पार्किंग विवाद में इंटर छात्र की मौत, परीक्षा केंद्र बना रणभूमि
गोरखपुर: परीक्षा के बाद हिंसा, ईंट से वार में छात्र की मौत
जनपद गोरखपुर के एक इंटर कॉलेज परिसर में बुधवार को परीक्षा के बाद हुई मारपीट ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। साइकिल खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि एक छात्र को सिर पर ईंट से गंभीर चोट लगी और बाद में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
यह घटना शहर के चर्चित शिक्षण संस्थान दुनमुन दास बालमुकुंद दास इंटर कालेज (डीबी इंटर कॉलेज) में हुई, जहां रसायन विज्ञान की परीक्षा संपन्न होने के बाद छात्र पार्किंग क्षेत्र में पहुंचे थे।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परीक्षा समाप्त होने के बाद पार्किंग में साइकिल खड़ी करने को लेकर दो छात्रों के बीच कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले मामूली धक्का-मुक्की हुई, लेकिन बाद में मामला दोबारा भड़क गया। इसी दौरान एक छात्र ने ईंट उठाकर दूसरे छात्र के सिर पर वार कर दिया।
घायल छात्र को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बाद में परिजन बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले गए, जहां देर रात उसकी मौत हो गई।
आरोपी छात्र गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई। कोतवाली थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पहले मारपीट और जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। छात्र की मृत्यु के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ते हुए आरोपित छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों छात्र एक-दूसरे को पहले से नहीं जानते थे और विवाद अचानक पार्किंग में शुरू हुआ।
परिवार में मातम, स्कूल परिसर में सन्नाटा
मृतक छात्र के परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। घटना के बाद से स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र में भी तनावपूर्ण शांति देखी गई। पुलिस ने एहतियातन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल: क्या स्कूल परिसरों में सुरक्षा पर्याप्त है?
परीक्षा केंद्र जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के दौरान और बाद में भी पर्याप्त निगरानी और अनुशासन जरूरी है, ताकि छोटी कहासुनी बड़ी वारदात में न बदले।
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