15 दिन पहले जिस बेटी को समझौते के बाद विदा किया था, आज उसी की मौत की खबर ने उजाड़ दिया पूरा परिवार
फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव, परिजनों की तहरीर पर पति समेत चार नामजद; ढाई साल का मासूम मां की ममता से हुआ वंचित
संदिग्ध मौत से उठे कई सवाल, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच
रिश्ते बचाने की कोशिश या जिंदगी की आखिरी विदाई?
15 दिन पहले हुए विवाद के बाद मायके आई थी बेटी, समझौते के बाद लौटी ससुराल, अब फंदे से लटका मिला शव
सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में एक विवाहिता का शव फंदे से लटका मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक और चर्चा का माहौल है। मृतका के परिजनों ने पति एवं ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका अपने पीछे ढाई वर्ष का मासूम पुत्र छोड़ गई है, जो अब मां के स्नेह और ममता से वंचित हो गया है।
जिस घर से बेटी की विदाई हुई थी, वहीं से आई मौत की खबर
सिद्धार्थनगर। एक पिता ने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस बेटी को कुछ दिन पहले रिश्तों को बचाने और घर-परिवार को संवारने की उम्मीद के साथ ससुराल विदा किया था, कुछ ही दिनों बाद उसी बेटी की मौत की खबर उसे भीतर तक तोड़ देगी। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने न केवल एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है, बल्कि कई ऐसे सवाल भी खड़े कर दिए हैं जिनके जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
मृतका का शव ससुराल में फंदे से लटका मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों तक पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को तहरीर देकर पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि विवाह के बाद से समय-समय पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती रही। उनके अनुसार घटना से लगभग 15 दिन पहले भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। उस समय पिता अपनी बेटी को मायके ले आए थे और मामले को लेकर शिकायत भी की गई थी। बाद में सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर बातचीत हुई। रिश्तों को बचाने और बेटी का घर बसाए रखने की उम्मीद में उसे दोबारा ससुराल भेज दिया गया।
लेकिन परिवार को क्या पता था कि यह विदाई शायद आखिरी साबित होगी।
कुछ ही दिनों बाद आई सूचना ने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी। विवाहिता का शव फंदे से लटका मिलने की खबर सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। घटना के बाद क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
मां चली गई, ढाई साल का मासूम रह गया अकेला
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे मार्मिक और झकझोर देने वाला पहलू एक ढाई साल का मासूम बच्चा है, जो अभी ठीक से दुनिया को समझ भी नहीं पाया है। उसे शायद यह भी नहीं पता कि उसकी मां अब कभी उसे गोद में नहीं उठा पाएगी।
एक ओर परिवार अपनी बेटी को खोने के दर्द से गुजर रहा है, वहीं दूसरी ओर एक मासूम का बचपन मां की ममता से वंचित हो गया है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी इस घटना को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
मृतका के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए एक सवाल
यह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर सवाल छोड़ जाती है। वैवाहिक जीवन में उत्पन्न होने वाले विवाद, पारिवारिक तनाव और महिलाओं की सुरक्षा जैसे विषय आज भी चिंता का कारण बने हुए हैं। हालांकि इस मामले में सच्चाई क्या है, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन एक परिवार की बेटी की मौत और एक मासूम बच्चे का मां से बिछड़ जाना निश्चित रूप से हर संवेदनशील व्यक्ति को सोचने पर मजबूर करता है।
FT News Digital विशेष
15 दिन पहले जिस बेटी को समझौते के बाद विदा किया था, आज उसी की मौत की खबर ने उजाड़ दिया पूरा परिवारपरिवार की खुशियां बिखर गईं और एक मासूम की दुनिया बदल गई। अब पूरे मामले में न्याय और सच्चाई सामने आने का इंतजार है।
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