारी क्षेत्र के ग्राम सुकरौली निवासी दुर्बली की 10 वर्षीय पुत्री राधा रविवार शाम लगभग छह बजे घर की छत पर किसी घरेलू कार्य से गई थी। परिजनों के अनुसार, कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार को आशंका है कि बच्ची को किसी जहरीले जीव ने काट लिया था। आनन-फानन में उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चे की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मृतका के पिता दुर्बली ने पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने नहीं आई थी, इसलिए मृत्यु का वास्तविक कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बरसात में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में सांप और अन्य जहरीले जीव अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और कई बार घरों की छत, आंगन, लकड़ी, भूसे, झाड़ियों तथा जलभराव वाले स्थानों में पहुंच जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है।
जनहित में अपील
यदि किसी व्यक्ति को सांप या किसी जहरीले जीव के काटने की आशंका हो तो समय बर्बाद न करें। झाड़-फूंक, टोना-टोटका या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल निकटतम सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल पहुंचें। समय पर चिकित्सकीय उपचार से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बरसात के मौसम में छोटी-सी सावधानी भी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जारी की जा रही सावधानियों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
रिपोर्ट: विजय पाल चतुर्वेदी
FT News Digital
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