एसपी के आदेश पर सवाल? विशेष ड्यूटी के लिए नामित पुलिसकर्मी अब तक थानों से नहीं हुए रवानगी!
सिद्धार्थनगर पुलिस महकमे में जारी एक आधिकारिक आदेश चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष ड्यूटी हेतु पुलिस लाइन में रवानगी के निर्देश दिए जाने के बावजूद कई आरक्षियों के अब तक कार्यमुक्त न होने की बात सामने आ रही है। सवाल उठ रहा है कि आखिर आदेश जारी होने के बाद भी रवानगी प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है? हालांकि इस मामले में विभागीय पक्ष और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।
विशेष ड्यूटी का आदेश, लेकिन रवानगी पर ब्रेक! आखिर कहां अटक रही है कार्रवाई?
सिद्धार्थनगर। जनपद पुलिस विभाग में विशेष ड्यूटी को लेकर जारी आदेश इन दिनों चर्चाओं के केंद्र में है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी पत्र के माध्यम से विभिन्न थानों में तैनात आरक्षियों को तीन माह की विशेष ड्यूटी के लिए पुलिस लाइन में रवाना किए जाने के निर्देश दिए गए थे।
बताया जा रहा है कि 6 मई 2026 को जारी आदेश के बाद भी कई नामित पुलिसकर्मियों की रवानगी प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से पुनः पत्र जारी कर संबंधित थाना प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
शिवनगर डिडई सहित कई थानों के नाम चर्चा में
प्राप्त पत्रावली में विभिन्न थानों के कर्मचारियों का उल्लेख किया गया है। इनमें शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र में तैनात एक आरक्षी का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि उक्त कर्मचारी लंबे समय से क्षेत्र में प्रभाव बनाए हुए हैं और उनकी कार्यशैली को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।
हालांकि इस संबंध में किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध कोई विभागीय दोष सिद्ध नहीं हुआ है और न ही किसी सक्षम अधिकारी द्वारा कोई सार्वजनिक टिप्पणी की गई है।
उठ रहे कई सवाल
क्या विशेष ड्यूटी के आदेश का पूरी तरह अनुपालन हुआ?
यदि नहीं, तो रवानगी में देरी की वजह क्या है?
क्या संबंधित थानों से कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने में प्रशासनिक बाधाएं हैं?
दोबारा पत्र जारी होने के बाद भी कार्रवाई लंबित क्यों बताई जा रही है?
इन सवालों के जवाब विभागीय जांच अथवा संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
विभागीय पक्ष आना बाकी
पत्रावली में दर्ज तथ्यों के आधार पर यह मामला चर्चा में है। हालांकि निष्पक्ष पत्रकारिता के तहत यह उल्लेख करना आवश्यक है कि संबंधित थाना प्रभारियों, पुलिसकर्मियों अथवा पुलिस विभाग का विस्तृत पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। यदि विभाग की ओर से कोई स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया आती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
FT NEWS DIGITAL EXCLUSIVE
“आदेश जारी, फिर भी रवानगी नहीं?”
“विशेष ड्यूटी पर उठे सवाल”
“क्या एसपी के निर्देशों का हुआ पालन?”
विशेष ड्यूटी के लिए जारी आदेश बना चर्चा का विषय
कई पुलिसकर्मियों की रवानगी पर उठे सवाल
दोबारा पत्र जारी होने की चर्चा
विभागीय स्पष्टीकरण का इंतजार
पुलिस महकमे में आदेश अनुपालन पर बहस
दस्तावेज सामने आने के बाद चर्चाएं तेज
कानूनी सुरक्षा नोट: यह समाचार उपलब्ध पत्रावली और दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें किसी व्यक्ति या अधिकारी पर दोष सिद्ध होने का दावा नहीं किया गया है। मामले से संबंधित अंतिम स्थिति विभागीय अभिलेखों, जांच और सक्षम अधिकारियों के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर निर्भर करेगी।
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