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विशुनपुर मुस्तहकम में निकली स्कूल चलो अभियान रैली, ‘हर बच्चा स्कूल में’ का दिया संदेश

सिद्धार्थनगर। खेसरहा विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर मुस्तहकम में स्कूल चलो अभियान के तहत एक प्रेरणादायक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसने पूरे गांव में शिक्षा के प्रति नई चेतना जगाई। रैली का उद्देश्य क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना रहा।

बच्चे ने लगाए नारे 

विद्यालय से शुरू हुई यह रैली गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी और पुनः स्कूल परिसर में समाप्त हुई। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में आकर्षक तख्तियां लेकर “शिक्षा है अधिकार, नहीं किसी का उपकार”, “बिना पढ़े जीवन अधूरा” जैसे नारे लगाते हुए ग्रामीणों को शिक्षा के महत्व का संदेश दिया। बच्चों का उत्साह और अनुशासन रैली का मुख्य आकर्षण रहा।

बच्चों को नियमित भेजें स्कूल

प्रधानाचार्य नीरज मिश्र ने कहा कि स्कूल चलो अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।

पहल की हुई सराहना

इस मौके पर शिक्षकगण—निर्मल, महेश, सत्यपाल, विकास, हेमलता, सुजीता सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहे और रैली को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए विद्यालय के प्रयासों को सराहा।

शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश

यह आयोजन शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज को सकारात्मक दिशा देने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में अनुदेशकों की जीत पर खुशी की लहर..प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि…

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के न्यायपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय के बाद प्रदेश भर के अनुदेशक शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम: विक्रम सिंह 

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि, “यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को राहत दी है।”

सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

विक्रम सिंह ने कहा कि, “यह सिर्फ मानदेय वृद्धि नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है।” 

“यह निर्णय अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।”

बेसिक शिक्षा विभाग में भी खुशी का माहौल

प्रदेश के कई जनपदों के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और अनुदेशक शिक्षकों ने भी मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। विद्यालयों में इस फैसले को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला।

कैशलैस इलाज मिलने पर अनुदेशकों में खुशी की लहर..सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों ने सरकार का जताया आभार

सिद्धार्थनगर: जनपद के अनुदेशकों में उस समय उत्साह की लहर दौड़ गई जब उन्हें कैशलैस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने की घोषणा पर अमल शुरू हुआ। लंबे समय से स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग कर रहे अनुदेशकों ने सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक, राहतभरा और मानवीय बताया।

जिलाध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि,

“अनुदेशकों की स्वास्थ्य संबंधी चिंता दूर होने से वे अब पूरी ऊर्जा के साथ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान दे सकेंगे। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा क्योंकि सुरक्षित और निश्चिंत शिक्षक ही बेहतर शिक्षा दे सकते हैं।”

जिलाध्यक्ष ने कहा कि,” यह फैसला सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि सम्मान का प्रतीक है। इससे यह संदेश जाता है कि सरकार जमीनी स्तर पर कार्यरत शिक्षा कर्मियों के हितों के प्रति गंभीर है।”

प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह तथा एमएलसी श्रीचंद शर्मा का आभार जताते हुए कहाकि, “सरकार की संवेदनशील सोच के कारण ही यह सुविधा संभव हो पाई है, जिससे हजारों अनुदेशक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।”

 

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