टेट अनिवार्यता पर शिक्षक एकजुट, सांसद जगदंबिका पाल को सौंपा मांग पत्र; संसद में मुद्दा उठाने का मिला भरोसा

सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के प्रतिनिधिमंडल ने डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल से मुलाकात कर टेट (TET) अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त कराने की मांग करते हुए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के प्रावधानों में आवश्यक संशोधन का आग्रह किया। सांसद ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि इस विषय को संसद सहित हर उचित मंच पर उठाया जाएगा।

मुख्य बिंदु
टीएफआई प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को सौंपा ज्ञापन।
2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता समाप्त करने की मांग।
सांसद ने संसद में मुद्दा उठाने और सहयोग का दिया आश्वासन।
नीट परीक्षा में सफलता पाने वाले छात्र आनंद कुमार को किया सम्मानित।
क्या है मामला?
टीएफआई ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना और उससे जुड़े प्रावधानों का हवाला देते हुए मांग रखी।
संगठन का कहना है कि पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में सांसद को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
विस्तृत खबर
सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के आवास पर पहुंचकर टेट अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा 23 अगस्त 2010 को निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रावधानों तथा शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के संदर्भ में अपनी मांगों से सांसद को अवगत कराया।
ज्ञापन में संगठन की ओर से द गजट ऑफ इंडिया के सेक्शन-23 तथा 10 अगस्त 2017 के संशोधन का उल्लेख करते हुए पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के हितों के संरक्षण की मांग की गई। संगठन ने आग्रह किया कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए आवश्यक विधायी और नीतिगत पहल की जाए।
सांसद जगदंबिका पाल ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को वह हमेशा गंभीरता से उठाते रहे हैं और भविष्य में भी उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान के लिए संसद सहित अन्य उचित मंचों पर प्रयास करेंगे।
टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद ने पूर्व में भी शिक्षक हितों के मुद्दों पर सहयोग दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विषय पर भी सकारात्मक पहल होगी।
कार्यक्रम के दौरान जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार के पुत्र आनंद कुमार को नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर सांसद द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संगठन की जिला कार्यसमिति, विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारी तथा संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
सारांश
टीएफआई ने टेट अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर सांसद जगदंबिका पाल को ज्ञापन सौंपते हुए 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा की मांग की। सांसद ने विषय को संसद और अन्य मंचों पर उठाने का भरोसा दिया।
टिप्पणी (Editorial Note)
शिक्षकों की सेवा शर्तों और पात्रता से जुड़े विषय लंबे समय से चर्चा का केंद्र रहे हैं। ऐसे मामलों का अंतिम समाधान विधायी प्रावधानों, न्यायिक निर्णयों और सरकार की नीतिगत पहल पर निर्भर करता है। विभिन्न संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखना संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
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