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सिद्धार्थनगर में सनसनी: सीकरी नाले के पास संदिग्ध हालात में किशोरी का शव बरामद, शिनाख्त नहीं

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के कठेला थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कठेला जनूबी गांव स्थित सीकरी नाले के पास एक किशोरी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद होने से इलाके में हड़कंप मच गया।


स्थानीय ग्रामीणों ने जब नाले के पास शव देखा तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी कठेला समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके साथ ही फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतका की उम्र करीब 21 वर्ष आंकी जा रही है, हालांकि अब तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।


घटनास्थल की जांच को और गहराई से करने के लिए डॉग स्क्वाड को भी मौके पर बुलाया गया। खोजी कुत्तों की मदद से आसपास के इलाके में सघन जांच की गई, ताकि किसी अहम सुराग तक पहुंचा जा सके।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।


फिलहाल पुलिस मामले को हर एंगल से खंगाल रही है और आसपास के गांवों में पूछताछ भी जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले से जुड़ी अहम जानकारी सामने लाई जाएगी।

अपर पुलिस अधीक्षक का शब ए बारात के मद्देनजर गस्त

सिद्धार्थनगर। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा थाना ढ़ेबरुआ पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम के साथ भारत-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय बार्डर बढ़नी में त्यौहार शब-ए-बारात के दृष्टिगत सतर्कता एवं सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु पैदल गश्त किया गया ।

डॉ0 अभिषेक महाजन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में त्यौहार शब-ए-बारात के दृष्टिगत सतर्कता एवं सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु आज दिनांक 04-02-2026 को प्रशान्त कुमार प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा थानाक्षेत्र ढ़ेबरुआ के भारत-नेपाल अतर्राष्ट्रीय बार्डर बढ़नी में थाना ढ़ेबरुआ पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम के साथ पैदल गस्त किया गया तथा आम जनमानस मे सुरक्षा का एहसास कराया गया ।

SIR को लेकर जिलाधिकारी की नौगढ़ में baithak

सिद्धार्थनगर। 04 फरवरी 2026/एस.आई.आर. के दृष्टिगत जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी.एन. द्वारा तहसील नौगढ में बैठक किया गया।

बैठक में नौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के समस्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बूथवार अनमैप्ड मतदाताओं के नोटिस निस्तारण व सुनवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के स्तर से पोर्टल पर 20 प्रतिशत से कम निस्तारण पाया गया और जिनके यहां सर्वाधिक आवेदन लंबित रहे, उन्हें चिन्हित करते हुए अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा प्रगति संतोषजनक न होने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी(ईआरओ) से अनमैप्ड मतदाताओं की अब तक की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर नोटिस निर्गत करने के उपरांत साक्ष्य मिलान के लिए अनिवार्य रूप से जनसुनवाई आयोजित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई से कम से कम दो दिन पूर्व संबंधित मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, जिससे सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और कार्य सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। बैठक में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने नोटिस निस्तारण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि अनमैप्ड मतदाताओं को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन को गांव-गांव जाकर कार्रवाई करनी होगी, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कम प्रगति वाले तहसील नौगढ़ के 19 ई0 आर0 ओ0/ए.ई.आर.ओ. को स्पष्टीकरण निर्गत करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य व अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी गण उपस्थित थे।

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 24 IPS अधिकारियों के बड़े ट्रांसफर

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के पुलिस विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। बुधवार को कुल 24 आईपीएस (Indian Police Service) अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर आदेश जारी किए गए। इसमें सीनियर अफसर, जोन स्तर के नेता और जिलों के कप्तान — सभी के क्रम में परिवर्तन किए गए हैं।

सरकार के इस कदम का मकसद बेहतर कानून-व्यवस्था, जिम्मेदारियाँ नए सिरे से बांटना और चुनौतियों के अनुरूप नेतृत्व को तैनात करना बताया जा रहा है।

महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ एवं बदलाव

लखनऊ जोन में वरिष्ठ स्तर पर तैनाती

सुजीत पांडेय, जो पहले लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) थे,

अब पुलिस महानिदेशक (Director General of Police) — अग्निशमन एवं आपात सेवाएं के रूप में नया कार्यभार संभालेंगे।

यह पद राज्य की आपातकालीन तैयारियों और अग्नि सुरक्षा प्रबंधन के लिए अहम माना जाता है।

लखनऊ जोन के नए ADG की नियुक्ति

प्रवीन कुमार, जो अयोध्या के IG (Inspector General) थे,

उन्हें लखनऊ जोन का Additional Director General of Police (ADG) बनाया गया है।

लखनऊ जोन की भूमिका कानून-व्यवस्था, संवेदनशील स्थानीय मामलों और प्रमुख अपराध नियंत्रण के लिहाज़ से बहुत बड़ा ज़िम्मेदार पद है।

अन्य महत्वपूर्ण ट्रांसफर

अनुकृति शर्मा का तबादला

अपर पुलिस अधीक्षक (APs) अनुकृति शर्मा का तबादला संभल से

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट (Noida) के लिए किया गया है।

वहाँ उन्हें अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) की जिम्मेदारी दी गई है।

अनुकृति शर्मा अक्सर अपने सक्रिय कार्यों की वजह से चर्चा में रहती रही हैं।

सीनियर IPS अधिकारियों की नई पोस्टिंग

के.एस. इमैन्युअल, जो वर्तमान में EOW यूपी के IG हैं,

उन्हें पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस महानिदेशक (Director General) के GSO उत्तर प्रदेश का कार्यभार सौंपा गया है।

विनोद कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त एवं पुलिस कमिश्नरेट कानपुर,

अब पुलिस महानिरीक्षक के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी, मुरादाबाद में तैनात होंगे।

आलोक प्रियदर्शी, गाजियाबाद कमिश्नरेट के अपर पुलिस आयुक्त थे,

अब वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट भेजे गए हैं।

राज करन नैय्यर, वर्तमान में गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP),

उन्हें अब गाजियाबाद के अपर पुलिस आयुक्त के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई।

अब गोरखपुर का नया SSP डॉ कौस्तुभ को बनाया गया है।

11 जिलों में कप्तानों का बदलाव

सरकार ने 11 जिलों के पुलिस कप्तानों (SP/SSP) के ट्रांसफर भी किए हैं — ये जिले इस प्रकार हैं:

सुल्तानपुर

जौनपुर

मुरादाबाद

रायबरेली

गाजियाबाद

गोरखपुर

मेरठ

बस्ती

पीलीभीत

अमेठी

मिर्जापुर

इन जिलों में क़ानून-व्यवस्था, आपराधिक गतिविधियों और सामाजिक-राजनैतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस कप्तानों की ताज़ा पोस्टिंग की गई है, ताकि प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ सके।

प्रशासनिक प्रभाव और विश्लेषण

कानून-व्यवस्था में सुधार: यह कदम उन जिलों और जोनों में नेतृत्व को मजबूत करने और ताज़ा सोच के साथ दिशा देने की कोशिश है जहाँ चुनौतियाँ अधिक हैं।

सीनियर अफसरों का बेहतर उपयोग: अनुभवी अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर तैनात करके बेहतर प्रबंधन और निगरानी की उम्मीद की जा रही है।

क्राइम कंट्रोल और ऑपरैशनल तत्परता: नए पुलिस कप्तानों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर अपराध नियंत्रण और समाजिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट के नियमित करने और 17 हजार के फैसले से सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर..बांटी मिठाईयां

सिद्धार्थनगर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण निर्णय के बाद जनपद सिद्धार्थनगर में खुशी का माहौल है। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की बड़ी जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम

अनुदेशक शिक्षक लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। यह फैसला उनके धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष की जीत माना जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस निर्णय से न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि सामाजिक सम्मान भी बढ़ेगा।

जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने जताया आभार

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि:

“यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है।”

उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया।

मानदेय वृद्धि सम्मान की जीत:मीडिया प्रभारी

जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक ने कहाकि,

“यह सिर्फ मानदेय बढ़ोतरी नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।”

पदाधिकारियों ने जताई खुशी

महामंत्री रामानंद उपाध्याय और मधुकर मंजुल ने भी फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

मिठाई बांटकर मनाई खुशी

इस अवसर पर अनुपम कुंवर, सौम्य सोनकर, रविकांत, बुद्धिराम, विष्णु, दिलीप साहनी, संतोष सिंह, पप्पू सिंह, सत्य मृत्युंजयधर द्विवेदी, अजीजुररहमान सहित कई अनुदेशक शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।

मैनपुरी: महिला के ‘पत्थर बनने’ की अफवाह से मचा हड़कंप, प्रशासन ने दी जानकारी 

मैनपुरी, उत्तर प्रदेश।जनपद मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र में शनिवार 01 फरवरी 2026 को एक अजीब और चौंकाने वाली अफवाह ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। गिहार कॉलोनी के पीछे स्थित मोहल्ला फर्दखाना में खेतों के बीच बने एक मकान में महिला के पत्थर में तब्दील हो जाने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

सूचना मिलते ही क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ पड़ी और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया।

क्या है पूरा मामला

स्थानीय व्यक्ति द्वारा दावा किया गया कि उसकी पत्नी अचानक पत्थर की तरह हो गई है। इस दावे के आधार पर आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंच गए। हालांकि, प्रशासनिक जांच में महिला के पत्थर बनने जैसी किसी भी बात की पुष्टि नहीं हुई।

प्रशासन और पुलिस का पक्ष

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह अफवाह और भ्रम पर आधारित है।

पुलिस के अनुसार,

महिला के पत्थर बनने का कोई वैज्ञानिक या वास्तविक प्रमाण नहीं मिला

मकान में मौजूद कुछ मूर्तियों और वस्तुओं को देखकर गलतफहमी फैलाई गई

महिला जीवित है और किसी अलौकिक घटना की पुष्टि नहीं हुई

प्रशासन ने लोगों से अंधविश्वास और भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने की अपील की है।

स्थिति सामान्य

अधिकारियों की समझाइश के बाद भीड़ धीरे-धीरे हट गई और स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस द्वारा मामले पर नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में किसी तरह की अफवाह फैलाकर माहौल खराब न किया जा सके।

 

सिद्धार्थनगर: ‘निमकी मुखिया’ फेम अभिनेत्री भूमिका गुरंग ने बांसी में ‘सरिता सखी’ ब्यूटी पार्लर एंड एकेडमी का किया उद्घाटन

सिद्धार्थनगर, बांसी।
उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर के तहसील बांसी में रविवार को महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल सामने आई। लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘निमकी मुखिया’ में मुख्य भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री भूमिका गुरंग ने बांसी के माधव चौक स्थित ‘सरिता सखी ब्यूटी पार्लर एंड एकेडमी’ का उद्घाटन किया।
यह उद्घाटन कार्यक्रम 01 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें नगर क्षेत्र के साथ-साथ गांव देहात से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे। अभिनेत्री की मौजूदगी को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री भूमिका गुरंग ने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि आज के समय में महिलाएं यदि हुनर और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, तो वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज दोनों को मजबूत कर सकती हैं।
आयोजकों के अनुसार, सरिता सखी ब्यूटी पार्लर एंड एकेडमी का उद्देश्य महिलाओं को सौंदर्य सेवाओं के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार से जोड़ना है, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल से क्षेत्र की महिलाओं को नई दिशा और अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।


अभिनेत्री भूमिका गुरंग का सिद्धार्थनगर के बांसी आगमन
माधव चौक पर ‘सरिता सखी’ ब्यूटी पार्लर एंड एकेडमी का उद्घाटन
महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार पर फोकस
नगर व ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी

सुप्रीम कोर्ट में अनुदेशकों की जीत पर खुशी की लहर..प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि…

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के न्यायपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय के बाद प्रदेश भर के अनुदेशक शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम: विक्रम सिंह 

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि, “यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को राहत दी है।”

सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

विक्रम सिंह ने कहा कि, “यह सिर्फ मानदेय वृद्धि नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है।” 

“यह निर्णय अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।”

बेसिक शिक्षा विभाग में भी खुशी का माहौल

प्रदेश के कई जनपदों के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और अनुदेशक शिक्षकों ने भी मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। विद्यालयों में इस फैसले को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला।

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