“मौत बनकर टूटा निर्माणाधीन गेट!”
निर्माणाधीन मत्स्य मंडी गेट बना मौत का जाल, ढलाई के दौरान भरभराकर ढहा ढांचा; एक मजदूर की मौत, पांच जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे
तुलसियापुर में बड़ा हादसा, डीएम-एसएसपी पहुंचे मौके पर, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, प्रशासन ने शुरू कराई जांच
सारांश
सिद्धार्थनगर जनपद के ढेबरुआ थाना क्षेत्र स्थित तुलसियापुर कस्बे में निर्माणाधीन मत्स्य मंडी गेट की शटरिंग और ढलाई संरचना अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में दबकर एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तथा तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

निर्माणाधीन सरकारी परियोजना में बड़ा हादसा, मजदूरों पर टूटा मौत बनकर मलबा
सिद्धार्थनगर। जनपद के ढेबरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत तुलसियापुर कस्बे में बुधवार दोपहर उस समय चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई, जब निर्माणाधीन मत्स्य मंडी गेट का ढांचा अचानक भरभराकर ढह गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में सीमेंट, गिट्टी, बालू और लोहे का मलबा वहां कार्य कर रहे मजदूरों के ऊपर आ गिरा। हादसे में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर लगभग 12 बजे निर्माणाधीन गेट पर छत ढलाई का कार्य चल रहा था। आधा दर्जन से अधिक मजदूर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक शटरिंग और ढलाई का पूरा ढांचा संतुलन खो बैठा और भारी निर्माण सामग्री के साथ धराशायी हो गया। घटना इतनी अचानक हुई कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
मलबे में दबकर चली गई एक मजदूर की जान
हादसे में मड़नी गांव निवासी मुस्ताक (25 वर्ष) पुत्र किताबुल मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने जेसीबी की मदद से उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल
हादसे में धरूआर निवासी बुधीराम (45 वर्ष), राजेंद्र (20 वर्ष), मड़नी निवासी आलम (30 वर्ष), मानपुर निवासी रूपेश (32 वर्ष) तथा नेपाल के अमहवा निवासी रामदयाल (30 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

मौके पर मची अफरातफरी, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया और मलबे में दबे मजदूरों को निकालने का प्रयास किया। कुछ देर तक घटनास्थल पर हालात बेहद भयावह बने रहे।

डीएम और एसएसपी ने किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की स्थिति, दुर्घटना के कारणों और राहत कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद दोनों अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती घायलों का हालचाल जाना।
तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
जिलाधिकारी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम हादसे के कारणों, निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों के पालन तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों को सहायता का भरोसा
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने घायलों तथा मृतक के परिजनों को हरसंभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
FT News Digital विशेष
रोटी की तलाश में निर्माण स्थल पहुंचे मजदूरों पर अचानक मौत बनकर टूटा मलबा। एक परिवार का सहारा हमेशा के लिए छिन गया, जबकि पांच अन्य अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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