कौनकटी चौराहे पर मारपीट मामले में पुलिस की कार्रवाई, दो अभियुक्त गिरफ्तार
कौनकटी चौराहे पर मारपीट मामले में पुलिस की कार्रवाई, दो अभियुक्त गिरफ्तार
पथरा बाजार पुलिस ने दोनों को न्यायालय भेजा, पुलिस टीम की तत्परता से कार्रवाई तेज
सिद्धार्थनगर, 27 अगस्त 2026।

थाना पथरा बाजार क्षेत्र के कौनकटी चौराहे पर मारपीट की घटना के मामले में पथरा बाजार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय भेज दिया गया।
चौराहे पर मारपीट के बाद पुलिस का शिकंजा
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक, अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि कौनकटी चौराहे पर मारपीट के मामले में सूरज मोदनवाल और सचिन मोदनवाल को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश वर्मा के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई का नेतृत्व पथरा बाजार थानाध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्र ने किया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार—
सूरज मोदनवाल, पुत्र राधेश्याम, निवासी पिपरा रामलाल, थाना पथरा बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर, उम्र करीब 24 वर्ष।
सचिन मोदनवाल, पुत्र राधेश्याम, निवासी पिपरा रामलाल, थाना पथरा बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर, उम्र करीब 20 वर्ष।
पुलिस के अनुसार दोनों को गिरफ्तार करने के बाद नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई करने वाली टीम में
उपनिरीक्षक अवधेश यादव तथा कांस्टेबल संतोष कुमार, थाना पथरा बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर शामिल रहे।
सारांश
कौनकटी चौराहे पर मारपीट के मामले में पथरा बाजार पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दोनों को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय भेजा गया। कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई।
लीड
कौनकटी चौराहे पर हुई मारपीट के मामले ने पुलिस को सक्रिय किया तो कार्रवाई भी सामने आ गई। पथरा बाजार पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कानून का हाथ लंबा, लेकिन फैसला अदालत का
मारपीट जैसी घटनाएं सार्वजनिक स्थानों पर न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती हैं, बल्कि आम लोगों में असुरक्षा की भावना भी पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। हालांकि, गिरफ्तारी या पुलिस द्वारा अभियुक्त बनाए जाने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाएगा। इसलिए समाचार में संबंधित व्यक्तियों को अभियुक्त के रूप में ही संबोधित किया जाना न्यायिक मर्यादा और पत्रकारिता की दृष्टि से उचित है।
स्रोत: थाना पथरा बाजार पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट, दिनांक 27.08.2026।
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