पशुपालकों के लिए लगा पशु आरोग्य मेला, 249 पशुओं का हुआ निःशुल्क उपचार; 1962 एंबुलेंस सेवा की दी गई जानकारी
नौगढ़ के शिवपतिनगर स्थित काशीपुर में आयोजित हुआ पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेला, 46 पशुपालकों ने लिया हिस्सा; पशुधन बीमा से लेकर नस्ल सुधार तक की दी गई जानकारी

सिद्धार्थनगर। पशुपालन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और पशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत नौगढ़ विकासखंड के शिवपतिनगर ग्रामसभा अंतर्गत काशीपुर टोला में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। पशु चिकित्सालय नौगढ़ सदर की ओर से आयोजित इस मेले में 46 पशुपालकों ने सहभागिता की। इस दौरान गाय, भैंस और बकरियों समेत कुल 249 पशुओं का निःशुल्क उपचार किया गया तथा पशुपालकों को पशुपालन विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया।

मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजेश मिश्रा ने गौपूजन और फीता काटकर किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्र पंचायत सदस्य करीम खां उपस्थित रहे। उद्घाटन के बाद उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राज बहादुर यादव एवं पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान ने की, जबकि संचालन पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति ने किया।
मेले को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजेश मिश्रा ने कहा कि पशु आरोग्य मेला सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को एक ही स्थान पर पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने पशुपालकों से अपने पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने की अपील की।

उन्होंने विशेष रूप से पशुओं के हीट में आने के बाद वैज्ञानिक विधि से कृत्रिम गर्भाधान कराने पर जोर दिया, जिससे नस्ल सुधार और पशुपालन की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल सके।
पशुधन बीमा और दुग्ध प्रोत्साहन योजना की दी जानकारी
उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राज बहादुर यादव ने पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पशुधन बीमा योजना, मुख्यमंत्री दुग्ध प्रोत्साहन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना और नस्ल सुधार योजना के लाभों के बारे में पशुपालकों को बताया।
उन्होंने कहा कि पशुपालन को व्यवस्थित और लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी होना जरूरी है। पशुपालकों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने के प्रति भी जागरूक किया गया।
अब पशुओं के इलाज के लिए 1962 पर करें कॉल
पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति ने पशुपालकों को पशुपालन विभाग की मोबाइल पशु चिकित्सा एंबुलेंस सेवा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुओं के उपचार के लिए टोल फ्री नंबर 1962 के माध्यम से एंबुलेंस सेवा संचालित की जाती है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की जानकारी देते हुए बताया कि गोआश्रय स्थलों से गोवंश को गोद लेकर उनका पालन-पोषण करने वाले पात्र पशुपालकों को सरकार की ओर से 1,500 रुपये प्रतिमाह प्रति गोवंश की सहायता दिए जाने का प्रावधान है।
249 पशुओं को मिला निःशुल्क उपचार, 99 बड़े और 150 छोटे पशु शामिल
पशु आरोग्य मेले में कुल 46 पशुपालकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान पशुपालन विभाग की टीम ने कुल 249 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार करते हुए निःशुल्क दवाओं का वितरण किया। इनमें 99 बड़े पशु यानी गाय और भैंस तथा 150 छोटे पशु यानी बकरियां शामिल रहीं।
मेले में पशुपालकों को पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, समय पर उपचार, वैज्ञानिक तरीके से प्रजनन और बेहतर देखभाल के संबंध में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी
आयोजन के दौरान पशुपालन विभाग की ओर से उमेश पांडेय, अभय यादव, चंदजीत, अशोक चौधरी, श्रेयांश मौर्य एवं महेंद्र पाल सहित विभागीय कर्मी मौजूद रहे। इसके अलावा विशंभर, मगरू समेत क्षेत्र के तमाम ग्रामीण और पशुपालकों ने मेले में सहभागिता की।
नौगढ़ विकासखंड के शिवपतिनगर ग्रामसभा स्थित काशीपुर में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेले में 46 पशुपालकों की सहभागिता के साथ 249 पशुओं का निःशुल्क उपचार किया गया। कार्यक्रम में पशुधन बीमा, दुग्ध प्रोत्साहन, किसान क्रेडिट कार्ड, नस्ल सुधार, सहभागिता योजना और 1962 पशु एंबुलेंस सेवा के बारे में जानकारी दी गई।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेती-किसानी के साथ पशुपालन लाखों परिवारों की आजीविका का आधार बना हुआ है। ऐसे में गांवों तक पशु चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच, समय पर उपचार और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी बेहद जरूरी है।
काशीपुर में आयोजित पशु आरोग्य मेला इस दिशा में एक उपयोगी पहल है। हालांकि, योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब मेले में मिली जानकारी का लाभ पशुपालकों को नियमित रूप से मिले और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय से चिकित्सा एवं विभागीय सहायता उपलब्ध हो।
FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर
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