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प्रशिक्षण की थाली में परोसा जा रहा बासी खाना। कर्मचारियों ने उठाए सवाल। तहसीलदार ने दिया आश्वासन 

महामाया पॉलिटेक्निक में दूसरे चरण की ट्रेनिंग के दौरान खाने को लेकर असंतोष, तहसीलदार ने जांच का दिया भरोसा

बांसी (सिद्धार्थनगर)। मतगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य की तैयारी के लिए चल रहे प्रशिक्षण में अब भोजन की व्यवस्था चर्चा का विषय बन गई है। बांसी के महामाया पॉलिटेक्निक कॉलेज में द्वितीय चरण के प्रशिक्षण में शामिल कर्मचारियों ने परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध कराया जा रहा खाना उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा है। बाहर से पैक कराकर मंगाए जा रहे भोजन के ताजा नहीं होने और बासी मिलने की शिकायत भी की गई है। कर्मियों के अनुसार खाने में मटर की दाल, कच्चा चावल, सड़ी आलू की सब्जी मिल रही है और ठंडी पकौड़ी मिल रही है।

प्रशिक्षणार्थियों ने पहले और दूसरे चरण की व्यवस्था में अंतर बताते हुए कहा कि पूर्व में कॉलेज परिसर में ही भोजन तैयार कराया जाता था। उस समय कर्मचारियों को गरम और ताजा खाना मिलता था, लेकिन इस बार बाहर से भोजन मंगाने की व्यवस्था की गई है। उनका आरोप है कि इस बदलाव का असर भोजन की गुणवत्ता पर पड़ा है। कर्मचारियों के बीच इसको लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

कर्मचारियों का कहना है कि निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रशिक्षण में शामिल होना उनकी ड्यूटी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में प्रशिक्षण स्थल पर भोजन जैसी आवश्यक सुविधा की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने व्यवस्था में तत्काल सुधार की जरूरत बताई है।

शिकायतों की हो रही जांच

भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठी शिकायतों पर तहसीलदार बांसी शेखर शुक्ला ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी प्रशिक्षण में कर्मचारियों को बेहतर, ताजा और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशिक्षणार्थियों की शिकायतों के बाद अब प्रशासन के सामने भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने की चुनौती है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि अगले चरण में उन्हें इस परेशानी से निजात मिलेगी।

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