माटीकला से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान: सिद्धार्थनगर में 6 उद्यमी सम्मानित, सांसद बोले- मिट्टी के उत्पादों को दें नई पहचान

माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, जनप्रतिनिधियों ने स्वरोजगार और नवाचार पर दिया जोर

सिद्धार्थनगर के विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित माटीकला जागरूकता कार्यक्रम (माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा) में माटीकला से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में छह लाभार्थियों को सम्मानित किया गया तथा स्वरोजगार, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया गया।

सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की विपणन विकास सहायता एवं प्रचार-प्रसार योजना के अंतर्गत आयोजित माटीकला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल ने की। इस अवसर पर बांसी विधायक जय प्रताप सिंह, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन तथा मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह द्वारा अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत करने से हुई।
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि माटीकला से जुड़ी पारंपरिक कला एक समय समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और माटीकला बोर्ड के माध्यम से इसे नया जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि मिट्टी से बने उत्पाद अब देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंच रहे हैं। सरकार टूलकिट, प्रशिक्षण और ऋण जैसी योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और माटीकला उद्योग से जुड़ने की अपील की।
बांसी विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि माटीकला बोर्ड के गठन के बाद कुम्हार समुदाय को नई पहचान मिली है। प्रशिक्षण, मिट्टी की उपलब्धता और ऋण सुविधा के जरिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ माटीकला उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि सरकार की योजनाओं से पारंपरिक कारीगरों का मनोबल बढ़ा है और बैंकिंग सहायता के माध्यम से वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने माटीकला से जुड़े सभी उद्यमियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने माटीकला बोर्ड से जुड़े छह लाभार्थियों को सम्मानित किया। अंत में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गंगाधर दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में माटीकला उद्यमी उपस्थित रहे।
सारांश
माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
सांसद, विधायक, डीएम और सीडीओ की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम।
माटीकला से जुड़े 6 लाभार्थियों का सम्मान।
प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण और स्वरोजगार योजनाओं पर दिया गया जोर।
पारंपरिक माटीकला को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भरता का संदेश।
मुख्य बिंदु
स्थान: अंबेडकर सभागार, विकास भवन, सिद्धार्थनगर
आयोजन: उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड
6 लाभार्थी हुए सम्मानित
,स्वरोजगार प्रशिक्षण और ऋण योजनाओं की दी गई जानकारी
जनप्रतिनिधियों ने माटीकला को बढ़ावा देने का किया आह्वान
टिप्पणी
माटीकला केवल एक पारंपरिक कला नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम कारीगरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

