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सिद्धार्थनगर में सनसनी: सीकरी नाले के पास मिली किशोरी की लाश, बाद में हुई 12 वर्षीय अंशिका के रूप में शिनाख्त

सिद्धार्थनगर।

जनपद सिद्धार्थनगर के कठेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कठेला जनूबी गांव स्थित सीकरी नाले के पास संदिग्ध परिस्थितियों में एक किशोरी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी कठेला समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल की बारीकी से जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य संकलित किए। इसके साथ ही डॉग स्क्वाड की मदद से आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
पहले दिन नहीं हुई थी शिनाख्त
पुलिस के अनुसार, शव मिलने के समय मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और सभी संभावित पहलुओं से जांच शुरू कर दी गई थी।
दूसरे दिन सामने आई पहचान
इस खबर के प्रकाशित होने के अगले दिन सुबह पोस्टमार्टम के दौरान मृतका की पहचान हो सकी। मृतका की पहचान जनपद सिद्धार्थनगर की इटवा तहसील, थाना कठेला क्षेत्र के ग्राम धोबहा टोला पठान डिह निवासी 12 वर्षीय अंशिका, पुत्री स्वर्गीय पटवारी, के रूप में हुई।
परिवारिक पृष्ठभूमि
बताया जा रहा है कि अंशिका के माता-पिता दोनों का पहले ही निधन हो चुका था। अंशिका और उसकी एक बहन का पालन-पोषण उसके चाचा द्वारा किया जा रहा था, जबकि उसकी दूसरी बहन अपने ननिहाल में रहती है। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को दिन में करीब 1:30 बजे अंशिका घर पर नहीं दिखाई दी, तब यह मान लिया गया कि वह अपनी नानी के घर गई होगी। इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि सीकरी नाले के पास एक किशोरी का शव मिला है।
जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच कर रही है और आसपास के गांवों में पूछताछ भी जारी है।
पुलिस का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी पूरी सच्चाई सार्वजनिक की जाएगी और यदि किसी भी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज के छात्रों पर मारपीट का आरोप, ज्वेलर्स की दुकान पर हंगामे से नगर में तनाव

सिद्धार्थनगर।
जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका परिषद के सामने शुक्रवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ज्वेलर्स व्यापारी ने माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के कुछ छात्रों पर दुकान में घुसकर मारपीट व अभद्रता करने का आरोप लगाया।

घटना के बाद नगर के व्यापारियों में दहशत और नाराजगी का माहौल देखा गया।
घटना शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच की बताई जा रही है। पीड़ित के अनुसार, मेडिकल कॉलेज से जुड़े कुछ छात्र अपने अन्य साथियों के साथ श्री धन लक्ष्मी ज्वेलर्स नामक दुकान पर पहुंचे, जहां कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पीड़ित व्यापारी का पक्ष


पीड़ित व्यापारी पंकज वर्मा पुत्र झिनक वर्मा, निवासी वार्ड नंबर-24, पूरब पड़ाव, ने बताया कि वह बीते तीन वर्षों से नगर पालिका परिषद के सामने ज्वेलरी की दुकान संचालित कर रहे हैं।
उनका कहना है कि विवाद के दौरान उनके साथ-साथ दुकान में मौजूद कर्मचारियों से भी अभद्रता की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय उनकी बुजुर्ग माता, जो दुकान पर मौजूद थीं, उनके साथ भी दुर्व्यवहार हुआ।
पूर्व विवाद से जुड़ा होने की आशंका
पीड़ित व्यापारी का कहना है कि यह मामला 29 जनवरी 2026 को मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद से जुड़ा हो सकता है। उस समय भी उनके स्टाफ के साथ कहासुनी और मारपीट का आरोप लगाया गया था, जिसकी सूचना थाने में दी गई थी। हालांकि उस मामले में कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई थी।
व्यापारियों में रोष


घटना के बाद नगर के व्यापारियों में रोष व्याप्त है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि बाजार क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं होंगी, तो व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। व्यापारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का पक्ष


इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। तहरीर प्राप्त होने और तथ्यों की जांच के बाद कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनकर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट


फिलहाल मामला जांचाधीन बताया जा रहा है। प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें किस पक्ष की क्या भूमिका रही।

चीनी मांझे पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कोतवाली क्षेत्र में चला सघन चेकिंग अभियान*

गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद जनपद में प्रतिबंधित चीनी मांझे के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शासन के निर्देशों का पालन कराते हुए शुक्रवार को कोतवाली थाना क्षेत्र में पतंग और मांझा बेचने वाली दुकानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

सीओ कोतवाली ओमकार दत्त तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्षेत्र की कई दुकानों पर पहुंचकर मांझे की गहन जांच की। इस दौरान दुकानों में रखे स्टॉक को खंगाला गया और यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा की बिक्री या भंडारण न हो।

दुकानों को दिया निर्देश 

हालांकि अभियान के दौरान किसी भी दुकान पर प्रतिबंधित मांझा बरामद नहीं हुआ, लेकिन पुलिस ने सभी दुकानदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई भी दुकानदार इसकी बिक्री करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चालकों और बच्चों के लिए खतरनाक

सीओ ओमकार दत्त तिवारी ने बताया कि चीनी मांझा आम लोगों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है और इससे कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसी कारण शासन स्तर से इसके निर्माण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाई गई है।

आम जनता से अपील

पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि सुरक्षित मांझे का ही इस्तेमाल करें और प्रतिबंधित सामग्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। प्रशासन का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

Breaking News: यूपी में SIR की तारीख एक माह बढ़ी, अब 6 मार्च तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति

उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में दावा और आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा को एक माह के लिए बढ़ा दिया गया है। अब मतदाता 6 मार्च 2026 तक नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में फॉर्म-6 प्राप्त होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।

अब 6 मार्च तक मिलेगा मतदाताओं को मौका

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, कटवाने और संशोधन के लिए अब 6 मार्च तक समय मिलेगा

नोटिसों का निराकरण 27 मार्च 2026 तक किया जाएगा

अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी

हर बूथ पर रोज दो घंटे मौजूद रहेंगे बीएलओ

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि

बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) हर दिन

सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक

अपने-अपने पोलिंग स्टेशनों पर मौजूद रहेंगे

फॉर्म भरने में मतदाताओं की सहायता करेंगे और जरूरी प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे

राज्यभर में 8,990 एईआरओ करेंगे सुनवाई

सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि

पूरे प्रदेश में 8,990 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO)

दावे और आपत्तियों की सुनवाई करेंगे

आंकड़ों में SIR की स्थिति

मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम हटाए गए

12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची जारी

प्रतिदिन 2.5 से 3 लाख लोग फॉर्म-6 भर रहे हैं

कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी होनी है

अब तक 2.37 करोड़ नोटिस जारी

86.27 लाख को नोटिस मिल चुकी

30.30 लाख मतदाताओं की सुनवाई पूरी

महिला और युवा मतदाता अभी भी पीछे

चुनाव आयोग के अनुसार

6 जनवरी तक 16.18 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरा

6 जनवरी से 4 फरवरी के बीच 37.80 लाख आवेदन

5 फरवरी को एक ही दिन में 3.51 लाख फॉर्म-6 जमा

अभी भी बड़ी संख्या में महिला और युवा मतदाता सूची से बाहर हैं

उन्हें शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं

नोटिस पाने वाले सिर्फ 13% मतदाताओं की हो सकी सुनवाई

वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान न हो पाने वाले और तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस भेजी जा रही है।

कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस दी जानी है

अब तक केवल 13 प्रतिशत की ही सुनवाई हो सकी

अभी 1.53 करोड़ नोटिस जारी होना बाकी

इसी वजह से दावा-आपत्ति और सुनवाई की समय-सीमा बढ़ाई गई है।

चुनाव आयोग की अपील

चुनाव आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे तय समय-सीमा के भीतर अपने नाम की जांच कर लें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में दावा-आपत्ति जरूर दर्ज कराएं, ताकि कोई भी योग्य मतदाता अंतिम सूची से वंचित न रहे।

जमुवार जंगल पर बनेगी सुरक्षा की दीवार, जंगली जानवरों से किसानों को मिलेगी आज़ादी

सांसद-निधि से 2 KM लंबी बाउंड्री-वाल, फसलें बचेंगी, किसानों की चिंता खत्म

सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ ब्लॉक में किसानों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरा कदम उठाया गया है। जमुवार जंगल के किनारे सांसद-निधि से 2 किलोमीटर से अधिक लंबी और 1.80 मीटर ऊँची पक्की सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है, जिसके ऊपर कंसर्टिना वायर लगाया जाएगा। यह दीवार वर्षों से जंगली जानवरों की मार झेल रहे किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगी।
जमुवार जंगल, गुजरौलिया खालसा, गुजरौलिया ग्रांट, हरनाहिया, कपिया खालसा और कपिया ग्रांट गांवों से सटा हुआ है। इसी घने जंगल के बीच से जमुवार नदी बहती है, जिसके दोनों ओर फैला सघन वन क्षेत्र जंगली जानवरों का प्राकृतिक आश्रय है।
इस जंगल में नीलगाय, जंगली सुअर, शाही (परक्युपाइन), हजारों बंदर, लंगूर, गीदड़, फिशिंग कैट और कई प्रजातियों के सांप खुलेआम विचरण करते हैं। इनके कारण किसानों की दलहनी फसलें, आलू, शकरकंद, चना, मटर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थीं। हालात ऐसे थे कि किसानों ने इन फसलों की बुआई तक बंद कर दी थी। गेहूं और धान भी सुरक्षित नहीं रह पा रहे थे।
अब बाउंड्री-वाल के निर्माण से जंगली जानवरों की घुसपैठ रुकेगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी और खेत फिर से हरे-भरे होंगे। गांवों में इस कार्य को लेकर भारी उत्साह और उम्मीद का माहौल है। किसानों का कहना है कि यह दीवार उनके लिए फसल की ढाल और भविष्य की गारंटी है।

ब्रिज लाल, आईपीएस (सेवानिवृत्त)
पूर्व पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश
सांसद, राज्यसभा
दिनांक: 05 फरवरी 2026

सेना के कैप्टन की सड़क दुर्घटना में मौत पर न्याय का बड़ा संदेश: MACT सिद्धार्थनगर ने ₹1.55 करोड़ से अधिक प्रतिकर का आदेश

सड़क हादसे में सेना के कैप्टन की मौत पर न्याय की बड़ी जीत, पीड़ित परिवार को आर्थिक सुरक्षा का संबल

उत्तर प्रदेश जनपद सिद्धार्थनगर

सड़क दुर्घटना मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरक निर्णय सामने आया है।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण (MACT), जनपद सिद्धार्थनगर ने एक सड़क दुर्घटना से जुड़े प्रतिकर वाद में मृतक के परिजनों को ₹1,55,61,250/- (एक करोड़ पचपन लाख इकसठ हजार दो सौ पचास रुपये) प्रतिकर एवं उस पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिए जाने का आदेश पारित किया है।
यह आदेश पीठासीन अधिकारी माननीय अरविन्द राय (एम.जे.एस.) द्वारा दिनांक 03 फरवरी 2026 को पारित किया गया, जिसमें संबंधित ट्रक की बीमा कंपनी टाटा ए.आई.जी. जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को नियमानुसार भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।

न्यायालयीन अभिलेखों में दर्ज तथ्य

न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार मृतक श्रृजन पाण्डेय भारतीय सेना में देहरादून में कैप्टन पद पर कार्यरत थे। दुर्घटना के समय उनकी आयु लगभग 28 वर्ष तथा मासिक वेतन ₹1,25,262/- दर्शाया गया।
अभिलेखों में उल्लेख है कि दिनांक 10/11 अक्टूबर 2023 की रात्रि वह भोजन के उपरांत अपनी बोलेनो कार (UP55 Q 1112) से अपने मित्र के साथ आवास की ओर जा रहे थे। इसी दौरान देहरादून क्षेत्र में ट्रक संख्या KA-53 B-3418 से टक्कर की घटना घटित हुई, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई।

परिवार व दावा वाद

न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत विवरण के अनुसार मृतक ग्राम पड़रिया, पोस्ट–परसा, तहसील शोहरतगढ़, जनपद सिद्धार्थनगर के निवासी थे।
उनके परिवार में पिता, माता एवं एक बहन आश्रित के रूप में बताए गए हैं।
मृतक के परिजनों द्वारा वर्ष 2023 में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, सिद्धार्थनगर में वाद संख्या 306/2023 दाखिल किया गया था।

अधिवक्ताओं की प्रभावी पैरवी

न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान याचीगण (पीड़ित परिवार) की ओर से
सीनियर अधिवक्ता इम्तियाज अली एडवोकेट एवं उनके सहायक अजय कुमार यादव एडवोकेट द्वारा मामले की पैरवी की गई।
न्यायालय के समक्ष आवश्यक अभिलेख, साक्ष्य एवं आय से संबंधित विवरण प्रस्तुत किए गए, जिनके आधार पर न्यायाधिकरण द्वारा यह निर्णय पारित किया गया।

सामाजिक सरोकार से जुड़ा न्यायालयीन संदेश

यह आदेश सड़क दुर्घटना मामलों में पीड़ित परिवारों के अधिकारों, भविष्य की सुरक्षा एवं विधिक प्रक्रिया के महत्व को रेखांकित करता है।
न्यायालय ने उपलब्ध रिकॉर्ड व साक्ष्यों के आधार पर प्रतिकर निर्धारित करते हुए यह स्पष्ट किया है कि भुगतान नियमानुसार बीमा कंपनी द्वारा किया जाएगा।

सिद्धार्थनगर में सनसनी: सीकरी नाले के पास संदिग्ध हालात में किशोरी का शव बरामद, शिनाख्त नहीं

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के कठेला थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कठेला जनूबी गांव स्थित सीकरी नाले के पास एक किशोरी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद होने से इलाके में हड़कंप मच गया।


स्थानीय ग्रामीणों ने जब नाले के पास शव देखा तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी कठेला समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके साथ ही फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतका की उम्र करीब 21 वर्ष आंकी जा रही है, हालांकि अब तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।


घटनास्थल की जांच को और गहराई से करने के लिए डॉग स्क्वाड को भी मौके पर बुलाया गया। खोजी कुत्तों की मदद से आसपास के इलाके में सघन जांच की गई, ताकि किसी अहम सुराग तक पहुंचा जा सके।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।


फिलहाल पुलिस मामले को हर एंगल से खंगाल रही है और आसपास के गांवों में पूछताछ भी जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले से जुड़ी अहम जानकारी सामने लाई जाएगी।

अपर पुलिस अधीक्षक का शब ए बारात के मद्देनजर गस्त

सिद्धार्थनगर। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा थाना ढ़ेबरुआ पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम के साथ भारत-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय बार्डर बढ़नी में त्यौहार शब-ए-बारात के दृष्टिगत सतर्कता एवं सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु पैदल गश्त किया गया ।

डॉ0 अभिषेक महाजन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में त्यौहार शब-ए-बारात के दृष्टिगत सतर्कता एवं सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु आज दिनांक 04-02-2026 को प्रशान्त कुमार प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा थानाक्षेत्र ढ़ेबरुआ के भारत-नेपाल अतर्राष्ट्रीय बार्डर बढ़नी में थाना ढ़ेबरुआ पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम के साथ पैदल गस्त किया गया तथा आम जनमानस मे सुरक्षा का एहसास कराया गया ।

SIR को लेकर जिलाधिकारी की नौगढ़ में baithak

सिद्धार्थनगर। 04 फरवरी 2026/एस.आई.आर. के दृष्टिगत जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी.एन. द्वारा तहसील नौगढ में बैठक किया गया।

बैठक में नौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के समस्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बूथवार अनमैप्ड मतदाताओं के नोटिस निस्तारण व सुनवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के स्तर से पोर्टल पर 20 प्रतिशत से कम निस्तारण पाया गया और जिनके यहां सर्वाधिक आवेदन लंबित रहे, उन्हें चिन्हित करते हुए अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा प्रगति संतोषजनक न होने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी(ईआरओ) से अनमैप्ड मतदाताओं की अब तक की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर नोटिस निर्गत करने के उपरांत साक्ष्य मिलान के लिए अनिवार्य रूप से जनसुनवाई आयोजित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई से कम से कम दो दिन पूर्व संबंधित मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, जिससे सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और कार्य सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। बैठक में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने नोटिस निस्तारण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि अनमैप्ड मतदाताओं को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन को गांव-गांव जाकर कार्रवाई करनी होगी, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कम प्रगति वाले तहसील नौगढ़ के 19 ई0 आर0 ओ0/ए.ई.आर.ओ. को स्पष्टीकरण निर्गत करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य व अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी गण उपस्थित थे।

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 24 IPS अधिकारियों के बड़े ट्रांसफर

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के पुलिस विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। बुधवार को कुल 24 आईपीएस (Indian Police Service) अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर आदेश जारी किए गए। इसमें सीनियर अफसर, जोन स्तर के नेता और जिलों के कप्तान — सभी के क्रम में परिवर्तन किए गए हैं।

सरकार के इस कदम का मकसद बेहतर कानून-व्यवस्था, जिम्मेदारियाँ नए सिरे से बांटना और चुनौतियों के अनुरूप नेतृत्व को तैनात करना बताया जा रहा है।

महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ एवं बदलाव

लखनऊ जोन में वरिष्ठ स्तर पर तैनाती

सुजीत पांडेय, जो पहले लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) थे,

अब पुलिस महानिदेशक (Director General of Police) — अग्निशमन एवं आपात सेवाएं के रूप में नया कार्यभार संभालेंगे।

यह पद राज्य की आपातकालीन तैयारियों और अग्नि सुरक्षा प्रबंधन के लिए अहम माना जाता है।

लखनऊ जोन के नए ADG की नियुक्ति

प्रवीन कुमार, जो अयोध्या के IG (Inspector General) थे,

उन्हें लखनऊ जोन का Additional Director General of Police (ADG) बनाया गया है।

लखनऊ जोन की भूमिका कानून-व्यवस्था, संवेदनशील स्थानीय मामलों और प्रमुख अपराध नियंत्रण के लिहाज़ से बहुत बड़ा ज़िम्मेदार पद है।

अन्य महत्वपूर्ण ट्रांसफर

अनुकृति शर्मा का तबादला

अपर पुलिस अधीक्षक (APs) अनुकृति शर्मा का तबादला संभल से

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट (Noida) के लिए किया गया है।

वहाँ उन्हें अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) की जिम्मेदारी दी गई है।

अनुकृति शर्मा अक्सर अपने सक्रिय कार्यों की वजह से चर्चा में रहती रही हैं।

सीनियर IPS अधिकारियों की नई पोस्टिंग

के.एस. इमैन्युअल, जो वर्तमान में EOW यूपी के IG हैं,

उन्हें पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस महानिदेशक (Director General) के GSO उत्तर प्रदेश का कार्यभार सौंपा गया है।

विनोद कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त एवं पुलिस कमिश्नरेट कानपुर,

अब पुलिस महानिरीक्षक के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी, मुरादाबाद में तैनात होंगे।

आलोक प्रियदर्शी, गाजियाबाद कमिश्नरेट के अपर पुलिस आयुक्त थे,

अब वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट भेजे गए हैं।

राज करन नैय्यर, वर्तमान में गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP),

उन्हें अब गाजियाबाद के अपर पुलिस आयुक्त के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई।

अब गोरखपुर का नया SSP डॉ कौस्तुभ को बनाया गया है।

11 जिलों में कप्तानों का बदलाव

सरकार ने 11 जिलों के पुलिस कप्तानों (SP/SSP) के ट्रांसफर भी किए हैं — ये जिले इस प्रकार हैं:

सुल्तानपुर

जौनपुर

मुरादाबाद

रायबरेली

गाजियाबाद

गोरखपुर

मेरठ

बस्ती

पीलीभीत

अमेठी

मिर्जापुर

इन जिलों में क़ानून-व्यवस्था, आपराधिक गतिविधियों और सामाजिक-राजनैतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस कप्तानों की ताज़ा पोस्टिंग की गई है, ताकि प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ सके।

प्रशासनिक प्रभाव और विश्लेषण

कानून-व्यवस्था में सुधार: यह कदम उन जिलों और जोनों में नेतृत्व को मजबूत करने और ताज़ा सोच के साथ दिशा देने की कोशिश है जहाँ चुनौतियाँ अधिक हैं।

सीनियर अफसरों का बेहतर उपयोग: अनुभवी अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर तैनात करके बेहतर प्रबंधन और निगरानी की उम्मीद की जा रही है।

क्राइम कंट्रोल और ऑपरैशनल तत्परता: नए पुलिस कप्तानों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर अपराध नियंत्रण और समाजिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

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