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24 घंटे बाद खत्म हुआ इंतजार: बाणगंगा नदी से तीनों युवकों के शव बरामद

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बैदौली घाट पर अंतिम संस्कार के बाद स्नान के दौरान हुआ हादसा, स्थानीय गोताखोरों की मेहनत से सफल हुआ रेस्क्यू अभियान


शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। बाणगंगा नदी के बैदौली घाट पर स्नान के दौरान लापता हुए तीन युवकों के शव करीब 24 घंटे बाद शुक्रवार को बरामद कर लिए गए। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों के संयुक्त प्रयास से कई घंटे तक चले खोज अभियान के बाद जाल की मदद से तीनों शव नदी से बाहर निकाले गए। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।


स्थान: बैदौली घाट, बाणगंगा नदी, शोहरतगढ़

मृतक: शिवा चौहान, रवि वरुण एवं मोनू वरुण

घटना: अंतिम संस्कार के बाद स्नान के दौरान नदी में डूबे

रेस्क्यू: पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों का संयुक्त अभियान

सम्मान: रेस्क्यू में सहयोग करने वाले गोताखोर मछुआरों को जनप्रतिनिधियों एवं पुलिस ने किया सम्मानित

सारांश

स्नान के दौरान तीन युवक नदी में डूबे।

करीब 24 घंटे तक चला खोज एवं बचाव अभियान।

स्थानीय गोताखोर मछुआरों की मदद से तीनों शव बरामद।

दो शव परिजनों को सौंपे गए, एक का पोस्टमार्टम कराया गया।

गोताखोर मछुआरों के साहस और सहयोग की सराहना की गई।

पूरी खबर

गुरुवार दोपहर लगभग 1:30 बजे ग्राम पंचायत मधवापुर के टोला मिझुनिया निवासी शिवा चौहान, रवि वरुण और मोनू वरुण गांव की बुजुर्ग महिला कंचन के अंतिम संस्कार में शामिल होने बैदौली घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार के बाद तीनों युवक बाणगंगा नदी में स्नान करने उतरे। इसी दौरान वे गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए और नदी में लापता हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक नदी में खोज अभियान चलाया गया, लेकिन पहले दिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद शुक्रवार सुबह नई डहर गांव के मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों ने बड़े जालों की सहायता से दोबारा तलाश शुरू की। कई घंटे की लगातार मशक्कत के बाद तीनों युवकों के शव नदी से बरामद कर लिए गए।

शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रवि वरुण और मोनू वरुण के परिजनों ने पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध किया, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए। वहीं शिवा चौहान के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

रेस्क्यू अभियान में स्थानीय मछुआरा समुदाय के गोताखोरों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके प्रयासों से ही नदी से तीनों शवों को बाहर निकाला जा सका। अभियान में सहयोग देने वाले गोताखोर मछुआरों को जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

घटना के बाद बैदौली घाट और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग मृतकों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।

बॉक्स: रेस्क्यू अभियान की प्रमुख बातें

24 घंटे तक चला खोज अभियान।

पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से किया रेस्क्यू।

स्थानीय गोताखोर मछुआरों ने बड़े जाल की मदद से शव खोजे।

सफल अभियान के बाद गोताखोरों को सम्मानित किया गया।

संपादकीय टिप्पणी (कानूनी रूप से सुरक्षित)

यह समाचार स्थानीय प्रशासन और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें घटना का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। दुर्घटना के कारणों या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। घटना से संबंधित वैधानिक प्रक्रिया पुलिस द्वारा नियमानुसार पूरी की गई।

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