मनरेगा अनियमितता पर डीएम का बड़ा प्रहार, हरैया के प्रशासक हटाए गए
डीएम का बड़ा एक्शन: हरैया ग्राम पंचायत के प्रशासक पद से अब्दुल कयूम हटाए गए, मनरेगा अनियमितता मामले में कार्रवाई

मनरेगा कार्यों में वित्तीय अनियमितता की जांच के बाद पहले वसूली का आदेश, धनराशि जमा न होने पर जिलाधिकारी ने प्रशासक पद से हटाया। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) जोगिया को नया प्रशासक नामित किया गया।
सिद्धार्थनगर। जनपद के जोगिया विकासखंड अंतर्गत हरैया ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों से जुड़े प्रकरण में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। जारी आदेश के अनुसार निवर्तमान ग्राम प्रधान एवं वर्तमान प्रशासक अब्दुल कयूम को प्रशासक पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत का प्रभार सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जोगिया को सौंप दिया गया है।
सिद्धार्थनगर जिले की हरैया ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। उपलब्ध आधिकारिक आदेश के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद संबंधित प्रकरण की जांच कराई गई, जिसमें कुछ कार्यों में वित्तीय विचलन पाए जाने का उल्लेख किया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अभिलेखों के अनुसार, अब्दुल कयूम ने अपने स्पष्टीकरण में आरोपों से असहमति जताते हुए प्राकृतिक परिस्थितियों और तकनीकी कारणों का हवाला दिया तथा अपने पक्ष में विभिन्न तर्क प्रस्तुत किए।
जिलाधिकारी द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं स्पष्टीकरण का परीक्षण किए जाने के बाद 18 जून 2026 को ₹28,245.19 की वसूली का आदेश पारित किया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि निर्धारित धनराशि जमा नहीं किए जाने के कारण आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
इसके बाद जिलाधिकारी ने हरैया ग्राम पंचायत के प्रशासक पद से अब्दुल कयूम को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी किया। साथ ही शासनादेशों के अनुरूप सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जोगिया को ग्राम पंचायत का नया प्रशासक नामित कर दिया गया।
जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि जांच में जिन बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, उनके संबंध में नियमानुसार आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
क्या है मामला?
शिकायत के आधार पर मनरेगा कार्यों की जांच कराई गई।
जांच में वित्तीय विचलन का उल्लेख किया गया।
संबंधित पक्ष से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया।
₹28,245.19 की वसूली का आदेश जारी हुआ।
धनराशि जमा न होने पर प्रशासक पद से हटाने की कार्रवाई की गई।
एडीओ (पंचायत) जोगिया को नया प्रशासक बनाया गया।
टिप्पणी (संपादकीय)
स्थानीय निकायों में विकास कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी मामले में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है। वहीं संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर देना भी प्राकृतिक न्याय का महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
कानूनी रूप से सुरक्षित नोट
यह समाचार जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश तथा उपलब्ध प्रशासनिक अभिलेखों पर आधारित है। समाचार में वर्णित कार्रवाई प्रशासनिक आदेश के अनुसार प्रस्तुत की गई है। किसी भी अंतिम दायित्व या आपराधिक उत्तरदायित्व का निर्धारण सक्षम न्यायालय अथवा विधिक प्रक्रिया के अधीन होगा।

