बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों में विवाद, मारपीट के आरोप से मचा हड़कंप
FT NEWS DIGITAL | न्यूज़ पोर्टल स्पेशल रिपोर्ट
सड़क हादसे में घायल मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर बढ़ा विवाद, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने का दावा, पुलिस हस्तक्षेप के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में सड़क हादसे में घायल एक मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने को लेकर तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। विवाद बढ़ने पर मारपीट के आरोप लगाए गए। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात भी सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार सीसीटीवी फुटेज भी सुरक्षित किए गए हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज का नेहरू अस्पताल एक बार फिर विवाद को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला किसी उपचार प्रक्रिया को लेकर नहीं, बल्कि एक मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने की मांग और तीमारदारों-जूनियर डॉक्टरों के बीच हुए विवाद से जुड़ा है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला इतना बढ़ा कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
क्या हुआ था?
मिली जानकारी के अनुसार सिद्धार्थनगर क्षेत्र के रहने वाले करीब 45 वर्षीय उमाकांत चौधरी सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर किया गया।
बताया गया कि नेहरू अस्पताल के मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड में उनका उपचार चल रहा था। मंगलवार रात करीब 12 बजे उपचार के दौरान मरीज की मौत हो गई।
मरीज की मौत के बाद परिजनों और अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों के बीच पोस्टमार्टम को लेकर मतभेद की स्थिति बनने की बात सामने आई। परिजनों की ओर से पोस्टमार्टम की मांग किए जाने की जानकारी दी गई है।
इसी दौरान विवाद बढ़ गया और तीमारदारों तथा जूनियर डॉक्टरों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट के आरोप लगाए गए। घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने की बात सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर विवाद की स्थिति दिखाई दे रही है।
पुलिस के पहुंचने के बाद संभली स्थिति
विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
मामले में पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया संबंधित नियमों के अनुसार किए जाने की बात सामने आई है।
प्रशासन ने क्या कहा?
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अशोक यादव के अनुसार, घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि सीसीटीवी फुटेज भी निकाला गया है और जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यानी फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है और जांच पूरी होने का इंतजार है।
अब जांच पर टिकी निगाह
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अस्पताल परिसर में विवाद की शुरुआत किस परिस्थिति में हुई और मारपीट की स्थिति आखिर क्यों बनी। इसका जवाब अब जांच समिति की रिपोर्ट और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज से मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
सारांश
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सड़क हादसे में घायल मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद सामने आया। मारपीट के आरोप लगाए गए और घटना का वीडियो प्रसारित होने की बात कही गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। कॉलेज प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कराई है।
सवाल सिर्फ विवाद का नहीं
अस्पताल में मरीज की मौत किसी भी परिवार के लिए बेहद संवेदनशील क्षण होता है। ऐसे समय में चिकित्सकीय प्रक्रिया, परिजनों की शंकाओं और अस्पताल प्रशासन के बीच संवाद बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
दूसरी ओर, अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी भी पक्ष द्वारा कानून हाथ में लेना उचित नहीं है। इस मामले में भी आरोपों के बजाय सीसीटीवी, वीडियो और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर तथ्य सामने आना जरूरी है। दोषी जो भी हो, कार्रवाई तथ्यों और कानून के अनुसार होनी चाहिए।
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