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विकास के दावों पर जलभराव का सवाल! मुख्य मार्ग बना तालाब, ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

📰 मुख्य शीर्षक

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

मुख्य मार्ग से तत्काल जलभराव हटाया जाए।

जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करे।

विकास कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए।

जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए।


सिद्धार्थनगर। विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बीच डुमरियागंज विकास खंड के एक गांव में जलभराव की समस्या ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराने और विकास कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

सारांश

मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अब उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई है।

विस्तृत खबर

सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज विकास खंड के एक गांव में जल निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों में असंतोष देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के मुख्य मार्ग पर लंबे समय से जलभराव बना हुआ है, जिससे आमजन का आवागमन प्रभावित हो रहा है। बरसात के दौरान स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, महिलाएं, किसान और अन्य लोग आवागमन करते हैं। पानी भरे रहने से फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि यदि किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़ जाए तो जलभराव के कारण कठिनाइयां और बढ़ जाती हैं।

स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई है। समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, ग्राम सचिव की ओर से जल निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिए जाने का उल्लेख है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अभी तक स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। यदि विकास कार्यों में किसी प्रकार की तकनीकी कमी या अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

ग्रामीणों का कहना है कि शासन की मंशा गांवों तक बेहतर मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने की है। ऐसे में यदि किसी स्थान पर समस्याएं बनी हुई हैं तो उनका समयबद्ध समाधान होना जनहित में आवश्यक है।

पत्रकारिता का संतुलन

यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उठाई गई शिकायतों एवं उपलब्ध प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं। FT News Digital किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। संबंधित विभाग अथवा अन्य पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 रिपोर्ट : श्याम सुंदर शुक्ला

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