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साइबर जागरूकता अभियान के तहत लोगों को पुलिस ने किया jagruk

थाना मोहाना जनपद सिद्धार्थनगर मे साईबर जागरूकता अभियान के तहत मोहाना चौराहा पर वर्तमान मे हो रहे पैसो की धोखाधडी/साईबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधो और साईबर अपराध के प्रति दुकानदारों और नवयुवकों को जागरूक किया गया।

डॉ0 अभिषेक महाजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में साईबर अपराध के विरूद्ध चलाये जा रहे साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत श्री प्रशान्त कुमार प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के कुशल पर्यवेक्षण श्री विश्वजीत सौरयान क्षेत्राधिकारी सदर के कुशल निर्देशन श्री जितेन्द्र सिंह थानाध्यक्ष थाना मोहाना जनपद सिद्धार्थनगर के नेतृत्व में साइबर टीम के द्वारा आज दिनांक 11.02.2026 को मोहाना चौराहे पर स्थित दुकानों के दुकानदारों , नवयुवकों , राहगीरों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी तथा वर्तमान में हो रहे पैसो की धोखाधडी/साईबर फ्राड व सोशल मीडिया (वाट्सएप , फेसबुक, ट्वीटर-X जैसे सोशल प्लेटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग से हो रहे अपराधो के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1930 और NCRP पोर्टल पर रिपोर्टिंग निर्देशो से अवगत कराया गया व साथ ही शासन द्वारा जारी महिला सम्बन्धी अपराध पर अंकुश लगाने हेतु टोल फ्री हेल्पलाइन जैसे 1090 वुमेन पावर हेल्पलाइन/ यू0पी0 112 पुलिस सहायता हेल्पलाइन/ 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन/ 1098 चाइल्ड केयर हेल्पलाइन/ 108 एम्बुलेंस हेल्पलाइन /102 एम्बुलेंस सेवा (गर्भवती महिलाओं के लिए)/ 101 अग्निशमन हेल्पलाइन/ 1930 साइबर हेल्पलाइन/ 14567 एल्डर हेल्पलाइन से सम्बन्धित सेवाओं से अवगत कराया गया । साथ ही निम्न बिन्दुओं के बारे में भी बताया गया ।

• किसी भी संदिग्ध ईमेल, कॉल या संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि आवश्यक हो, तो सीधे संगठन की आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें।

• अत्यधिक आकर्षक ऑफ़र वाले विज्ञापनों या सोशल मीडिया पोस्ट से सावधान रहें।

• अपने सभी डिवाइसों को लॉक, पिन या बायोमेट्रिक सुरक्षा से सुरक्षित करें।

• सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग करने से बचें।

• व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी कभी भी किसी अज्ञात फोन कॉल या ईमेल पर साझा न करें।

• अज्ञात स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट खोलने से बचें।

• अपने सभी उपकरणों पर एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और उसे अपडेट रखें।

• सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतें।

• ऑनलाइन खरीददारी के लिए केवल सुरक्षित वेबसाइट्स का ही उपयोग करें।

साइबर सेल टीम……..

उ0नि0 राहुल गुप्ता

हे0का0 विनोद भारती

का0 प्रवीन कुमार पाल

का0 धीरज कुमार खरवार

थाना – मोहाना ,जनपद – सिद्धार्थनगर

43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल सिद्धार्थनगर के जवानों ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को सुरक्षित अस्पताल पहुचाया

सिद्धार्थनगर। आज दिनांक 11.02.2026 को लगभग समय 0920 बजे 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कार्मिकों ने मानवता भाव से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को सुरक्षित जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर पहुंचाया। प्रारंभिक जानकारी से ज्ञात हुआ कि सोनवल गाँव के समीप NH-28 सड़क पर दो मोटरसाइकल आपस में टकरा गई, जिसमे एक मोटरसाईकल पर बैठे चालक, एक महिला व एक बालिका को गंभीर चोटें आई। वाहिनी के निरीक्षक/सामान्य संजय कुमार साह के नेतृत्व में वाहिनी कार्मिकों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए वाहिनी एम्बुलेंस से घायल व्यक्तियों को एस०एस० बी० के चिकित्सा कर्मियों की देख-रेख में जिला अस्पताल, सिद्धार्थनगर पहुँचाया जहां चिकित्सकों के द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है I घायलों की पहचान सुग्रीव मौर्या पुत्र निमू लाल मौर्या, श्री मति शुभावती पति सुग्रीव मौर्या, राधिका मौर्या पुत्री सुग्रीव मौर्या के रूप में हुई, जो गाँव -कारोदा खालसा तहसिल- इटवा, के निवासी के रूप में की गयी हैं तथा वे लोग दवा लेने हेतु नौगढ़ जा रहे थे।

सशस्त्र सीमा बल की इस त्वरित और संवेदनशील कार्यवाही ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे न केवल सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि ‘’सेवा सुरक्षा और बन्धुत्वा’’ के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए सीमा की सुरक्षा के साथ साथ मानवता के दृष्टिकोण से सदैव जरुरतमंदों को सहायता में भी हमेशा तत्पर रहते हैं।

TET अनिवार्यता पर केंद्रीय मंत्री के बयान से भड़के शिक्षक, सिद्धार्थनगर में पुतला दहन और प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर: संसद में केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के लिखित जवाब के बाद वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा की भावना गहरा गई है। इस मुद्दे को लेकर जिले में शिक्षकों का आक्रोश खुलकर सामने आया और मामला अब आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों का प्रदर्शन

बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे। शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के बयान की प्रतियां जलाकर नाराजगी जताई गई और पुतला दहन भी किया गया।

पुरानी नियुक्तियों पर नई शर्तें स्वीकार नहीं

प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की निर्धारित शैक्षणिक अर्हताओं के आधार पर हुई थी, जब टीईटी (TET) लागू नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद नई अनिवार्यता लागू करना शिक्षकों के अधिकारों और सेवा सुरक्षा के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों शिक्षकों की नौकरी की स्थिरता और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है।

सरकार से जल्द स्पष्टीकरण की मांग

जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत नहीं दी गई तो संगठन वृहद आंदोलन शुरू करेगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अनिश्चितता की स्थिति जारी रही तो प्रदेश स्तर पर बड़ा विरोध किया जाएगा।

एकजुटता के साथ संघर्ष का संकल्प

प्रदर्शन के अंत में शिक्षकों ने एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर लालजी यादव, इन्द्रसेन सिंह, शिवाकांत दूबे, सुधाकर मिश्र, करूणेश मौर्य, शैलेंद्र मिश्र, रामशंकर पांडेय, आनंद राय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।

पोखर में मिला 65 वर्षीय अधेड़ का शव, टेकनार गांव में फैली सनसनी

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के थाना चिलहिया क्षेत्र के ग्राम टेकनार (पलटा देवी मेन रोड पश्चिम पोखर) में बुधवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब करीब 65 वर्षीय एक अज्ञात अधेड़ का शव पोखर में उतराता मिला। शव आधा पानी में और आधा बाहर पड़ा था, जिसे देख ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
सुबह घने कोहरे के कारण पहले कुछ साफ दिखाई नहीं दिया। लगभग 8 बजे जब हल्की रोशनी हुई तो ग्रामीणों की नजर पोखर किनारे पड़े शव पर पड़ी। देखते ही देखते गांव में अफरा-तफरी मच गई और सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही थाना चिलहिया पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
 क्या बोले ग्राम प्रधान प्रतिनिधि?
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि निहाल सिंह उर्फ रिंकू सिंह ने बताया—
“सुबह अधिक कोहरा होने की वजह से कुछ स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। करीब 8 बजे ग्रामीणों ने शव देखा और मुझे सूचना दी। मौके पर पहुंचने पर पाया कि अधेड़ का शव आधा पानी में और आधा बाहर था।”
उन्होंने यह भी बताया कि मृतक देखने में मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा था। ग्रामीणों के अनुसार आशंका है कि संभवतः वह शौच के लिए गया होगा और अनजाने में पोखर में गिर गया।
पहचान नहीं हो सकी
खबर लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में गुमशुदगी की जानकारी जुटा रही है और पहचान कराने का प्रयास कर रही है।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला हादसे का प्रतीत होता है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
घटना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं और ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।

सीतापुर में मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या: गांव में दहशत, आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार


सीतापुर, उत्तर प्रदेश | फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद के बिसवां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। पांच वर्षीय मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
कैसे सामने आया मामला
परिवार के अनुसार, सोमवार दोपहर बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। कुछ देर बाद जब वह दिखाई नहीं दी तो परिजनों ने तलाश शुरू की। ग्रामीणों की मदद से काफी खोजबीन की गई, लेकिन देर रात गांव के बाहरी हिस्से में एक परित्यक्त झोपड़ी के पास बच्ची का शव बरामद हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम में क्या सामने आया
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है तथा गला दबाकर हत्या किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान संदिग्ध की पहचान कर उसे पकड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी का इलाज चल रहा है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
कानूनी प्रक्रिया
मामले में भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी।
जिले का पूर्व रिकॉर्ड
सीतापुर जिले में पूर्व में भी नाबालिगों के साथ जघन्य अपराध के मामलों में अदालतें कड़ी सजा सुना चुकी हैं। सितंबर 2025 में एक पुराने मामले में दोषी को “दुर्लभतम श्रेणी” मानते हुए मृत्युदंड की सजा दी गई थी। इससे स्पष्ट है कि न्यायालय ऐसे मामलों में कठोर रुख अपनाता रहा है।
सामाजिक सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा, अभिभावकीय सतर्कता और सामुदायिक जागरूकता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों आवश्यक हैं।

मथुरा में सन्नाटा: किसान ने पहले परिवार खत्म किया, फिर खुद भी बुझा दी जिंदगी की लौ

दीवार पर आखिरी संदेश, डायरी और वीडियो से खुल रहे दर्द के पन्ने — हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस


मथुरा | महावन तहसील | खप्परपुर गांव
मथुरा जिले के महावन तहसील क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक किसान और उसके पूरे परिवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने गांव को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 35 वर्षीय मनीष अपनी पत्नी सीमा (30) और तीन मासूम बच्चों — प्रियांशी (6), हनी (5) और ढाई वर्षीय प्रतीक — के साथ गांव में रहता था। मंगलवार सुबह जब घर से कोई हलचल नहीं हुई तो परिजनों को शक हुआ।
बताया जा रहा है कि दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला तो ग्रामीणों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देख सभी सन्न रह गए।
अंदर क्या मिला?
सूत्रों के अनुसार —
मनीष का शव फर्श पर पड़ा मिला
पत्नी और दो बच्चों के शव बिस्तर पर पाए गए
एक बच्ची का शव चारपाई पर मिला
प्रथम दृष्टया पत्नी के सिर पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं, जबकि बच्चों की मौत गला दबाए जाने की आशंका जताई जा रही है। वहीं मनीष की हथेली काली पड़ी होने की बात सामने आई है, जिससे करंट लगने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
हालांकि मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
दीवार, डायरी और वीडियो — क्या है सच?
घटनास्थल से दीवार पर लिखा एक संदेश मिला है, जिसमें कथित तौर पर परिवार सहित अपनी मर्जी से जान देने की बात लिखी गई है।
इसके अलावा एक डायरी में कुछ लोगों पर प्लॉट की रकम बकाया होने का जिक्र बताया जा रहा है। एक वीडियो भी पुलिस के कब्जे में है, जिसमें मृतक ने कथित तौर पर मानसिक और आर्थिक तनाव की बात कही है।
पुलिस इन सभी तथ्यों की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के पीछे असली कारण क्या था।
पुलिस क्या कह रही है?
स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि —
“मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। सुसाइड नोट, डायरी और वीडियो की सत्यता की भी पड़ताल होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट की जाएगी।”
बड़ा सवाल
क्या आर्थिक दबाव इस त्रासदी की वजह बना?
क्या पारिवारिक तनाव था?
या इसके पीछे कोई और कारण?
इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
सामाजिक संदेश
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या ग्रामीण इलाकों में मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव को समय रहते पहचाना और संभाला जा पा रहा है?
विशेषज्ञों का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में चुप रहने की बजाय संवाद और मदद लेना जरूरी है।

अभिनय के सपने दिखाकर युवतियों को देह व्यापार में धकेलने वाला गिरोह बेनकाब, सनी मां और प्रेमी संग गिरफ्तार

शॉर्ट फिल्मों में काम दिलाने के नाम पर युवतियों को सपनों की दुनिया दिखाने वाला सनी असल में एक खतरनाक शोषण नेटवर्क का चेहरा निकला। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले खुद को फिल्म और मीडिया से जुड़ा बताकर युवतियों से संपर्क करता था, भरोसा जीतता और फिर उन्हें धीरे-धीरे गलत धंधे की ओर धकेल देता था।
इस पूरे खेल में चौंकाने वाली बात यह रही कि सनी अकेला नहीं था। पुलिस ने उसकी मां रंजना और मां के कथित प्रेमी प्रदीप को भी गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों मिलकर इस नेटवर्क को चला रहे थे और पारिवारिक रिश्तों की आड़ में युवतियों को फंसाया जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, पहले युवतियों को ऑडिशन, शूटिंग और फिल्मों में रोल का भरोसा दिलाया जाता था। बाद में उन पर मानसिक दबाव बनाया जाता, मजबूरियां गिनाई जातीं और फिर उन्हें देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया जाता था। कई मामलों में पीड़ित युवतियां डर और बदनामी के कारण सामने नहीं आ पा रही थीं।
मामले की भनक लगते ही पुलिस ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की और पुख्ता सबूत मिलने पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कितनी युवतियां प्रभावित हुई हैं और इसके तार किन-किन शहरों तक फैले हुए हैं।
फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।