240 किमी रेल परियोजना से बदलेगी पूर्वांचल की तस्वीर, वत्सा स्टेशन का सांसद जगदंबिका पाल ने किया निरीक्षण

वत्सा/खेसरहा, सिद्धार्थनगर। पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देने वाली संतकबीरनगर–बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के तहत निर्माणाधीन वत्सा रेलवे स्टेशन का सांसद जगदंबिका पाल ने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए!

सांसद ने रेलवे अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से परियोजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि यह केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति का आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।

इसके बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि लगभग 240 किलोमीटर लंबी संतकबीरनगर से बहराइच तक की नई रेल लाइन पूर्वांचल के विकास की नई इबारत लिखेगी। इस परियोजना से किसानों, व्यापारियों, युवाओं और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा रोजगार और व्यापार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और यह महत्वाकांक्षी रेल परियोजना उसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। सांसद ने दावा किया कि डुमरियागंज संसदीय क्षेत्र में सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं, जिनका लाभ आमजन तक पहुंच रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि वत्सा रेलवे स्टेशन और नई रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा विकास को नई दिशा और नई गति मिलेगी।
परियोजना की बड़ी बातें
▪ 240 किमी लंबी संतकबीरनगर–बहराइच नई रेल लाइन।
▪ वत्सा रेलवे स्टेशन निर्माण कार्य का निरीक्षण।
▪ गुणवत्ता और समयबद्धता पर सांसद ने दिया जोर।
▪ किसानों, व्यापारियों और युवाओं को मिलेगा लाभ।
▪ पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति।
सारांश
सांसद जगदंबिका पाल ने वत्सा में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन और नई रेल लाइन परियोजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 240 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना पूर्वांचल के आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक विकास की मजबूत आधारशिला साबित होगी।

