सिद्धार्थनगर के होनहार डॉ. रंबित चंद्र द्विवेदी का SGPGI लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन, जिले का बढ़ाया मान
सिद्धार्थनगर के होनहार डॉ. रंबित चंद्र द्विवेदी का SGPGI लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन, जिले का बढ़ाया मान

गौतम बुद्ध की जन्मस्थली सिद्धार्थनगर की प्रतिभा ने फिर बिखेरी चमक, कठिन चिकित्सा शिक्षा और जनसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे युवा चिकित्सक

सिद्धार्थनगर/लखनऊ। प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प जब एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो सफलता की नई इबारत लिखी जाती है। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के निवासी युवा चिकित्सक डॉ. रंबित चंद्र द्विवेदी ने अपनी शैक्षणिक यात्रा और चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ते कदमों से जिले को गौरवान्वित किया है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI), लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उनके चयन की खबर से परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।

संस्थान की ओर से 8 अक्टूबर 2026 को जारी चयन संबंधी परिपत्र के अनुसार, डॉ. रंबित चंद्र द्विवेदी का चयन ट्रॉमा सर्जरी विभाग में संविदा आधार पर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए किया गया है। जारी दस्तावेज में उन्हें चयनित अभ्यर्थियों की सूची में शामिल किया गया है। परिपत्र के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों को 22 अक्टूबर 2026 तक कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है। यह उपलब्धि उनके चिकित्सा करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
सरस्वती विद्या मंदिर से शुरू हुआ सफर, KGMU तक पहुंची प्रतिभा
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. रंबित चंद्र द्विवेदी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सिद्धार्थनगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर से प्राप्त की। हाईस्कूल की पढ़ाई के बाद उन्होंने गोरखपुर के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ से एमबीबीएस और एमएस की पढ़ाई की।
चिकित्सा के चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए निरंतर अध्ययन, अनुशासन और व्यावहारिक दक्षता की आवश्यकता होती है। परिवार के अनुसार, डॉ. द्विवेदी ने स्वाध्याय और कठिन परिश्रम को अपनी तैयारी का महत्वपूर्ण आधार बनाया। उनकी शैक्षणिक यात्रा उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने का सपना देखते हैं।
ट्रॉमा सर्जरी के क्षेत्र में नई जिम्मेदारी
SGPGI जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में ट्रॉमा सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। ट्रॉमा सर्जरी में दुर्घटनाओं, गंभीर चोटों और आपातकालीन परिस्थितियों में घायल मरीजों के उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं।
डॉ. द्विवेदी की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ सिद्धार्थनगर के उन लोगों में भी उत्साह है, जो जिले की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों में आगे बढ़ते देखना चाहते हैं। हालांकि, उनकी पेशेवर उपलब्धियों और भविष्य की जिम्मेदारियों का वास्तविक आकलन उनके संस्थागत दायित्वों तथा चिकित्सा कार्यों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
परिवार का सहयोग और समाजसेवा की प्रेरणा
परिवार के अनुसार, डॉ. रंबित चंद्र द्विवेदी के पिता रमेश चंद्र द्विवेदी फार्मासिस्ट हैं। परिवार ने उनकी शिक्षा और करियर की यात्रा में सहयोग दिया है। उनकी बड़ी बहन शुभांगी द्विवेदी भी उन्हें जनपद के लोगों की सहायता और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील बने रहने के लिए प्रेरित करती हैं।
शुभांगी द्विवेदी का कहना है कि चिकित्सा का उद्देश्य केवल पेशेवर उन्नति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और मानवीय संवेदना भी इसका अभिन्न हिस्सा हैं। उनके अनुसार, “दरिद्र नारायण की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।”
परिवार का कहना है कि वे चाहते हैं कि डॉ. द्विवेदी अपनी व्यस्त चिकित्सकीय जिम्मेदारियों के बीच भी अपने गृह जनपद के लोगों की यथासंभव सहायता करते रहें। यह भावना समाज में चिकित्सा सेवा के मानवीय पक्ष को रेखांकित करती है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है यह उपलब्धि
सिद्धार्थनगर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद है, जिसे गौतम बुद्ध की जन्मस्थली के रूप में विश्वभर में जाना जाता है। ऐसे जिले के एक युवा का देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में महत्वपूर्ण शैक्षणिक पद पर चयन स्थानीय युवाओं के लिए उत्साहवर्धक संदेश है।
डॉ. रंबित चंद्र द्विवेदी की यात्रा यह प्रेरणा देती है कि शिक्षा, निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने के अवसर तलाशे जा सकते हैं। उनकी उपलब्धि पर परिवार और शुभचिंतकों की ओर से बधाइयां दी जा रही हैं।
जिले की प्रतिभाओं का राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ना तभी व्यापक सामाजिक उपलब्धि बनता है, जब उससे शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े, युवा चिकित्सा एवं अन्य क्षेत्रों में आगे आने के लिए प्रेरित हों और समाज में सेवा की भावना मजबूत हो।
FT News Digital की ओर से डॉ. रंबित चंद्र द्विवेदी को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं। आशा है कि वे अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान, संवेदनशीलता और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ेंगे।
उपलब्धि एक नजर में
– नाम: डॉ. रंबित चंद्र द्विवेदी
– गृह जनपद: सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश
– स्कूली शिक्षा: सरस्वती विद्या मंदिर, सिद्धार्थनगर
– इंटरमीडिएट: महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, गोरखपुर
– चिकित्सा शिक्षा: एमबीबीएस एवं एमएस, KGMU, लखनऊ — परिवार से प्राप्त जानकारी के अनुसार
– वर्तमान उपलब्धि: SGPGI, लखनऊ में ट्रॉमा सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर संविदा आधार पर चयन
– चयन संबंधी परिपत्र: 8 अक्टूबर 2026
संपादकीय टिप्पणी:
नियुक्ति की प्रकृति और पदनाम संस्थान के जारी परिपत्र के अनुरूप रखे गए हैं। अन्य संस्थानों में चयन, पुरस्कारों, विशेष ऑपरेशनों तथा अतिरिक्त विशेषज्ञता से जुड़े दावों को संबंधित प्रमाण मिलने पर अलग से शामिल किया जा सकता है।
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