फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
बाजारों में दीपावली की रौनक, अनुदेशकों के घर मायूसी। मानदेय का अब भी इंतजार

बीएसए कार्यालय से ट्रेजरी तक भुगतान प्रक्रिया में लग रहे सात से आठ दिन, दीपावली से पहले मानदेय नहीं मिलने पर अनुदेशकों में दुःख 

सिद्धार्थनगर। दीपावली का त्योहार नजदीक है। कल धनतेरस है और तीन दिन बाद दीपावली मनाई जाएगी, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में तैनात अनुदेशकों के खातों में अब तक मानदेय नहीं पहुंचा है। त्योहार से ठीक पहले मानदेय का भुगतान नहीं होने से हजारों अनुदेशक परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बाजारों में दीपावली की रौनक बढ़ रही है, लेकिन मानदेय का इंतजार कर रहे अनुदेशकों के घरों में त्योहार की तैयारियां फीकी पड़ती नजर आ रही हैं। इसे लेकर अनुदेशकों में नाराजगी के साथ निराशा भी है।

अनुदेशक संघ जिलाध्यक्ष माहेश्वरी पाठक ने बताया कि पहले पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से मानदेय का भुगतान होता था। इस व्यवस्था में मानदेय जारी होने के दो से तीन दिनों के भीतर ही धनराशि अनुदेशकों के खातों में पहुंच जाती थी। लेकिन जब से भुगतान की व्यवस्था बदली है और एसएनए प्रणाली के माध्यम से मानदेय भेजा जाने लगा है, तब से भुगतान में लगातार देरी हो रही है।

उन्होंने बताया कि बीएसए कार्यालय से मानदेय भेजे जाने के बाद ट्रेजरी तक प्रक्रिया पूरी होने में ही सात से आठ दिन लग जा रहे हैं। इसके बावजूद समय से अनुदेशकों के खातों में धनराशि क्रेडिट नहीं हो पा रही है। इस देरी का खामियाजा अनुदेशकों को भुगतना पड़ रहा है।

माहेश्वरी पाठक ने कहा कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर भी अनुदेशकों को अपने ही मानदेय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। धनतेरस सिर पर है, ऐसे में परिवार के लिए जरूरी सामान खरीदने से लेकर बच्चों की खुशियों और त्योहार की तैयारियों तक पर असर पड़ रहा है। अनुदेशकों ने समय से मानदेय भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि उन्हें त्योहार के मौके पर आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

Views: 155

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।