सिद्धार्थनगर में दर्दनाक हादसा: जर्जर पानी की टंकी बनी मौत का कारण, एक मासूम की जान गई
सीढ़ी टूटने से 100 फीट नीचे गिरे 3 बच्चे, 2 का इलाज जारी, 2 टंकी पर फंसे—रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सदर थाना क्षेत्र स्थित कांशीराम आवास योजना के पास बनी एक पुरानी और परित्यक्त पानी की टंकी अचानक हादसे का कारण बन गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह टंकी करीब दो दशक पहले ही अनुपयोगी घोषित की जा चुकी थी, बावजूद इसके वहां पर्याप्त सुरक्षा या घेराबंदी नहीं थी।
शनिवार दोपहर, 5 बच्चे खेलते हुए टंकी पर चढ़ गए। इनमें से 2 बच्चे ऊपर पहुंच गए, जबकि 3 बच्चे जैसे ही ऊपर पहुंचने वाले थे, तभी बीच की सीढ़ी अचानक टूटकर नीचे लटक गई। इसके बाद लगभग 100 फीट की ऊंचाई से तीन बच्चे नीचे गिर पड़े।
घटना की तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां 14 वर्षीय सिद्धार्थ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं 13 वर्षीय गोलू और 11 वर्षीय सनी का उपचार जारी है।
इस बीच, टंकी के ऊपर फंसे 2 अन्य बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए राहत और बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी शुरू कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है और समन्वय के साथ बचाव कार्य तेज किया गया है।
क्या इस परित्यक्त और जर्जर टंकी को सुरक्षित नहीं किया जाना चाहिए था?
क्या ऐसे खतरनाक ढांचे बच्चों की पहुंच में खुले छोड़ना बड़ी लापरवाही नहीं है?
फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है और पूरे मामले की जांच की बात कही जा रही है। यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि समय रहते खतरनाक संरचनाओं को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
— FT News Digital

