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बोर्ड परीक्षाओं को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी ने की अधिकारियों की बैठक

सिद्धार्थनगर 13 फरवरी 2026। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ0प्र0 प्रयागराज द्वारा आयोजित हाई स्कूल एवं इन्टरमीडिएट परीक्षा 2026 को शासन के निर्देशानुसार सकुशल, नकलबिहीन परीक्षा सम्पन्न कराये जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में लोहिया कलाभवन में स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक, सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट को गाइडलाइन्स के अनुसार पीपीटी के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी।

जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने उपस्थित माध्यमिक शिक्षा से जुड़े सभी लोगो को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में बोर्ड की परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक चलेगी। सभी स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक, सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, इन्वेजिलेटर परीक्षा केन्द्रों पर समय से उपस्थित होकर परीक्षा को सम्पन्न करायेंगे। परीक्षा केन्द्र परिसर के अन्दर मोबाइल फोन पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगा। बोर्ड परीक्षा में लगे सभी लोगो को पूरी गम्भीरता पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। जनपद में 119 परीक्षा केन्द्र, केन्द्र व्यवस्थापक-118, स्टैटिक मजिस्ट्रेट-119, सेक्टर मजिस्ट्रेट-18, जोनल मजिस्ट्रेट-06, कापी संकलन केन्द्र तहसीलवाइज-05 बनाये गये है। हाईस्कूल परीक्षा में संस्थागत छात्र/छात्राएं-33501, व्यक्तिगत छात्र/छात्राएं-104, इन्टरमीडिएट छात्र/छात्राएं-27209, व्यक्तिगत छात्र/छात्राएं-755 परीक्षा में सम्मिलित होगें। जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी लोगो को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनपद में बोर्ड परीक्षा को पूरी ईमानदारी के साथ नकलबिहीन सम्पन्न कराना है। परीक्षा केन्द्र के अन्दर कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति प्रवेश नही करेंगे। परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा व्यस्था हेतु पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगी। बालिका छात्राओं की चेंकिग महिला शिक्षक करेंगी। सभी लोग बोर्ड परीक्षा की गाइडलाइन को अनिवार्य रूप से पढ़ ले तथा उसका शत-प्रतिशत पालन करें। यह परीक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है इसमे ंकिसी भी प्रकार की लापरवाही नही होना चाहिए। कापियों को संकलन केन्द्र पर जमां करने के लिए पुलिस बल के साथ बन्द वाहन से जायेगे।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार, उपजिलाधिकारी नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य, न्यायिक डुमरियागंज राहुल सिंह, उपजिलाधिकारी बांसी निखिल चक्रवर्ती, जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार, व अन्य सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

बोर्ड परीक्षाओं को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी ने की अधिकारियों की बैठक

सिद्धार्थनगर 13 फरवरी 2026। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ0प्र0 प्रयागराज द्वारा आयोजित हाई स्कूल एवं इन्टरमीडिएट परीक्षा 2026 को शासन के निर्देशानुसार सकुशल, नकलबिहीन परीक्षा सम्पन्न कराये जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में लोहिया कलाभवन में स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक, सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट को गाइडलाइन्स के अनुसार पीपीटी के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी।

जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने उपस्थित माध्यमिक शिक्षा से जुड़े सभी लोगो को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में बोर्ड की परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक चलेगी। सभी स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक, सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, इन्वेजिलेटर परीक्षा केन्द्रों पर समय से उपस्थित होकर परीक्षा को सम्पन्न करायेंगे। परीक्षा केन्द्र परिसर के अन्दर मोबाइल फोन पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगा। बोर्ड परीक्षा में लगे सभी लोगो को पूरी गम्भीरता पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। जनपद में 119 परीक्षा केन्द्र, केन्द्र व्यवस्थापक-118, स्टैटिक मजिस्ट्रेट-119, सेक्टर मजिस्ट्रेट-18, जोनल मजिस्ट्रेट-06, कापी संकलन केन्द्र तहसीलवाइज-05 बनाये गये है। हाईस्कूल परीक्षा में संस्थागत छात्र/छात्राएं-33501, व्यक्तिगत छात्र/छात्राएं-104, इन्टरमीडिएट छात्र/छात्राएं-27209, व्यक्तिगत छात्र/छात्राएं-755 परीक्षा में सम्मिलित होगें। जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी लोगो को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनपद में बोर्ड परीक्षा को पूरी ईमानदारी के साथ नकलबिहीन सम्पन्न कराना है। परीक्षा केन्द्र के अन्दर कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति प्रवेश नही करेंगे। परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा व्यस्था हेतु पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगी। बालिका छात्राओं की चेंकिग महिला शिक्षक करेंगी। सभी लोग बोर्ड परीक्षा की गाइडलाइन को अनिवार्य रूप से पढ़ ले तथा उसका शत-प्रतिशत पालन करें। यह परीक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण है इसमे ंकिसी भी प्रकार की लापरवाही नही होना चाहिए। कापियों को संकलन केन्द्र पर जमां करने के लिए पुलिस बल के साथ बन्द वाहन से जायेगे।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार, उपजिलाधिकारी नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य, न्यायिक डुमरियागंज राहुल सिंह, उपजिलाधिकारी बांसी निखिल चक्रवर्ती, जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार, व अन्य सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

जिलाधिकारी ने नवनिर्मित कस्तूरबा भवन का किया निरीक्षण

सिद्धार्थनगर 13 फरवरी 2026। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, विकास खण्ड खेसरहा के नवनिर्मित छात्रावास एवं एकेडमिक भवन का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा पूरे छात्रावास भवन को देखा गया। जिलाधिकारी द्वारा भवन को हैण्ड ओवर कराने हेतु निर्देश दिया गया। इसके अलावा जिलाधिकारी ने बाउन्ड्रीवाल निर्माण कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी नीरज सिंह व अन्य सम्बन्धित लोग उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने नवनिर्मित कस्तूरबा भवन का किया निरीक्षण

सिद्धार्थनगर 13 फरवरी 2026। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, विकास खण्ड खेसरहा के नवनिर्मित छात्रावास एवं एकेडमिक भवन का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा पूरे छात्रावास भवन को देखा गया। जिलाधिकारी द्वारा भवन को हैण्ड ओवर कराने हेतु निर्देश दिया गया। इसके अलावा जिलाधिकारी ने बाउन्ड्रीवाल निर्माण कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी नीरज सिंह व अन्य सम्बन्धित लोग उपस्थित रहे।

नीति आयोग के सम्पूर्णता अभियान 2.0 का खेसरहा में शुभारम्भ, जिलाधिकारी रहे मौजूद

सिद्धार्थनगर, 13 फरवरी 2026। नीति आयोग भारत सरकार द्वारा आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत सम्पूर्णता अभियान 2.0 का शुभारम्भ विकास खण्ड खेसरहा परिसर में जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी.एन. की उपस्थिति में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत खण्ड विकास अधिकारी खेसरहा अमित सिंह द्वारा जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करते हुए की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि नीति आयोग द्वारा विकास खण्ड खेसरहा को आकांक्षी ब्लॉक के रूप में चयनित किया गया है। यह अभियान 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा।

जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत नीति आयोग द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि समेत 6 प्रमुख इंडिकेटरों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय एवं अधिकारियों को अभियान के लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति हेतु मार्गदर्शन दिया।

उन्होंने बताया कि जनपद में सम्पूर्णता अभियान 2.0 का शुभारम्भ वृहद स्तर पर किया जाएगा, जिसमें संबंधित विभागों, अधिकारियों एवं आमजन को अभियान के उद्देश्यों, लक्ष्यों एवं अपेक्षित परिणामों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। चयनित संकेतकों के अंतर्गत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ण संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी।

लक्ष्य प्राप्ति के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार की गई है तथा संबंधित अधिकारियों, फील्ड कर्मियों एवं हितधारकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन संभव हो सके।

जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में डेल्टा रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर जनपद को 4.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार धनराशि प्राप्त हुई, जिससे कायाकल्प कार्य कराए जा रहे हैं।

उन्होंने आमजन से अपील की कि जिन पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, वे अपना कार्ड अवश्य बनवाएं। इसके अंतर्गत 5 लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। साथ ही शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा उसकी फीडिंग कराने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों को अधिक से अधिक फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया।

जिला विकास अधिकारी ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला, वहीं खण्ड विकास अधिकारी खेसरहा ने आकांक्षी विकास खण्ड कार्यक्रम की उपलब्धियों एवं सम्पूर्णता अभियान 2.0 की रूपरेखा प्रस्तुत की।

अंत में उपायुक्त श्रम रोजगार द्वारा सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, उपायुक्त श्रम रोजगार सन्दीप सिंह, डीएसटीओ बीएस यादव, उपायुक्त एनआरएलएम देवनन्दन दूबे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह इटवा पहुंचकर कुश्ती प्रतियोगिता का किया उद्घाटन

इटवा, सिद्धार्थनगर। कुश्ती संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह आज अपने निजी हेलिकॉप्टर से इटवा पहुंचकर बांसी बस स्टैंड के पास आयोजित दो दिवसीय भव्य कुश्ती प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, स्थानीय नागरिक और विभिन्न राज्यों से आए पहलवान उपस्थित रहे

खिलाड़ियों को किया सम्बोधित 

अपने संबोधन में बृजभूषण शरण सिंह ने खिलाड़ियों को अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के साथ मुकाबला करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कुश्ती केवल शारीरिक शक्ति का खेल नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और रणनीति का भी प्रतीक है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश में कुश्ती की समृद्ध परंपरा रही है और आज भारतीय पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

पूर्व मंत्री ने किया स्वागत

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि कुश्ती भारत की पारंपरिक और गौरवशाली खेल विरासत का अहम हिस्सा है। उन्होंने युवाओं से खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं।

दो दिवसीय होगी प्रतियोगिता 

आयोजक हरिशंकर सिंह ने बताया कि यह प्रतियोगिता दो दिनों तक चलेगी। इसमें देश के ख्याति प्राप्त पहलवान विभिन्न भार वर्गों में अपने दांव-पेंच का प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना और क्षेत्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार और सम्मान पत्र प्रदान किए जाएंगे।

ये लोग रहे मौजूद

इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख बलराम मिश्रा, बीजेपी जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, रामकुमार कुंवर, विकास जायसवाल, अजय गुप्ता, प्रदीप कसौधन, पप्पू सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

लोकसभा में डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल ने उठाए स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा से जुड़े अहम मुद्दे

नईदिल्ली/डुमरियागंज। बजट सत्र के प्रथम चरण के अंतिम दिन जगदंबिका पाल ने लोकसभा में अनस्टार्ड प्रश्नों के माध्यम से उत्तर प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन पर सरकार से जवाब
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के संबंध में पूछे गए प्रश्न के माध्यम से सांसद ने उत्तर प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग, पहचान और उपचार की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी। सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 7,64,879 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें 86 कैरियर तथा 38 मरीज चिन्हित किए गए हैं। साथ ही 4,41,639 जेनेटिक स्टेटस कार्ड वितरित किए गए हैं।
यह आंकड़े राज्य में स्क्रीनिंग अभियान के विस्तार को दर्शाते हैं, लेकिन साथ ही यह भी संकेत देते हैं कि समय पर पहचान, परामर्श और उपचार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, ताकि रोग की रोकथाम और नियंत्रण को प्रभावी बनाया जा सके।
मेडिकल सीट वृद्धि और डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात पर चर्चा
एक अन्य अनस्टार्ड प्रश्न में सांसद ने MBBS तथा MD/MS सीटों में हुई वृद्धि का उत्तर प्रदेश के जिलावार डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात पर पड़े प्रभाव के संबंध में जानकारी मांगी। सरकार के अनुसार वर्ष 2020-21 से 2025-26 के बीच देशभर में 48,563 MBBS सीटों और 29,080 PG सीटों की वृद्धि हुई है।
वर्षवार MBBS सीट वृद्धि इस प्रकार रही —
#2020_21 : 2,963
#2021_22 : 8,790
#2022_23 : 7,398
#2023_24 : 9,652
#2024_25 : 8,641
#2025_26 : 11,119
इसी अवधि में PG सीटों की वृद्धि —
#2020_21 : 4,983
#2021_22 : 4,705
#2022_23 : 2,874
#2023_24 : 4,713
#2024_25 : 4,186
#2025_26 : 7,619
सरकार का कहना है कि मेडिकल सीटों के विस्तार से देश में स्वास्थ्य मानव संसाधन की कमी को दूर करने में मदद मिली है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और जनसंख्या बहुल राज्यों के अविकसित एवं ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिला है। साथ ही भारतीय छात्रों की विदेशों में मेडिकल शिक्षा पर निर्भरता में भी कमी आने की संभावना जताई गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर
सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि केवल योजनाओं की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और चिकित्सा मानव संसाधन को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।

लोकसभा में डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल ने उठाए स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा से जुड़े अहम मुद्दे

नईदिल्ली/डुमरियागंज। बजट सत्र के प्रथम चरण के अंतिम दिन जगदंबिका पाल ने लोकसभा में अनस्टार्ड प्रश्नों के माध्यम से उत्तर प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन पर सरकार से जवाब
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के संबंध में पूछे गए प्रश्न के माध्यम से सांसद ने उत्तर प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग, पहचान और उपचार की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी। सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 7,64,879 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें 86 कैरियर तथा 38 मरीज चिन्हित किए गए हैं। साथ ही 4,41,639 जेनेटिक स्टेटस कार्ड वितरित किए गए हैं।
यह आंकड़े राज्य में स्क्रीनिंग अभियान के विस्तार को दर्शाते हैं, लेकिन साथ ही यह भी संकेत देते हैं कि समय पर पहचान, परामर्श और उपचार व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, ताकि रोग की रोकथाम और नियंत्रण को प्रभावी बनाया जा सके।
मेडिकल सीट वृद्धि और डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात पर चर्चा
एक अन्य अनस्टार्ड प्रश्न में सांसद ने MBBS तथा MD/MS सीटों में हुई वृद्धि का उत्तर प्रदेश के जिलावार डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात पर पड़े प्रभाव के संबंध में जानकारी मांगी। सरकार के अनुसार वर्ष 2020-21 से 2025-26 के बीच देशभर में 48,563 MBBS सीटों और 29,080 PG सीटों की वृद्धि हुई है।
वर्षवार MBBS सीट वृद्धि इस प्रकार रही —
#2020_21 : 2,963
#2021_22 : 8,790
#2022_23 : 7,398
#2023_24 : 9,652
#2024_25 : 8,641
#2025_26 : 11,119
इसी अवधि में PG सीटों की वृद्धि —
#2020_21 : 4,983
#2021_22 : 4,705
#2022_23 : 2,874
#2023_24 : 4,713
#2024_25 : 4,186
#2025_26 : 7,619
सरकार का कहना है कि मेडिकल सीटों के विस्तार से देश में स्वास्थ्य मानव संसाधन की कमी को दूर करने में मदद मिली है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और जनसंख्या बहुल राज्यों के अविकसित एवं ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिला है। साथ ही भारतीय छात्रों की विदेशों में मेडिकल शिक्षा पर निर्भरता में भी कमी आने की संभावना जताई गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर
सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि केवल योजनाओं की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और चिकित्सा मानव संसाधन को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।