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संयुक्त विकास आयुक्त ने किया नाथनगर ब्लॉक का दौरा

संतकबीरनगर। बस्ती मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त निर्मल कुमार द्विवेदी ने बुधवार को नाथनगर ब्लॉक का मुआयना किया। ब्लॉक क्षेत्र में चलाई जा रही शासकीय योजनाओं के रफ्तार पर जेडीसी ने संतुष्टि जताई। सभी योजनाओं की समीक्षा के साथ ही ब्लॉक परिसर में निर्माणाधीन बीडीओ कार्यालय का निरीक्षण भी किया। जेडीसी के निरीक्षण के दौरान ब्लॉक कर्मी अलर्ट मोड में नजर आए।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जेडीसी निर्मल कुमार द्विवेदी नाथनगर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। बीडीओ कुलदीप कुमार को साथ लेकर ब्लॉक परिसर में निर्माणाधीन बीडीओ कार्यालय के निर्माण कार्य का जायजा लिया। बीडीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि लगभग साढ़े 15 लाख रुपए की लागत से उक्त भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जेई आरईएस से स्टीमेट के हर बिंदु की जानकारी लिया। बन कर तैयार हुए बीडीओ आवास के बारे में भी जेडीसी ने जानकारी लिया। बाद में उन्होंने विभाग वार चल रहे शासकीय योजनाओं की समीक्षा भी किया। मनरेगा के तहत समूचे वित्तीय वर्ष में अर्जित मानव दिवस और पक्की परियोजनाओं की भी डिटेल जानी। मनरेगा में भुगतान प्रक्रिया और 60 :40 के अनुपात में दी गई स्वीकृतियों पर संतुष्टि जताई। एनआरएलएम में पंजीकृत समूहों की डिटेल जानने के बाद जेडीसी ने समूह सृजन में और तेजी लाए जाने का निर्देश दिया। स्वच्छता अभियान की धरातल पर स्थिति के बारे मे जानकारी लिया। निःशुल बोरिंग, प्रधानमंत्री आवास, पेंशन, किसान सम्मान निधि, फॉर्मर आईडी और क्रॉप सर्वे सहित सभी विकासोन्मुखी योजनाओं के प्रगति की भी समीक्षा किया। जेडीसी ने कहा कि ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में चलाई जा रही योजनाओं का अभिलेखीय अवलोकन करने के बाद निरीक्षण आख्या तैयार की जायेगी। श्री द्विवेदी ने बीडीओ कुलदीप कुमार के कार्यप्रणाली पर संतुष्टि जताई। इस दौरान एडीओ ग्राम विकास अभय प्रताप सिंह, एडीओ पंचायत सतीश कुशवाहा, निवर्तमान लेखाकार दीपक कुमार सिंह, ब्लॉक टीए संजय पांडेय, ममता यादव, संदीप शुक्ला, जयंत कुमार आदि लोग मौजूद रहे।

यूपी पंचायत चुनाव : तैयारियां पूरी, तारीख पर सस्पेंस बरकरार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिला त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। भले ही चुनाव की आधिकारिक तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ हो, लेकिन जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज़ी से अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। चुनाव हेतु मतपत्रों की छपाई का कार्य शुरू हो चुका है और इन्हें चरणबद्ध तरीके से जनपदों को भेजा जा रहा है।

● इस बार चुनाव प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए चारों पदों के लिए अलग-अलग रंगों के मतपत्र निर्धारित किए गए है, ग्राम प्रधान के लिए सफेद, ग्राम पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी, क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) के लिए नीला और जिला पंचायत सदस्य के लिए पीला मतपत्र होगा। इस व्यवस्था से न केवल मतदान कर्मियों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि मतदाता भी बिना किसी भ्रम के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मतगणना के दौरान भी पर्चियों की पहचान और अलगाव आसान होगा।

● प्रदेश में लगभग 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रस्तावित हैं, जिनमें करीब 8 लाख ग्राम पंचायत सदस्य, 75 हजार से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्य और लगभग 3 हजार जिला पंचायत सदस्य चुने जाएंगे। इतने बड़े लोकतांत्रिक आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी तत्परता से जुटा हुआ है।

● हालांकि, चुनाव की तारीखों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसकी प्रमुख वजह पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग के गठन में हो रही देरी है, जिससे आरक्षण प्रक्रिया फिलहाल अधर में लटकी हुई है। सरकार ने हाईकोर्ट में आयोग गठन का आश्वासन जरूर दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।

● पंचायत चुनाव 2026 में देरी की बड़ी वजह जनगणना भी है, क्यों कि जनगणना भी राष्ट्रीय कार्यक्रम है जिसे लेकर प्रदेश सरकार युद्धस्तर पर लगी है।

● उधर, वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्ति की ओर है—ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026, जिला पंचायत का 11 जुलाई 2026 और क्षेत्र पंचायत का 19 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि चुनावी तैयारियां पूरी होने के बावजूद आरक्षण व जनगणना का पेच ही तारीखों की घोषणा में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

● अब देखना यह होगा कि सरकार कब तक आरक्षण प्रक्रिया को पूरा कर चुनाव की तारीखों का ऐलान करती है और प्रदेश में इस महापर्व की शुरुआत होती है।

संवाददाता: अर्जुन सिंह

गोंडा में दर्दनाक प्रेम कहानी का अंत: साथ जीने की चाह अधूरी, मौत ने जोड़ दी टूटी डोर

एक ही दिन, दो अलग जगह… प्रेमिका ट्रेन से कटी, प्रेमी पेड़ से लटका मिला — जांच में जुटी पुलिस


उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में सामने आई यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक अधूरी प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत बन गई।
बताया जा रहा है कि यह कहानी दो ऐसे युवाओं की है, जो एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियां शायद उनके साथ नहीं थीं। गांव और समाज के बीच पनपी यह मोहब्बत धीरे-धीरे दबाव और असमंजस के घेरे में आ गई।


स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। मुलाकातें कम थीं, लेकिन भावनाएं गहरी बताई जा रही हैं।
परिवारों की असहमति, सामाजिक बंधन और भविष्य की अनिश्चितता ने कथित तौर पर इस रिश्ते को मुश्किल मोड़ पर ला खड़ा किया।
बताया जाता है कि हाल के दिनों में दोनों के बीच बातचीत बढ़ी थी — जैसे कोई बड़ा फैसला लिया जा रहा हो। लेकिन उस फैसले का अंजाम इतना भयावह होगा, इसका अंदाजा शायद किसी को नहीं था।
घटना का दिन 
17 मार्च 2026 के मध्य
सुबह का वक्त…
रेलवे ट्रैक के पास लोगों की भीड़ जमा होती है। एक युवती का शव मिलने की खबर फैलती है। प्रथम दृष्टया यह आशंका जताई जाती है कि उसने ट्रेन के सामने आकर अपनी जान दे दी।
इसी बीच, कुछ ही समय बाद, गांव से कुछ दूरी पर एक पेड़ से लटका युवक का शव मिलने की सूचना मिलती है।
दोनों घटनाओं के बीच संबंध जुड़ते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल जाती है।
पुलिस जांच
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
“प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन अभी जांच जारी है। प्रेम प्रसंग, पारिवारिक विवाद सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।”
मोबाइल कॉल डिटेल्स, आपसी संपर्क और घटना से पहले की परिस्थितियों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके।
सामाजिक और मानवीय पहलू
यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है —
क्या संवाद की कमी ने दो जिंदगियों को खत्म कर दिया?
क्या सामाजिक दबाव इतना भारी पड़ गया कि जिंदगी छोटी लगने लगी?
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद, सहमति और मानसिक सहयोग बेहद जरूरी है।

रिश्तों को रौंदने वाले बेटे को उम्रकैद

DNA बना सबसे बड़ा गवाह, बरेली कोर्ट का सख्त संदेश
बरेली | 16 मार्च (संवाददाता)
रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले एक बेहद संवेदनशील मामले में बरेली की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी पुत्र को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि ऐसे गंभीर अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
क्या है पूरा मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला भमोरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक युवक पर अपनी ही माता के साथ गंभीर आपराधिक कृत्य करने का आरोप लगाया गया था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के समय आरोपी के नशे में होने तथा पीड़िता को धमकाने जैसे आरोप भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
नोट: आरोपों की पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
गवाह पलटे, लेकिन विज्ञान बना आधार
सुनवाई के दौरान कुछ गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए, जिससे मामला जटिल होता नजर आया।
लेकिन जांच में सामने आई DNA रिपोर्ट को अदालत ने निर्णायक साक्ष्य मानते हुए कहा कि:
“वैज्ञानिक साक्ष्य परिस्थितियों में सच्चाई स्थापित करने में सक्षम होते हैं।”
अदालत का फैसला
अपर सत्र न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए:
आजीवन कठोर कारावास
✔ ₹22,000 का अर्थदंड
की सजा सुनाई।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड में से ₹20,000 पीड़िता को प्रदान किए जाएं।
अदालत की सख्त टिप्पणी
फैसले में न्यायालय ने कहा कि:
पारिवारिक संबंध किसी अपराध को कम नहीं करते
गवाहों के बदलते बयान के बावजूद न्याय साक्ष्यों पर आधारित होता है
समाज के लिए बड़ा संदेश
यह फैसला कई स्तर पर एक स्पष्ट संदेश देता है:
कानून के सामने कोई भी अपराधी नहीं बच सकता
वैज्ञानिक जांच (DNA) न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाती है
संवेदनशील मामलों में अदालत का रुख सख्त रहेगा


मामला: भमोरा थाना क्षेत्र, बरेली
निर्णय: 16 मार्च 2026
सजा: उम्रकैद + ₹22,000 जुर्माना
मुख्य आधार: DNA साक्ष्य

भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने मनोनीत पार्षदों को दी बधाई

गोरखपुर 17 मार्च। भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने उत्तर प्रदेश शासन नगर विकास से नामित/नव नियुक्त गोरखपुर नगर निगम के कुल 10 मनोनीत पार्षद आदरणीय रितेश सिंह , दुर्गेश बजाज , अष्टभुजा श्रीवास्तव , संजय कुमार वैश्य , आलोक सिंह विशेन , वीर सिंह सोनकर , शिवम पांडेय , अरविंद निषाद , चंदन आर्या , ममता जायसवाल को हृदय की गहराईयों से हार्दिक बधाई दी हैं।

उन्होंने कहा कि मनोनीत कर सरकार ने कर्मठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया है । उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार जताया है ।

 

“मेहदावल में प्रसव के दौरान उठे सवाल, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप”

संत कबीर नगर जिले के मेहदावल क्षेत्र में एक निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
बेलहर कला निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उनकी गर्भवती पत्नी का समय से पहले ऑपरेशन किया गया…
और पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में नवजात की मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रसूता को पेट में दर्द होने पर परिजन मेहदावल स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टर द्वारा सामान्य डिलीवरी संभव न होने की बात कही गई और तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी गई।
परिवार का कहना है कि डॉक्टर की चेतावनी से घबराकर उन्होंने ऑपरेशन की अनुमति दे दी…
जिसके बाद बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी हालत गंभीर बताई गई और उसे रेफर कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि नवजात को पहले खलीलाबाद और फिर गोरखपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया…
जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रसव की संभावित तिथि आगे की थी…
ऐसे में समय से पहले ऑपरेशन और अस्पताल में पर्याप्त आपातकालीन सुविधाओं की कमी इस घटना का कारण हो सकती है।
हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक एंगल (सुरक्षित लाइन)
फिलहाल मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है…
जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

नारी है जगत-जननी उनका सम्मान सर्वोपरि- लोकेश दीक्षित

बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन। बागपत नगर के वात्सयान पैलेस मे राष्ट्रीय जागरूक ब्राह्मण महासंघ एवं मेरी आवाज सुनो फाउंडेशन द्वारा रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा कि नारी जगत-जननी है, पालनहार है, भाग्य विधाता है, बच्चों का प्रथम गुरु ही नारी होती है, उनको जितना भी सम्मान किया जा सके उतना ही कम है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित आरडी शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि हमारी संस्था महिला सशक्तिकरण के अनेकों कार्य करती है। आज संस्था ने 251 समाज में अग्रणी भूमिका निभाने वाली बहनों को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया। भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष नीरज शर्मा का भी अभिनंदन किया गया। नीरज शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया की बहनों को जहां भी मेरी जरूरत पड़े मैं हमेशा उनकी सेवा के लिए तत्पर रहूंगा। पूर्व एमएलसी सुरेश कश्यप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी बहनों को शुभकामनाएं दी। भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि सभी बहने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, उन्हें संस्कार दे ताकि वे आगे चलकर इस देश वह अपने समाज का नाम रोशन कर सके। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सचिव सुनील शर्मा ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष देवेंद्र तोमर एडवोकेट राधेश्याम शर्मा, महामहिम राष्ट्रपति जी एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन, धर्मेंद्र प्रधान, साक्षी शर्मा, संस्था के जिला अध्यक्ष अशोक शर्मा, संस्था की जिला अध्यक्ष आरती शर्मा, नगर अध्यक्ष अमिता शर्मा, अन्नू कौशिक, वर्षा शर्मा, वैशाली शर्मा, आरती मान, मोनिका शर्मा, रजनी शर्मा, एडवोकेट अनुराधा शर्मा, प्रीति शर्मा, एडवोकेट विजय शर्मा, ओम दत्त शर्मा, अशोक पांडे, हिमांशु शर्मा, विकास शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, दिनेश शर्मा, विनोद शर्मा, महेंद्र दत्त शर्मा, विनीत शर्मा, क्रिश्चियन दत्त शर्मा, केपी शर्मा, आवेश भारद्वाज, कृष्णपाल शर्मा सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

सिधौली के गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज की 30 एकड़ भूमि पर 22 बैनामे, जांच में खुलने लगीं दशकों पुरानी परतें

सीतापुर में दान की जमीन पर उठे बड़े सवाल


कभीशिक्षा के विकास के लिए मिली थी जमीन, अब करोड़ों की संपत्ति पर उठे सवाल — प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आगे भेजी


सीतापुर / सिधौली।

जनपद सीतापुर के सिधौली कस्बे में स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज की जमीन को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। शिक्षा के उद्देश्य से दशकों पहले संस्था को दी गई लगभग 30 एकड़ भूमि अब प्रशासनिक जांच का विषय बन गई है।

जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 1973 से 2006 के बीच इस जमीन से संबंधित कुल 22 बैनामे किए जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में इस जमीन की बाजार कीमत करीब 200 करोड़ रुपये के आसपास आंकी जा रही है।

मामले की जांच शुरू होने के बाद इस जमीन का इतिहास, उससे जुड़े दस्तावेज और वर्षों में हुए लेनदेन एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।

जमीन की कहानी: सैन्य उपयोग से शिक्षा संस्थान तक

पुराने अभिलेख बताते हैं कि सिधौली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में स्थित यह जमीन कभी सरकारी पड़ाव के रूप में दर्ज सैन्य भूमि मानी जाती थी।

बताया जाता है कि 11 सितंबर 1967 को राष्ट्रपति के आदेश के बाद इस भूमि को शिक्षा के उद्देश्य से गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज सिधौली को हस्तांतरित किया गया था।

यह प्रक्रिया सरकारी अनुदान अधिनियम 1895 के प्रावधानों के तहत पूरी की गई थी और इसके बदले संस्था द्वारा लगभग 23 हजार 690 रुपये का भुगतान भी किया गया था।

उस समय इस जमीन का उद्देश्य स्पष्ट था —

विद्यालय का विस्तार

छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं

संस्था की आर्थिक मजबूती।

संस्था का गठन और जिम्मेदारी

जांच में सामने आया कि विद्यालय की प्रबंध समिति का पंजीकरण 24 जनवरी 1950 को सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत हुआ था।

इस समिति को संस्था की संपत्तियों के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी।

1973 से शुरू हुई जमीन की रजिस्ट्री

जांच में सामने आए अभिलेखों के अनुसार 1973 के बाद से जमीन के कुछ हिस्सों की रजिस्ट्री का सिलसिला शुरू हुआ।

रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले वर्षों में अलग-अलग समय पर कुल 22 बैनामे दर्ज किए गए, जिनके माध्यम से जमीन के कुछ हिस्से अलग-अलग व्यक्तियों के नाम स्थानांतरित किए गए।

कुछ मामलों में दानपत्र और शुद्धि पत्र के जरिए स्वामित्व में बदलाव दर्ज किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।

हालांकि इन प्रक्रियाओं की वैधता और अनुमति की स्थिति अब जांच का विषय बनी हुई है।

कई नामों का जिक्र

जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों में कई व्यक्तियों के नाम विभिन्न बैनामों से जुड़े बताए गए हैं।

इनमें प्रमुख रूप से

तोताराम जैन, ताराचंद माहेश्वरी, रामपाल, विनय कुमार, जगदेव प्रसाद, हरिनाम सुंदर, नंद किशोर, गिरजा शंकर, जगमोहन लाल यादव, आदित्य प्रसाद मिश्र और कुंवर दिवाकर सिंह आदि नामों का उल्लेख सामने आया है।

बताया जाता है कि वर्ष 1987 में सर्वोदय विद्यालय समिति के गठन के बाद जमीन से जुड़े कुछ लेनदेन में तेजी आने की बात भी कही जा रही है।

शिकायत के बाद खुली जांच

इस पूरे मामले ने तब गंभीर रूप लिया जब 13 अगस्त 2025 को डॉ. कमल कुमार जैन द्वारा प्रशासन को शिकायत दी गई।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिक्षा के उद्देश्य से दी गई जमीन के कुछ हिस्सों का उपयोग नियमों के अनुरूप नहीं हुआ और कई रजिस्ट्री संदिग्ध परिस्थितियों में की गईं।

शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए।

प्रशासन ने गठित की जांच समिति

जांच के लिए प्रशासन की ओर से

एसडीएम सदर न्यायिक

उप निबंधक सिधौली

की दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।

इस समिति ने दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की।

जिलाधिकारी स्तर पर आगे की कार्रवाई

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सीतापुर के जिलाधिकारी द्वारा इसे संबंधित विभागों के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट रक्षा संपदा विभाग और सोसाइटी रजिस्ट्रार को भेजी गई है ताकि जमीन के स्वामित्व और उपयोग की स्थिति स्पष्ट हो सके।

लोगों की नजर अब आगे की कार्रवाई पर

सिधौली और आसपास के क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है।

स्थानीय लोग अब यह जानना चाहते हैं कि

जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाएगा

जमीन के स्वामित्व की स्थिति क्या तय होगी

और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।

कानूनी सुरक्षा नोट

यह समाचार उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायत और प्रशासनिक जांच से संबंधित तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की अंतिम पुष्टि संबंधित विभागों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

सोशल मीडिया वायरल हेडिंग

सीतापुर में 30 एकड़ जमीन का रहस्य!

22 बैनामों ने खोली दशकों पुरानी कहानी

 

गैस किल्लत के बीच बड़ी चोरी ताला तोड़कर इंडेन गैस गोदाम से 76 सिलेंडर उड़ा ले गए चोर, इलाके में हड़कंप

महराजगंज।
जनपद महराजगंज में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम का ताला तोड़कर 76 गैस सिलेंडर चोरी कर लिए। घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।


बताया जा रहा है कि यह घटना मिश्रौलिया क्षेत्र स्थित इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम में हुई। चोरों ने रात के समय गोदाम का ताला तोड़कर अंदर रखे सिलेंडरों को ट्रॉली या वाहन में लादकर फरार हो गए। सुबह जब कर्मचारियों ने गोदाम खोला तो बड़ी संख्या में सिलेंडर गायब मिले, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।


जानकारी के मुताबिक चोरी हुए 76 सिलेंडरों में 12 भरे हुए और 64 खाली सिलेंडर शामिल हैं। इस घटना ने उस समय और चिंता बढ़ा दी है जब क्षेत्र में पहले से ही गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों में परेशानी देखी जा रही है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार घटना के समय गोदाम का चौकीदार अपने घर चला गया था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आसपास के इलाकों में जांच कर रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी कर रही है।


पुलिस का कहना है कि मामले में सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सुरागों के आधार पर जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल जा रही शिक्षिका को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत – बहन गंभीर घायल

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के Gorakhpur जनपद में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में निजी विद्यालय की शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी छोटी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना Chauri Chaura थाना क्षेत्र के निबिहवा रेलवे ओवरब्रिज के पास शनिवार सुबह लगभग 8:15 बजे हुई।


मिली जानकारी के अनुसार चौरीचौरा थाना क्षेत्र के ग्राम चौरी, टोला रामनगर निवासी श्रेया विश्वकर्मा (24) फुटहवा इनार स्थित एक निजी विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। शनिवार सुबह वह अपनी छोटी बहन खुशी विश्वकर्मा (20) के साथ स्कूटी से स्कूल जा रही थीं।


बताया जाता है कि जब दोनों बहनें निबिहवा रेलवे ओवरब्रिज के नीचे एक धर्मकांटा के पास पहुंचीं, उसी समय गोरखपुर की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और शिक्षिका श्रेया विश्वकर्मा ट्रक की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं पीछे बैठी उनकी बहन खुशी विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गईं।


घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवती को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।


हादसे की सूचना मिलते ही चौरीचौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुर्घटना के कारण गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर लगभग आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने लोगों को समझाकर यातायात बहाल कराया।


पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि दुर्घटना करने वाले ट्रक और उसके चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

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