मौत के बाद उठे सवाल, आरोपों और सफाई के बीच जांच पर टिकी निगाहें
ऑपरेशन के बाद बुजुर्ग की मौत से उठे सवाल, जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
आयुष्मान कार्ड के बावजूद भुगतान लेने के आरोप, अस्पताल प्रबंधन ने कहा- सभी दावे निराधार
सिद्धार्थनगर। सड़क दुर्घटना में घायल एक बुजुर्ग की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत के बाद मामला चर्चा में आ गया है। मृतक के परिजनों ने इलाज प्रक्रिया और भुगतान व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों का खंडन किया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
आरोप बनाम जवाब, अब जांच रिपोर्ट का इंतजार
एक ओर परिजन उपचार में कथित अनियमितता और भुगतान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज की स्थिति पहले से गंभीर थी और उपचार निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुसार किया गया। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई अब जांच रिपोर्ट से सामने आने की उम्मीद है।
मुख्य समाचार
शिकायतकर्ता रामप्रकाश के अनुसार उनके पिता बसंत 10 जून को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। दुर्घटना में कूल्हे की हड्डी में चोट आने के बाद उन्हें उपचार के लिए बढ़नी स्थित विद्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया।
रामप्रकाश का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उपचार के दौरान उनसे धनराशि जमा कराई गई। उनका यह भी कहना है कि ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद मरीज की हालत बिगड़ गई और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रजत चौरसिया ने बताया कि प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। उनके अनुसार जांच के लिए टीम गठित की गई है तथा रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विद्या हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अजय कुमार यादव ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि दुर्घटना में बसंत की फीमर (जांघ की हड्डी) में गंभीर चोट आई थी। जांच के दौरान अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि उपचार चिकित्सकीय आवश्यकता और उपलब्ध नियमों के अनुरूप किया गया तथा किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
डॉ. अजय कुमार यादव का यह भी कहना है कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत सभी उपचार संभव नहीं थे और उपचार से जुड़ी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई। उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया है।
मामले की 5 बड़ी बातें
10 जून को सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे बसंत।
उपचार के लिए बढ़नी स्थित विद्या हॉस्पिटल में कराया गया था भर्ती।
परिजनों ने भुगतान और उपचार प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज किया।
स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम गठित की।
सारांश
दुर्घटना में घायल बुजुर्ग की उपचार के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के दावे आमने-सामने हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
यह समाचार संबंधित पक्षों के बयानों, शिकायतों एवं उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी पक्ष को दोषी ठहराने का उद्देश्य नहीं है। मामले की जांच सक्षम अधिकारियों द्वारा की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के अधीन होगा।
Views: 255

