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MBBS छात्र हादसे की सुर्खियों में दब गया विपिन जायसवाल के परिवार का दर्द– होली के दिन धर्मशाला ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से गई थी जान

गोरखपुर : रंगों का पर्व होली आपसी भाईचारे और खुशियों का त्योहार माना जाता है, लेकिन कभी-कभी यही उत्सव लापरवाही और हुड़दंग की वजह से दर्दनाक हादसों में बदल जाता है। ऐसा ही एक हादसा 4 मार्च 2026 को गोरखपुर में हुआ, जिसमें एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।

होली के दिन कार की टक्कर से हुए थे घायल

4 मार्च 1996 को जन्मे विपिन कुमार जायसवाल को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि 4 मार्च 2026 का दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा। होली के दिन दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपने दोस्त सुमित श्रीवास्तव के साथ स्कूटी से धर्मशाला ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार मारुति वेगनर कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विपिन ओवरब्रिज से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके साथी सुमित श्रीवास्तव भी बुरी तरह घायल हो गए।

इलाज के दौरान चली गई विपिन की जान 

दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान विपिन कुमार जायसवाल ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया, जबकि घायल सुमित श्रीवास्तव का अभी भी इलाज चल रहा है।

उसी रात एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे की हुई थी मौत 

उसी दिन रात में चारफाटक मोहद्दीपुर इलाके में हुए एक अन्य सड़क हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे और उमेश शर्मा की मौत हो गई थी। आरोपी के एक राजनीतिक दल से जुड़े होने की वजह से यह मामला मीडिया में सुर्खियों में छाया रहा। लेकिन उसी दिन दोपहर धर्मशाला ओवरब्रिज पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले विपिन जायसवाल के परिवार की पीड़ा कहीं दबकर रह गई।

MBBS छात्र हादसे में दब गई विपिन की मौत

परिजनों का कहना है कि चारफाटक हादसे में मृतकों के परिवारों के घर जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे तथा सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा भी की गई, लेकिन विपिन जायसवाल के परिवार की सुध लेने वाला कोई नहीं पहुंचा। परिजनों के मुताबिक विपिन एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, शायद यही वजह रही कि उनकी मौत को लेकर न तो किसी अधिकारी ने संज्ञान लिया और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने परिवार से मिलकर सांत्वना दी।

घटना की निष्पक्ष जांच की मांग 

घटना के अगले दिन मृतक के पिता राजेंद्र कुमार जायसवाल की तहरीर पर शाहपुर थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक और उसके साथियों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि विपिन की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके।

परोई में गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य कलश यात्रा, सात दिवसीय श्री श्री शतचंडी महायज्ञ का हुआ शुभारंभ

परोई (ख़ेसरहा), सिद्धार्थनगर। परोई गांव में सात दिवसीय श्री श्री शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। गाजे-बाजे और जयघोष के बीच निकली यह कलश यात्रा पूरे गांव का भ्रमण करते हुए भुवही घाट पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र राप्ती नदी से जल भरकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

भुवही घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जल भराई

भुवही घाट पर पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महिलाओं और बच्चों ने श्रद्धा भाव से कलश में जल भरा। इसके बाद महिलाएं और बच्चे सिर पर कलश रखकर पुनः ग्राम परोई की ओर प्रस्थान किए। पूरे मार्ग में “जय माता दी” और धार्मिक भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

सात दिनों तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठान

आयोजकों के अनुसार, यह श्री श्री शतचंडी महायज्ञ सात दिनों तक चलेगा। प्रतिदिन प्रातःकाल यज्ञ और पूजन का कार्यक्रम होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।

दिन में कथा, रात में रामलीला का मंचन

महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन दिन में पंडित हेमंत तिवारी जी द्वारा धार्मिक कथा का वाचन किया जाएगा, जिसमें देवी महिमा और सनातन धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा।

वहीं रात्रि में भव्य रामलीला का मंचन होगा, जिससे क्षेत्र का धार्मिक वातावरण और अधिक सजीव हो उठेगा।

सामाजिक एकता और आस्था का संगम

ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन से न केवल आध्यात्मिक वातावरण बनता है, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता भी मजबूत होती है। सात दिवसीय इस महायज्ञ को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान सुरेंद्र पांडेय, आनंद पाण्डेय, कमलेश्वर पांडेय, हिमांशु पांडेय, बबलू पाण्डेय, रणजीत सिंह, भोला सिंह , परमहंस पाण्डेय, राजकुमार पाण्डेय तथा अन्य ग्रामीण शामिल रहें।

गोरखपुर में संघ शताब्दी वर्ष पर सामाजिक सद्भाव बैठक, सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने दिया एकता का संदेश

गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोरक्ष प्रांत की ओर से संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत रविवार को तारामंडल स्थित बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न जाति, समाज और पंथ के प्रमुख प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सामाजिक एकता और समरसता पर जोर दिया।

स्वार्थ का अपनापन टिकता नहीं है

अपने उद्बोधन में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि समाज वही है, जिसका परस्पर जुड़ाव हो। स्वार्थ पर आधारित संबंध स्थायी नहीं होते। उन्होंने कहा कि अन्य देशों में मनुष्य-मनुष्य का संबंध सौदे की तरह देखा जाता है, लेकिन भारत में संबंध अपनेपन पर आधारित हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे देश में विविधताएं हैं, अनेक रीति-रिवाज हैं, फिर भी समाज एक सूत्र में बंधा है। यही भारतीय संस्कृति की विशेषता है।

जीवन का सत्य भगवान हैं

सरसंघचालक ने कहा कि भारत विविधता में एकता का देश है क्योंकि यहां एक चैतन्य सबमें समान रूप से विद्यमान है, जिसे हम भगवान कहते हैं। भारत को हम माता मानते हैं।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग वेशभूषा, भाषा और रंग-रूप कभी अलगाव का कारण नहीं बनते। हमारी संस्कृति में नारी को वात्सल्य और सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। समाज का लक्ष्य जीवन के सत्य को जानना है और जीवन का सत्य भगवान हैं।

समान लक्ष्य और समान संस्कृति पर जोर

डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि समाज सद्भाव से चलता है। केवल कानून और पुलिस से समाज नहीं चल सकता। यदि समाज में सद्भावना नहीं होगी तो व्यवस्था टिक नहीं पाएगी।

उन्होंने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे होना उत्सव का विषय नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। ब्लॉक स्तर पर वर्ष में दो-तीन बार बैठकर समाज के विषयों पर चर्चा होनी चाहिए।

हिन्दू समाज में पूर्ण स्वतंत्रता

सरसंघचालक ने कहा कि हिन्दू समाज में पूर्ण स्वतंत्रता है। हमें यह विचार करना चाहिए कि हम समाज के लिए क्या कर रहे हैं और क्या कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अपनी जाति-समाज की चिंता करना अच्छी बात है, लेकिन हमें बड़े समाज के हित को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए। भारत स्वार्थ नहीं देखता, बल्कि विश्व के संकट में सहायता के लिए आगे आता है।

समाज स्वयं आगे बढ़े, संघ करेगा सहयोग

कार्यक्रम में विभिन्न समाजों और पंथों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। जिज्ञासाओं के उत्तर देते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि समाज स्तर पर कार्य स्वयं करना होगा, केवल संघ के भरोसे नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि खंड स्तर पर समाज के प्रमुख लोग मिलकर जिम्मेदारी लें और किसी भी समस्या का समाधान सामूहिक रूप से करें। देश ठीक रहेगा तो हम भी ठीक रहेंगे।

पंगत में किया सहभोज, भारत माता की आरती के साथ समापन

बैठक के बाद सरसंघचालक ने विभिन्न जाति और पंथ के प्रतिनिधियों के साथ पंगत में भोजन किया। मंच पर प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की प्रस्तावना सह प्रांत सद्भाव प्रमुख शिवाजी राय ने रखी तथा सामाजिक सद्भाव प्रमुख डॉ. राकेश कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ।

सिद्धार्थनगर में यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज व क्षत्रिय महासभा का व्यापक प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर। जनपद में यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर सवर्ण समाज, क्षत्रिय महासभा, विश्व हिंदू महासंघ, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा व न्याय एक संकल्प संस्थान के बैनर तले व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने एकजुट होकर बीएसए ग्राउंड से रैली निकालते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से मार्च किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

यूजीसी एक्ट वापस लो के लगे नारे

इस दौरान “यूजीसी एक्ट वापस लो”, “समान शिक्षा-सामान अधिकार” और सवर्ण समाज का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगते रहे। भारी भीड़ जुटी रही और अपनी आवाज बुलंद करती रही।

रास्ते भर प्रदर्शनकारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य हाथों में तख्तियां व बैनर लिए नजर आए। रैली के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। जिलाधिकारी की ओर से उपजिलाधिकारी शशांक शेखर राय ने ज्ञापन प्राप्त किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहां की, “यूजीसी (UGC) एक्ट-2026 में प्रतावित नियम से सवर्ण समाज का उत्पीड़न होगा और सवर्ण समाज के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, यह एक्ट संविधान में निहित समानता के अधिकार का हनन करता है। इस एक्ट द्वारा समाज में वैमनस्यता बढ़ेगा।”

सवर्ण समाज को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “सर्वण समाज ने आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन अब इसी समाज को शिक्षा से वंचित करने की साजिश की जा रही है। सवर्ण समाज यह कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग की।”

एक्ट वापस नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “यदि सरकार इस दमनकारी एक्ट को वापस नहीं लेती है तो सवर्ण समाज इससे भी बड़ा आंदोलन पूरे देश में करेगा।”

इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष व क्षत्रिय महासभा व विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, कृष्णपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, भूप नारायण सिंह, सुधीर पांडेय उर्फ फरसा बाबा, रामकृष्ण पांडेय व बड़ी संख्या में सवर्ण समाज से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

कपिलवस्तु विधानसभा को बड़ी सौगात: PWD द्वारा 54 सड़कों की मरम्मत को स्वीकृति

सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने क्षेत्र की 54 जर्जर सड़कों के सामान्य मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है। कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने इस स्वीकृति पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति विधानसभा क्षेत्र की जनता की ओर से हृदय से आभार व्यक्त किया है।

ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ

विधायक श्यामधनी राही ने बताया कि इन सड़कों की मरम्मत से ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से

विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने में सुविधा

मरीजों को अस्पताल पहुंचने में राहत

व्यापारिक गतिविधियों में तेजी

किसानों को फसल ढुलाई में सहूलियत

मिलेगी। लंबे समय से जर्जर सड़कों की मरम्मत की मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने गंभीरता से पूरा किया है।

इन प्रमुख संपर्क मार्गों को मिली स्वीकृति

स्वीकृत मार्गों में पकड़ी उदयपुर–छोटकी हरैया, हरेपा सात प्राथमिक विद्यालय–तरकुलहा, पीकापार–परसा, बर्डपुर, ककरहवा, नौगढ़, बरगदी चौराहा, सगरहवा, सेमरी, बहोरवा, कंचनिया दक्षिणी, बैजनाथपुर, टुगौरा, कुसम्ही, मधुबनवा, बरोहिया खालसा, काकोरी, केवलपुर, जयपुर संपर्क मार्ग, धोबहा, चौहानडीह, सजनापार, दैजौली, छितरापार, नौखनिया, फुलवरिया, लोधपुरवा, जगदीशपुर खुर्द–डिहवा, अहिरनडीह, बसहिलिया, पिछौरा, कोल्हुआ दाता सहित कुल 54 मार्ग शामिल हैं।

इन मार्गों की मरम्मत से दूरस्थ गांव भी मुख्य सड़कों से जुड़ेंगे।

सरकार गांव–गरीब–किसान को दे रही प्राथमिकता

विधायक राही ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब और किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है। सड़क कनेक्टिविटी मजबूत कर विकास को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी स्वीकृत मार्गों पर शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू होगा, जिससे आमजन को राहत मिलेगी।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों की बदहाली से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही थी। मरम्मत कार्य शुरू होने से क्षेत्र में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी।

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