5 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम प्रधानों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा पंचायत उप निदेशक के पास।
सिद्धार्थनगर में ग्राम प्रधानों के प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर उप निदेशक पंचायत को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विकास कार्यों की स्वीकृति, लंबित भुगतान, मानदेय सहित पंचायतों से जुड़े कई मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
सारांश
नए विकास कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की मांग।
लंबित विकास कार्यों के भुगतान को जल्द जारी करने का अनुरोध।
मानदेय एवं पंचायत संचालन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग।
पंचायतों को पर्याप्त संसाधन एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की अपील।
उप निदेशक पंचायत ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सिद्धार्थनगर। जनपद मुख्यालय पर ग्राम प्रधानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत विभाग से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर उप निदेशक पंचायत को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि पंचायत स्तर पर कई महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रशासनिक स्वीकृति, भुगतान और संसाधनों की कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से ग्राम पंचायतों में नए विकास कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति शीघ्र प्रदान करने, पूर्व में पूर्ण कराए गए कार्यों का लंबित भुगतान जारी करने तथा पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय से जुड़े मामलों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि पर्याप्त बजट और संसाधनों के अभाव में कई जनहित के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए पंचायतों को आवश्यक वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
उप निदेशक पंचायत ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से प्रस्तुत मांगों को सुना और उपलब्ध जानकारी के अनुसार नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र के नेतृत्व में ताकिब रिजवी, राघवेंद्र मिश्र, प्रदीप चौरसिया, व्यास पाण्डेय, प्रदीप चौधरी, अरविंद तिवारी, प्रभु यादव, बबलू चौबे, पारस यादव, शिवेंद्र दुबे, सोनू यादव और यशोदानंदन सहित अन्य ग्राम प्रधान एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: अबरार खान | FT News Digital
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