“रक्षाबंधन पर मासूम की हत्या से सनसनी, मुठभेड़ में आरोपी की मौत!”
छह साल की बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या, मुठभेड़ में आरोपी की मौत
ग्रेटर नोएडा में सनसनीखेज वारदात से दहला इलाका, रक्षाबंधन के दिन बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप; पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान चली गोली
ग्रेटर नोएडा। रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व के दिन ग्रेटर नोएडा में सामने आई छह वर्षीय बच्ची की हत्या की वारदात ने इंसानियत को झकझोर दिया। पुलिस के मुताबिक बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के बाद उसके साथ गंभीर आपराधिक कृत्य किया गया और बाद में उसकी हत्या कर शव को बोरी में रखकर झाड़ियों के बीच फेंक दिया गया। मामले की जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने बलराज उर्फ बल्लू (32) को संदिग्ध आरोपी के रूप में चिन्हित किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी को पकड़ने के दौरान हुई मुठभेड़ में फायरिंग हुई। गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी घायल हुआ, जबकि आरोपी भी घायल हुआ। बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु होने की जानकारी सामने आई।
| घटना ने खड़े किए कई गंभीर सवाल
रक्षाबंधन के दिन घर के बाहर से बच्ची के लापता होने की सूचना ने परिवार को चिंता में डाल दिया। तलाश के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो बच्ची को एक व्यक्ति के साथ जाते हुए देखा गया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस का शक एक संदिग्ध व्यक्ति पर गया। इसके बाद पुलिस ने उसके घर और संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
बोरी में मिला बच्ची का शव
पुलिस के मुताबिक बच्ची के परिजनों ने उसके लापता होने की सूचना दी थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान बच्ची को कथित तौर पर आरोपी के साथ जाते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार पूछताछ और निशानदेही के आधार पर एक तालाब के पास झाड़ियों से बच्ची का शव बरामद किया गया। शव बोरी में रखा हुआ बताया गया।
मिठाई-चॉकलेट का लालच देकर ले जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब पौने तीन बजे घर के बाहर खेल रही बच्ची को आरोपी चॉकलेट दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। काफी देर तक बच्ची के वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में बच्ची को एक व्यक्ति के साथ जाते हुए देखा गया। जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध की पहचान बलराज उर्फ बल्लू के रूप में किए जाने का दावा किया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और उसकी निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया गया।
चाकू और पिस्टल बरामदगी का पुलिस का दावा
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार आरोपी ने वारदात में चाकू का इस्तेमाल करने तथा हथियार छिपाए जाने की जानकारी दी थी। पुलिस टीम कथित तौर पर हथियार बरामद करने पहुंची। इसी दौरान आरोपी द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग किए जाने की बात कही गई।
जवाबी कार्रवाई के दौरान एक हेड कांस्टेबल के घायल होने तथा आरोपी के भी गोली लगने की जानकारी सामने आई। आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे/निशानदेही से एक अवैध पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद होने का दावा किया है। बरामदगी और मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर ही होगी।
बच्चियों से अपराध का पुराना मामला भी सामने आया
अखबारी रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से यह भी बताया गया है कि आरोपी के विरुद्ध बच्चों से संबंधित अपराध के पूर्व मामले दर्ज रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में भी उसे सजा हो चुकी थी तथा वह कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आया था। सूरजपुर क्षेत्र में भी उसके खिलाफ बच्चों से जुड़े अपराध और हत्या के आरोप का उल्लेख किया गया है।
इन पुराने मामलों की स्थिति और न्यायिक रिकॉर्ड की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित पुलिस/न्यायालयीन अभिलेखों से की जानी चाहिए।
रक्षाबंधन के दिन लापता हुई छह साल की बच्ची की तलाश का मामला उस वक्त भयावह मोड़ ले गया, जब पुलिस ने एक संदिग्ध आरोपी की निशानदेही पर उसका शव बरामद किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी को पकड़ने और कथित हथियार बरामदगी के दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
सारांश
ग्रेटर नोएडा में छह वर्षीय बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार बच्ची को चॉकलेट दिलाने के बहाने ले जाने वाले संदिग्ध आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद किया गया। हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस से मुठभेड़ की बात सामने आई, जिसमें एक पुलिसकर्मी और आरोपी घायल हुए। आरोपी की बाद में अस्पताल में मौत हो गई। मामले में पुलिस की कार्रवाई, बरामदगी और मुठभेड़ की परिस्थितियां जांच का विषय हैं।
टिप्पणी | सवाल सिर्फ एक वारदात का नहीं
बच्चों के खिलाफ अपराध किसी भी सभ्य समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रभावी निगरानी, सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी व्यवस्था और ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई की जरूरत को सामने रखा है।
साथ ही, मुठभेड़ और आरोपी की मृत्यु जैसे गंभीर घटनाक्रम में कानून की प्रक्रिया, पुलिस की कार्रवाई और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो, अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
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