₹6.87 करोड़ से बदलेगी उस्का बाजार थाने की तस्वीर

नए प्रशासनिक भवन से पुलिसिंग को मिलेगा आधुनिक आधार, प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने किया शिलान्यास

सिद्धार्थनगर, 29 अगस्त 2026।
उस्का बाजार थाना अब पुराने ढर्रे से आगे बढ़कर आधुनिक पुलिसिंग की नई तस्वीर गढ़ने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। शनिवार को थाना परिसर में ₹687.56 लाख (करीब ₹6.88 करोड़) की लागत से बनने वाले प्रशासकीय भवन (जी+2) का विधिवत भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया। जनपद प्रभारी मंत्री एवं श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने शिलापट का अनावरण कर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई।

बड़ी खबर
₹687.56 लाख की लागत से बनेगा जी+2 प्रशासनिक भवन
उस्का बाजार थाना बनेगा आधुनिक पुलिसिंग का नया केंद्र

क्या बदलेगा?
थाने को मिलेगा नया जी+2 प्रशासनिक भवन
पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्यालयी एवं कार्यस्थलीय सुविधाएं
आधुनिक संसाधनों और तकनीक के उपयोग पर जोर
शासन के अनुसार कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम
निर्माण पूरा होने के बाद थाना मॉडल थाना के रूप में विकसित करने की बात
भूमिपूजन से शिलान्यास तक, दिखी विकास की तस्वीर

कार्यक्रम में जनपद प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने जिलाध्यक्ष भाजपा दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी में निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इसके बाद शिलापट का अनावरण किया गया।
मंत्री ने पुलिस विभाग को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए पुलिस विभाग को आवश्यक संसाधनों से लैस करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए आवास, कार्यालय और पुलिस लाइन में सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है तथा पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उस्का बाजार थाना प्रशासनिक भवन के निर्माण के बाद मॉडल थाना के रूप में विकसित होगा, जिससे क्षेत्र में पुलिसिंग को और बेहतर आधार मिलने की उम्मीद है।
| सुविधा से मजबूत होगी पुलिसिंग
किसी भी थाने की मजबूती केवल भवन की दीवारों से नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध संसाधनों, कार्यप्रणाली और पुलिसकर्मियों को मिलने वाली सुविधाओं से तय होती है। उस्का बाजार में प्रस्तावित जी+2 प्रशासनिक भवन इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। करीब 6.88 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन पूरा होने के बाद पुलिस विभाग को आधुनिक कार्यस्थल उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र की कानून-व्यवस्था व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
जनप्रतिनिधियों ने भी गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या ने कहा कि जनता को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रशासनिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों को आवास, निःशुल्क राशन, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस और शौचालय जैसी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि थाना उस्का बाजार में प्रशासनिक भवन का निर्माण महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने जिले में चल रहे अन्य विकास कार्यों, जिनमें मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े कार्य भी शामिल हैं, का उल्लेख किया।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार ने प्रस्तावित प्रशासकीय भवन के निर्माण से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
पुलिस-प्रशासन और जनता की रही मजबूत मौजूदगी
कार्यक्रम में अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। मंच से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा व्यवस्था भी दिखाई दी। तस्वीरों में जनसमुदाय की सक्रिय भागीदारी और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी कार्यक्रम के व्यापक आयोजन को दर्शाती है।
मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने मुख्य अतिथि, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डा. सीमा मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, जिला उपाध्यक्ष आशीष शुक्ला, नगर पंचायत उस्का बाजार अध्यक्ष प्रतिनिधि हेमन्त जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सारांश
उस्का बाजार थाने के लिए शनिवार का दिन महज शिलान्यास का दिन नहीं, बल्कि बुनियादी पुलिसिंग को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में एक अहम पड़ाव रहा। ₹687.56 लाख की लागत से बनने वाला जी+2 प्रशासनिक भवन पूरा होने के बाद पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्यस्थल मिलने के साथ थाना क्षेत्र में पुलिसिंग को नई संरचना मिलने की उम्मीद है।
टिप्पणी | अब असली परीक्षा निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता की
शिलान्यास किसी भी विकास कार्य की शुरुआत है, मंजिल नहीं। उस्का बाजार थाने के इस महत्वाकांक्षी भवन से क्षेत्र की उम्मीदें स्वाभाविक रूप से बड़ी हैं। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा होता है या नहीं। यदि घोषित सुविधाएं धरातल पर उतरती हैं, तो यह भवन निश्चित रूप से पुलिसिंग को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो सकता है।
रिपोर्ट: FT News Digital
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