फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
FIR के बाद भी नहीं थमी दबंगई! चार मासूम बेटियों के सामने महिला पर दोबारा हमले का आरोप

FIR के बाद भी नहीं थमी दबंगई? चार मासूम बेटियों के सामने महिला पर फिर हमले का आरोप, जिला अस्पताल में भर्ती


पहले मारपीट का मुकदमा… फिर दोबारा हमले का आरोप

पीड़िता बोली- बेटियों ने वीडियो बनाना चाहा तो उन्हें भी नहीं बख्शा गया


स्थान: ग्राम गजरहवा, थाना सिद्धार्थनगर

एफआईआर संख्या: 0185/2026

मुकदमा दर्ज: 26 जून 2026

धाराएं: BNS की धारा 115(2), 351(3) एवं 352

शिकायतकर्ता: सुनीता पत्नी नन्दलाल

नामजद आरोपी (एफआईआर के अनुसार): चन्द्रलाल, सीमा, बिन्दु एवं सहजराम यादव

वर्तमान स्थिति: पीड़िता जिला अस्पताल में उपचाराधीन (परिजन का दावा)


सिद्धार्थनगर। जिले के ग्राम गजरहवा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून-व्यवस्था और पीड़ितों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला की तहरीर पर पुलिस पहले ही मारपीट और धमकी के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर चुकी थी। अब पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी पक्ष के लोगों ने दोबारा उसके घर पहुंचकर हमला किया, जिसमें वह घायल हो गई। घायल महिला का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर थाना क्षेत्र के ग्राम गजरहवा निवासी सुनीता की तहरीर पर पुलिस ने 26 जून 2026 को एफआईआर संख्या 0185/2026 दर्ज की। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 25 जून की रात उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 351(3) एवं 352 के तहत चन्द्रलाल, सीमा, बिन्दु और सहजराम यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।

लेकिन मामला यहीं नहीं रुका।

पीड़िता का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी बीती रात फिर कुछ लोग उसके घर पहुंचे और उसके साथ दोबारा मारपीट की। महिला का कहना है कि उस समय उसकी चार मासूम बेटियां भी घर पर मौजूद थीं। परिजनों के अनुसार, जब बच्चियों ने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो उन्हें भी डराया-धमकाया गया और मारपीट की गई।

मारपीट में घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि महिला का पति रोजी-रोटी कमाने के लिए दूसरे प्रदेश में रहता है और महिला अपनी बच्चियों के साथ गांव में रहती है।

इस घटना ने गांव में चर्चा का विषय बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मामले में पुलिस पहले ही मुकदमा दर्ज कर चुकी थी, तो पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित होना भी उतना ही आवश्यक है। यदि एफआईआर के बाद भी हिंसा के आरोप सामने आते हैं, तो ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा स्वाभाविक है।

हालांकि, दूसरी घटना के संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है। इस मामले में पुलिस जांच जारी है और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सारांश

महिला की तहरीर पर पहले से पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

एफआईआर में चार लोगों को नामजद किया गया है।

पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दोबारा मारपीट की गई।

घायल महिला जिला अस्पताल में उपचाराधीन है।

दूसरी घटना की पुलिस जांच जारी है।

जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

FT NEWS DIGITAL का संपादकीय नोट

यह समाचार उपलब्ध एफआईआर, पीड़िता एवं परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों तथा मौके से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। दूसरी घटना की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। किसी भी आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय के निर्णय के अधीन होगा।

Views: 169

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।