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जनगणना ड्यूटी में मनमानी का आरोप, कर्मियों को 20 किलोमीटर दूर भेजे जाने पर फूटा गुस्सा

विकल्प मांगे गए, लेकिन आवंटन में नहीं दिखी पारदर्शिता।

बांसी, सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील क्षेत्र में जनगणना कार्य के लिए लगाए गए प्रगणकों और कर्मचारियों में ड्यूटी आवंटन को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग ने उनसे एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) के लिए विकल्प तो मांगे, लेकिन अंतिम आवंटन में उनकी पसंद और सुविधा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। कई कर्मचारियों की ड्यूटी उनके घर से 20 से 25 किलोमीटर दूर लगा दी गई है, जबकि कुछ कर्मियों का पहले से आवंटित एचएलबी अचानक निरस्त कर दिया गया।

खासकर ऐसी महिला कर्मियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, जिनके छोटे बच्चे हैं या जिनको कोई ले आने-जाने वाला नहीं है। महिला कर्मियों का कहना है कि, मनचाहा विकल्प चुनने के बाद भी इतनी दूर ड्यूटी लग जाने से हम परेशान हैं, कि इतनी दूर हम ड्यूटी कैसे कर पाएंगे।

“पहले एलॉट किया, फिर निरस्त कर दिया गया।”

प्रगणक सत्यपाल सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले एक एचएलबी (HLB) आवंटित किया गया था, लेकिन बाद में बिना किसी सूचना के उसे हटा दिया गया और अब उनकी स्थिति पेंडिंग में दिखाई जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि अब उन्हें किसी दूरस्थ क्षेत्र में ड्यूटी दी जा सकती है।

वहीं विष्णु वरुण, रबीकांत, संजय चौधरी, निर्मल मौर्या समेत अन्य कर्मियों ने भी कहा कि उन्होंने अपने गांव या आसपास के क्षेत्रों का विकल्प चुना था, लेकिन विभाग ने उन्हें काफी दूर तैनात कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि इससे न सिर्फ आने-जाने में परेशानी होगी, बल्कि समय और आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।

कर्मचारियों ने लगाया मनमानी का आरोप

जनगणना कर्मियों का आरोप है कि बांसी तहसील स्तर पर ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि विकल्प लेने की प्रक्रिया अपनाई गई थी, तो उसी के अनुरूप एचएलबी (HLB)आवंटन किया जाना चाहिए था।

कई कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिनकी ड्यूटी पहले उनके क्षेत्र या नजदीक लगी थी, उनकी ड्यूटी काटकर दूर स्थानों पर भेज दिया गया या फिर सूची से नाम ही हटा दिया गया।

तहसीलदार से लगाई न्याय की गुहार

नाराज कर्मचारियों ने तहसीलदार बांसी से मांग की है कि ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। कर्मचारियों ने कहा कि जिनका एचएलबी निरस्त किया गया है, उन्हें पुनः वही एचएलबी आवंटित किया जाए और जिन कर्मियों को दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा गया है, उन्हें उनके द्वारा चुने गए विकल्पों में से ही क्षेत्र दिया जाए।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर जनगणना कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों पर पड़ सकता है।

जनगणना प्रशिक्षण में लगे कर्मियों को राहत, आईकार्ड दिखाकर मिलेगा तुरंत पेट्रोल

सिद्धार्थनगर। जनगणना को लेकर कल से जिले में शुरू हो रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के बीच प्रशासन ने बड़ी राहत भरी व्यवस्था लागू की है। अब प्रशिक्षण में ड्यूटी पर लगे शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारी पेट्रोल पंपों पर बिना लंबी लाइन में लगे आसानी से पेट्रोल ले सकेंगे।

भीड़ और लंबी लाइनों से मिली राहत

जिले के पेट्रोल पंपों पर इन दिनों भारी भीड़ और लंबी कतारों की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में समय पर प्रशिक्षण स्थल पहुंचना कर्मचारियों के लिए चुनौती बन गया था। इस परेशानी को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी ने यह अहम फैसला लिया है।

आईकार्ड दिखाना होगा जरूरी

नई व्यवस्था के तहत जिन कर्मचारियों की ड्यूटी प्रशिक्षण में लगी है, वे पेट्रोल पंप पर आईकार्ड दिखाकर प्राथमिकता के आधार पर पेट्रोल, डीजल व सीएनजी ले सकेंगे। इससे उन्हें घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

समय पर प्रशिक्षण में पहुंचना होगा आसान

प्रशासन का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कर्मचारी देर से प्रशिक्षण में न पहुंचे। समय पर उपस्थिति से प्रशिक्षण कार्यक्रम भी सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।

प्रशासन का सराहनीय कदम

जिला प्रशासन का यह कदम कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि कामकाज में भी तेजी आएगी।

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