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भीषण गर्मी और पेट्रोल संकट के बीच शुरू हुई जनगणना, घंटों लाइन में लगने को मजबूर कर्मी

सिद्धार्थनगर। जनगणना कार्य की शुरुआत होते ही जनगणना कर्मियों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। एक ओर जहां भीषण गर्मी में घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों ने कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ा दी है। कई जनगणना कर्मियों को ड्यूटी स्थल तक पहुंचने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।

जनगणना स्थल पर पहुंचना मुश्किल 

जनगणना कर्मियों का कहना है कि जिले में पेट्रोल की किल्लत और पंपों पर भारी भीड़ के कारण समय पर कार्यस्थल तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। कर्मी रविकांत, बुद्धिराम और विष्णु ने बताया कि उन्हें पेट्रोल भरवाने के लिए करीब दो से तीन घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। इसके बाद ही वे जनगणना स्थल तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पहले ही तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच काम करना कठिन हो रहा है, ऊपर से पेट्रोल के लिए घंटों इंतजार करने से पूरा कार्य प्रभावित हो रहा है।

जनगणना कार्य prabhavit

कर्मियों ने बताया कि जनगणना का कार्य समयबद्ध होता है और हर दिन तय लक्ष्य पूरा करना पड़ता है। लेकिन ईंधन संकट के कारण समय का बड़ा हिस्सा पेट्रोल पंपों पर ही निकल जा रहा है। इससे न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि आम लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन करे विशेष व्यवस्था 

जनगणना कर्मियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर अलग लाइन या प्राथमिकता सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है ताकि जनगणना कार्य बिना बाधा के समय पर पूरा किया जा सके।

खबर का हुआ असर: 25 साल से जर्जर सड़क पर शुरू हुआ निर्माण, बेदौली-खोजीपुर-खरचौला मार्ग पर दौड़ी विकास की रफ्तार

सिद्धार्थनगर। बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर स्थित बेदौली-खोजीपुर-खरचौला मार्ग, जो पिछले 25 वर्षों से बदहाली की मार झेल रहा था, अब विकास की राह पर लौटता नजर आ रहा है। 4 दिन पहले इस सड़क की दुर्दशा को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और अब यहां निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है।

ग्रामीणों को हो रही थी परेशानी 

यह सड़क लंबे समय से गड्ढों, जलभराव और टूट-फूट के कारण स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई थी। स्कूली बच्चों, किसानों और मरीजों को रोजाना इस रास्ते से गुजरते समय भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार शिकायतों और मांगों के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तब इस मुद्दे को FT News ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।

निर्माण कार्य शुरू हुआ 

खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मौके पर टीम भेजी और सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया। अब जेसीबी मशीनों की गूंज और सड़क पर बिछती नई परतें ग्रामीणों के लिए राहत और उम्मीद का संदेश लेकर आई हैं।

ग्रामीणों में खुशी की लहर 

ग्रामीणों की खुशी अब शब्दों में साफ झलक रही है। स्थानीय निवासी नीरज मिश्र ने कहाकि,

हमने कभी नहीं सोचा था कि खबर का इतना जल्दी असर होगा। 25 साल से हम इस सड़क की बदहाली झेल रहे थे, लेकिन अब काम शुरू होते देख बहुत राहत मिली है।”

वहीं अन्य ग्रामीणों ने कहाकि,

मीडिया ने हमारी आवाज को उठाया, तभी यह संभव हो पाया। अब उम्मीद है कि जल्द ही सड़क पूरी बनकर तैयार होगी और आवागमन आसान हो जाएगा।

इस निर्माण कार्य से न केवल क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह पहल क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

सिद्धार्थनगर में यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज व क्षत्रिय महासभा का व्यापक प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर। जनपद में यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर सवर्ण समाज, क्षत्रिय महासभा, विश्व हिंदू महासंघ, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा व न्याय एक संकल्प संस्थान के बैनर तले व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने एकजुट होकर बीएसए ग्राउंड से रैली निकालते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से मार्च किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

यूजीसी एक्ट वापस लो के लगे नारे

इस दौरान “यूजीसी एक्ट वापस लो”, “समान शिक्षा-सामान अधिकार” और सवर्ण समाज का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगते रहे। भारी भीड़ जुटी रही और अपनी आवाज बुलंद करती रही।

रास्ते भर प्रदर्शनकारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य हाथों में तख्तियां व बैनर लिए नजर आए। रैली के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। जिलाधिकारी की ओर से उपजिलाधिकारी शशांक शेखर राय ने ज्ञापन प्राप्त किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहां की, “यूजीसी (UGC) एक्ट-2026 में प्रतावित नियम से सवर्ण समाज का उत्पीड़न होगा और सवर्ण समाज के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, यह एक्ट संविधान में निहित समानता के अधिकार का हनन करता है। इस एक्ट द्वारा समाज में वैमनस्यता बढ़ेगा।”

सवर्ण समाज को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “सर्वण समाज ने आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन अब इसी समाज को शिक्षा से वंचित करने की साजिश की जा रही है। सवर्ण समाज यह कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग की।”

एक्ट वापस नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “यदि सरकार इस दमनकारी एक्ट को वापस नहीं लेती है तो सवर्ण समाज इससे भी बड़ा आंदोलन पूरे देश में करेगा।”

इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष व क्षत्रिय महासभा व विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, कृष्णपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, भूप नारायण सिंह, सुधीर पांडेय उर्फ फरसा बाबा, रामकृष्ण पांडेय व बड़ी संख्या में सवर्ण समाज से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

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