सिद्धार्थनगर: पानी भरे गड्ढे में मिला करीब 10 वर्षीय बच्चे का शव, शिनाख्त नहीं—जांच में जुटी पुलिस

सिद्धार्थनगर सदर थाना क्षेत्र के जय चौकी अंतर्गत वार्ड नंबर-7 परशुराम नगर में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब इंडेन गैस एजेंसी के पीछे स्थित एक पुराने भट्ठे के पानी से भरे गड्ढे में करीब 10 वर्षीय बच्चे का शव मिला। बच्चे की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी है।
करीब 6 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में मिला मासूम का शव, शरीर पर सिर्फ निकर—नाक से निकला खून, पहचान बनी सबसे बड़ी पहेली
सारांश:
बुधवार सुबह करीब 6 बजे स्थानीय लोगों ने पुराने भट्ठे के गड्ढे में एक बच्चे को पानी में उतरता हुआ देखा। सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी मिथिलेश कुमार राय, जय चौकी प्रभारी राहुल गुप्ता पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे को पानी से बाहर निकाला गया। काफी प्रयासों के बावजूद उसकी पहचान नहीं हो सकी।
पूरी खबर:
सिद्धार्थनगर: पानी भरे गड्ढे में मिला करीब 10 वर्षीय बच्चे का शव, शिनाख्त नहीं—जांच में जुटी पुलिस चौकी अंतर्गत वार्ड नंबर-7 परशुराम नगर में बुधवार की सुबह एक मासूम बच्चे का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। इंडेन गैस एजेंसी के पीछे स्थित पुराने भट्ठे के पास निजी खेत में बने पानी से भरे गड्ढे में करीब 10 वर्षीय बच्चे का शव बरामद हुआ।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह लगभग 6 बजे गड्ढे में बच्चे के दिखाई देने की सूचना आसपास के लोगों को हुई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में नगरवासी मौके पर जुट गए और इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी मिथिलेश कुमार राय, जय चौकी प्रभारी राहुल गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाने के साथ फोटोग्राफी कराई।
स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे को पानी से बाहर निकाला गया। लोगों ने उसकी पहचान कराने के लिए आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कोई भी व्यक्ति बच्चे की पहचान नहीं कर सका।
बताया जा रहा है कि बच्चे का रंग सांवला है और उसके शरीर पर केवल एक निकर मिली। प्रथम दृष्टया शरीर पर किसी स्पष्ट चोट के निशान दिखाई नहीं दिए, हालांकि नाक से खून आने और पानी निकलने की बात सामने आई है। बच्चे की मौत की वास्तविक वजह क्या है, यह पुलिस की जांच और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बच्चे की पहचान कराने के लिए आसपास के गांवों और नगर क्षेत्र से महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचते रहे। भीड़ लगातार बढ़ती रही, लेकिन देर तक मासूम की पहचान नहीं हो सकी।
टिप्पणी:
एक तरफ घटनास्थल पर उमड़ती भीड़ मासूम की पहचान को लेकर बेचैन थी, तो दूसरी तरफ पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को खंगालने में जुटी रही। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह बच्चा कौन है, यहां तक कैसे पहुंचा और पानी भरे गड्ढे में उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल मामला बेहद रहस्यमय परिस्थितियों से जुड़ा नजर आ रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और बच्चे की पहचान तथा मौत के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Views: 102

