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जोगिया में बड़ा एक्शन: ग्राम विकास अधिकारी निलंबित, जांच से बढ़ी हलचल

अभिलेख न देने पर गिरी गाज, प्रशासन सख्त मोड में


सिद्धार्थनगर, 22 अप्रैल 2026।

जनपद के जोगिया विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत हरैया में तैनात ग्राम विकास अधिकारी सुबाष चन्द्र को जिला विकास अधिकारी के आदेश पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक शिकायत की जांच के दौरान आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने और जांच में अपेक्षित सहयोग न मिलने के आधार पर की गई है।

शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला

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ग्राम पंचायत हरैया निवासी कपिलदेव द्वारा दिनांक 18 फरवरी 2026 को प्रस्तुत शिकायती पत्र के आधार पर जांच शुरू की गई थी।

जांच अधिकारी को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने थे, लेकिन आरोप है कि आवश्यक अभिलेख समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए।


इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई

 प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया

नियमावली के तहत सख्त कार्रवाई


प्रकरण को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने

उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999

के तहत अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करते हुए निलंबन आदेश जारी किया है।

जांच अधिकारी नियुक्त, कार्रवाई आगे बढ़ी

इस मामले की जांच अब खंड विकास अधिकारी, नौगढ़ को सौंपी गई है

 निलंबन अवधि में संबंधित अधिकारी को विकास खंड जोगिया कार्यालय से संबद्ध रखा गया है

निलंबन अवधि के नियम

संबंधित अधिकारी को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा

यह अर्ध वेतन के बराबर निर्धारित होगा

अन्य भत्ते नियमानुसार देय होंगे

यह प्रमाण देना होगा कि वे किसी अन्य रोजगार में संलग्न नहीं हैं


प्रशासन का सख्त संदेश

यह कार्रवाई संकेत देती है कि—

जांच में लापरवाही

 अभिलेख उपलब्ध न कराना

प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी

अब सीधे कार्रवाई का कारण बन सकती है।


ग्राउंड पर असर

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, अन्य पंचायतों में भी कार्यों और अभिलेखों की समीक्षा की जा सकती है।

महत्वपूर्ण कानूनी नोट (Must Use)

यह कार्रवाई प्रशासनिक आदेश के आधार पर की गई है। प्रकरण में जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही निर्धारित होगा।

जनगणना प्रशिक्षण में लगे कर्मियों को राहत, आईकार्ड दिखाकर मिलेगा तुरंत पेट्रोल

सिद्धार्थनगर। जनगणना को लेकर कल से जिले में शुरू हो रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के बीच प्रशासन ने बड़ी राहत भरी व्यवस्था लागू की है। अब प्रशिक्षण में ड्यूटी पर लगे शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारी पेट्रोल पंपों पर बिना लंबी लाइन में लगे आसानी से पेट्रोल ले सकेंगे।

भीड़ और लंबी लाइनों से मिली राहत

जिले के पेट्रोल पंपों पर इन दिनों भारी भीड़ और लंबी कतारों की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में समय पर प्रशिक्षण स्थल पहुंचना कर्मचारियों के लिए चुनौती बन गया था। इस परेशानी को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी ने यह अहम फैसला लिया है।

आईकार्ड दिखाना होगा जरूरी

नई व्यवस्था के तहत जिन कर्मचारियों की ड्यूटी प्रशिक्षण में लगी है, वे पेट्रोल पंप पर आईकार्ड दिखाकर प्राथमिकता के आधार पर पेट्रोल, डीजल व सीएनजी ले सकेंगे। इससे उन्हें घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

समय पर प्रशिक्षण में पहुंचना होगा आसान

प्रशासन का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कर्मचारी देर से प्रशिक्षण में न पहुंचे। समय पर उपस्थिति से प्रशिक्षण कार्यक्रम भी सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।

प्रशासन का सराहनीय कदम

जिला प्रशासन का यह कदम कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि कामकाज में भी तेजी आएगी।

सिद्धार्थनगर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर सख्ती, डीएम ने दिए कड़े निर्देश

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अंबेडकर सभागार में गोष्ठी, चालकों और स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश

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सिद्धार्थनगर, 22 अप्रैल 2026 (FT News Digital)

जनपद सिद्धार्थनगर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अंबेडकर सभागार में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन भी उपस्थित रहे।


बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूली वाहन चालकों की भूमिका को अत्यंत जिम्मेदार बताते हुए कहा कि चालक केवल वाहन नहीं चलाते, बल्कि देश के भविष्य को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा—

आपके हाथों में बच्चों की जिंदगी की जिम्मेदारी है, इसलिए पूरी सजगता और निष्ठा के साथ कर्तव्य निभाएं।”

डीएम ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि—

▪ निर्धारित गति सीमा का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए

▪ ओवरलोडिंग से बचा जाए

▪ नशे की हालत में वाहन न चलाया जाए

▪ वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न किया जाए


साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी स्कूली वाहनों में—

अग्निशमन यंत्र

फर्स्ट एड बॉक्स

 जीपीएस सिस्टम

सीसीटीवी कैमरा जैसी

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आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों।

विद्यालय प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि वे वाहनों की नियमित जांच कराएं और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। साथ ही चालकों का पुलिस सत्यापन, ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए।

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शासन की मंशा

शासन द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में प्रशासन लगातार जागरूकता और सख्ती दोनों स्तरों पर कार्य कर रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोका जा सके और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

समापन

गोष्ठी के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने यातायात नियमों के पालन और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि—

“एक छोटी-सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है।”

उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, एआरटीओ संजय सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कमल किशोर सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं स्कूल प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

 

सिद्धार्थनगर में ग्राम प्रधानों की एकजुट आवाज, कार्यकाल व भुगतान को लेकर सौंपा ज्ञापन

विकास भवन में बैठक के बाद प्रमुख सचिव को दिया मांग पत्र, शासन स्तर पर समाधान की जताई उम्मीद

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सिद्धार्थनगर, 22 अप्रैल 2026 (संवाददाता)

जनपद सिद्धार्थनगर में ग्राम प्रधानों की समस्याओं और पंचायत संचालन से जुड़े मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले जिले भर के प्रधान प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

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बैठक की अध्यक्षता संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र ने की, जिसमें सभी ब्लॉकों के प्रधान संघ अध्यक्षों की सक्रिय भागीदारी रही।

बैठक के उपरांत प्रधानों द्वारा प्रमुख सचिव को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पंचायत संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। ज्ञापन में प्रमुख रूप से यह मांग की गई कि 26 मई को कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात या तो वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए अथवा उन्हें प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि ग्राम पंचायतों का कार्य प्रभावित न हो।

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इसके अतिरिक्त प्रधानों ने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों के लंबित भुगतान को शीघ्र जारी करने की मांग उठाई। विशेष रूप से मनरेगा के तहत हुए पक्के कार्यों के भुगतान में देरी को लेकर चिंता व्यक्त की गई और इसे जल्द निपटाने का आग्रह किया गया।

प्रधान प्रतिनिधियों का कहना है कि भुगतान में विलंब और प्रशासनिक अनिश्चितता के कारण ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की गति प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ सकता है।

वहीं, प्रमुख सचिव द्वारा ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वस्त किया गया कि सभी बिंदुओं को संबंधित स्तर पर अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया जाएगा।

शासन की मंशा

प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में प्रधानों द्वारा उठाई गई समस्याओं और सुझावों को शासन स्तर पर गंभीरता से लिए जाने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।

निष्कर्ष

सिद्धार्थनगर में ग्राम प्रधानों की यह पहल न केवल पंचायत स्तर की समस्याओं को सामने लाने का प्रयास है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को प्रभावी बनाए रखने के लिए संवाद और समन्वय की आवश्यकता लगातार बनी हुई है।

 

गायब बालक बरामद हुआ

डॉ0 अभिषेक महाजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में, प्रशान्त कुमार प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के कुशल निर्देशन में, विश्वजीत सौरयान क्षेत्राधिकारी सदर के कुशल पर्यवेक्षण में जितेन्द्र सिंह थानाध्यक्ष मोहाना के नेतृत्व में चौकी ककरहवा पर राधेश्याम ग्राम बभनी थाना लुंबिनी जिला रूपनदेही राष्ट्र नेपाल द्वारा सूचना दिया गया कि आज दिनांक 17/04/2026 को एक बालक जो घर से अपने बाबा के साथ ककरहवा बाजार में आया था कि गुम हो गया । इस सूचना पर तत्काल चौकी इंचार्ज ककरहवा थाना मोहाना मय फोर्स द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए बालक को सकुशल बरामद किया गया । बालक के परिजनो को बुला कर बालक को परिजन को सुपुर्द किया गया । परिजनों द्वारा थाना मोहाना पुलिस की भूरि भूरि प्रशंसा की गई और धन्यवाद ज्ञापित किया गया ।

परशुराम जयंती पर निकली शोभायात्रा

सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज।सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा परसपुर बहेरिया में भगवान श्री परशुराम जी की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकालकर उत्साह एवं श्रद्धा के साथ समारोहपूर्वक मनाया गया। इस पावन अवसर पर डुमरियागंज के लोकप्रिय सांसद माननीय श्री जगदंबिका पाल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत शोभायात्रा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, युवा एवं क्षेत्रीय नागरिक पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए। शोभायात्रा पूरे ग्राम क्षेत्र में भ्रमण करते हुए भक्ति एवं उत्साह का संदेश प्रसारित करती रही। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत एवं पुष्पवर्षा की गई, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय एवं उत्सवमय हो गया।

इस अवसर पर माननीय सांसद श्री जगदंबिका पाल जी ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम जी के जीवन एवं आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन हमें धर्म, सत्य, साहस और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत करते हैं।

माननीय सांसद जी ने आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं तथा नई पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में सच्चिदानंद पांडे, लव कुश पांडे, अरुण शुक्ला, महेंद्र शुक्ला, दुर्गेश पांडे, विश्वनाथ पांडे, दीनानाथ दुबे, मकसूदन पांडे, दिलीप पांडे, राजेश पांडे सहित सैंकड़ों की की संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, युवा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

सिद्धार्थनगर सहित पूरे यूपी के विद्यालयों में समय बदला, अब नए समय से खुलेंगे विद्यालय

उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और लू (हीट वेव) को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, ताकि बच्चों को तेज धूप और गर्मी से बचाया जा सके।

सुबह 7.30 बजे खुलेगा स्कूल

अब प्रदेश के सभी परिषदीय (सरकारी) स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेंगे।

छात्र-छात्राएं सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक स्कूल में रहेंगे

शिक्षक और कर्मचारी 1:30 बजे तक स्कूल में मौजूद रहेंगे

प्रार्थना सभा और योग: 7:30 से 7:40 बजे तक

मध्यावकाश (लंच ब्रेक): 10:00 से 10:15 बजे तक

इस बदलाव का मकसद है कि पढ़ाई का समय सुबह की ठंडी अवधि में पूरा हो सके और बच्चों को लू से बचाया जा सके।

प्राइवेट (मान्यता प्राप्त) स्कूलों को भी इस स्थिति को देखते हुए अपने स्तर पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। उनकी प्रबंधन समितियां जरूरत के अनुसार समय तय कर सकती हैं।

शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर में लू का प्रकोप तेज हो जाता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।

इलाज के दौरान युवती की मौत, जांच में जुटी पुलिस

इटवा क्षेत्र का मामला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

सिद्धार्थनगर (इटवा)

थाना क्षेत्र के समरी गांव की 21 वर्षीय युवती की तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। घटना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पूनम विश्वकर्मा (21 वर्ष) पुत्री अंगद विश्वकर्मा, निवासी समरी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, 19 तारीख की रात में अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इटवा ले जाया गया।

चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि घटना से पूर्व घर में कुछ कहासुनी हुई थी। हालांकि, मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

बताया जा रहा है कि युवती का विवाह आगामी 19 जून को थाना क्षेत्र के ग्राम तरैनी में प्रस्तावित था। इस घटना के बाद परिवार में खुशी का माहौल शोक में बदल गया है।

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।


पूनम विश्वकर्मा (फोटो : परिजनों द्वारा उपलब्ध)

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19 जून को प्रस्तावित था विवाह

 तबीयत बिगड़ने पर CHC से किया गया रेफर

 पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होंगे कारण


Siddharthnagar News: इटवा में 21 वर्षीय युवती की इलाज के दौरान मौत, जांच जारी

 

चादर में लिपटी मिली दुधमुंही बच्ची, राहगीरों की सूझबूझ से बची जान

इटवा, सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)

इटवा थाना क्षेत्र के विशुनपुर सैनी गांव के समीप एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां निर्माणाधीन आईटीआई विद्यालय के पास स्थित इटवा शाखा नहर के किनारे एक नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में मिली। घटना के सामने आते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

घटना का समय:

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार तड़के की बताई जा रही है, जब कुछ राहगीर नहर की पटरी से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक चादर में बंधे बंडल पर पड़ी।

रोने की आवाज से खुला राज:

राहगीर पहले तो रुक गए, लेकिन तभी उस बंडल से रोने की आवाज सुनाई दी। शक होने पर जब पास जाकर देखा गया तो उसमें एक दुधमुंही बच्ची मिली। यह दृश्य देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस और राहत कार्रवाई:

स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इटवा पहुंचाया।

बेहतर इलाज के लिए रेफर:

प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा हेतु माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।

जांच शुरू:

पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में पूछताछ और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्ची को वहां छोड़ने वालों का पता लगाया जा सके।

समाज के लिए संदेश

नवजात को इस तरह छोड़ना गंभीर अपराध है

किसी भी आपात स्थिति में कानूनी और सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं

समाज को ऐसे मामलों में संवेदनशील और सतर्क रहने की जरूरत है


यह खबर स्थानीय सूचना और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और दोषियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।

 

“कार्यकाल की उलटी गिनती शुरू: 26 मई से पहले खर्च पर सख्ती, यूपी में पंचायत चुनाव की आहट”

सिद्धार्थनगर में प्रशासन का स्पष्ट निर्देश—खाते से अधिक खर्च पर तय होगी जिम्मेदारी, बकाया से बचने पर जोर


सिद्धार्थनगर / उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में प्रशासनिक सक्रियता तेज होती नजर आ रही है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर जनपद से एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी हुआ है, जिसने पंचायत स्तर पर कामकाज की दिशा को स्पष्ट कर दिया है।

Screenshot 20260419 165909जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 26 मई 2026 को वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इस तय समयसीमा के मद्देनजर प्रशासन ने वित्तीय अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। क्या है प्रशासन का निर्देश?

निर्देश में कहा गया है कि

25 मई 2026 तक ग्राम पंचायत के खाते में उपलब्ध धनराशि के अनुरूप ही कार्य कराए जाएं।

 कार्यकाल समाप्त होने के बाद कोई भी भुगतान लंबित न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते वित्तीय संतुलन नहीं बनाया गया, तो भविष्य में भुगतान विवाद और कानूनी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।

जिम्मेदारी भी तय

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि

यदि किसी भी स्थिति में उपलब्ध धनराशि से अधिक व्यय किया जाता है और बाद में भुगतान या विवाद की स्थिति बनती है, तो संबंधित स्तर पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित की जा सकती है।

यह निर्देश सीधे तौर पर पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।

मानदेय भुगतान पर विशेष जोर

प्रशासन ने पंचायत स्तर पर कार्यरत

पंचायत सहायकों

सामुदायिक शौचालय के केयरटेकर

के मानदेय भुगतान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी कर्मचारी का भुगतान लंबित न रहे और व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

चुनावी पृष्ठभूमि में बढ़ी सतर्कता

गौरतलब है कि पूरे उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगामी समय में प्रस्तावित है, ऐसे में यह निर्देश सिर्फ एक जनपद तक सीमित नहीं बल्कि व्यापक प्रशासनिक दृष्टिकोण का संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कार्यकाल समाप्ति से पहले वित्तीय अनुशासन लागू करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि

नई पंचायतों को साफ-सुथरी वित्तीय स्थिति मिले

पुराने कार्यकाल के बकाया और विवाद आगे न बढ़ें

शासन की पारदर्शिता नीति जमीनी स्तर पर प्रभावी हो

प्रशासन का संदेश साफ

इस पूरे निर्देश से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि

कार्यकाल समाप्ति से पहले हर पंचायत अपना वित्तीय लेखा-जोखा संतुलित करे

 अनावश्यक खर्च और बकाया से बचा जाए

 नियमों के अनुसार ही कार्य संपन्न किए जाएं


“चुनाव से पहले हिसाब-किताब दुरुस्त करने का संदेश, पंचायतों में बढ़ी सतर्कता”

 

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