फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए ऐतिहासिक पहल! अब बदलेगी हजारों जिंदगियां

IMG 20260713 WA1086

बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए नई उम्मीद: ‘दिशा अभियान’ के तहत बांटी गई विशेष वर्कबुक, शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम


मुख्य बातें

जिले को मिलीं 130 विशेष वर्कबुक सेट।

मिठवल में 50 और बांसी में 80 सेट वितरित।

6 से 14 वर्ष के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को मिलेगा लाभ।

पूर्व-पठन, पूर्व-लेखन, गणित, दैनिक जीवन कौशल और स्वच्छता पर आधारित सामग्री शामिल।

📰 खबर (अखबार शैली, सुरक्षित एवं संतुलित)

सिद्धार्थनगर। बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार के राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान तथा जय वकील फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से संचालित ‘दिशा अभियान’ के अंतर्गत विशेष रूप से तैयार की गई वर्कबुक्स का वितरण किया गया।

इस अभियान के सफल क्रियान्वयन में जिला समन्वयक समेकित शिक्षा करुणापति त्रिपाठी की सक्रिय भूमिका रही। उनके प्रयासों से जिले के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए शैक्षणिक सहायता सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे समावेशी शिक्षा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, जिले को कुल 130 विशेष वर्कबुक सेट प्राप्त हुए हैं। इनमें विकास खंड मिठवल के लिए 50 सेट तथा विकास खंड बांसी के लिए 80 सेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन सेटों का वितरण चिन्हित लाभार्थी बच्चों के बीच किया गया।

प्रत्येक सेट में 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए छह विशेष वर्कबुक शामिल हैं। इनमें पूर्व-पठन एवं पूर्व-लेखन कौशल, रेखाएं खींचने और पकड़ मजबूत करने के अभ्यास, व्यावहारिक गणित, संज्ञानात्मक विकास, दैनिक जीवन कौशल (जैसे ब्रश करना, व्यक्तिगत स्वच्छता) तथा सामाजिक एवं पर्यावरणीय जागरूकता से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं।

शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को उनकी सीखने की क्षमता के अनुरूप शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें।

✍️ रिपोर्ट: विजय पाल चतुर्वेदी | FT News Digital

Views: 72

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।