राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत नाबार्ड द्वारा जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला का आयोजन
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह (22 जून से 06 जुलाई 2026) के अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), सिद्धार्थनगर द्वारा विकास भवन स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह रहे।
मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पूरे देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि प्रदेश में सिद्धार्थनगर जनपद दूसरे स्थान पर है, जो जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन एवं उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में सम्मानजनक वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने मत्स्य पालकों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही बैंकों एवं विभागीय अधिकारियों से पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी मत्स्य पालन से जोड़कर उनकी आजीविका को सशक्त बनाया जाना चाहिए।
अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री रवि कुमार सिन्हा ने कहा कि मत्स्य पालक अपने सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखें, जिससे बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि बैंक ऋण एवं सरकारी अनुदान के माध्यम से मत्स्य पालन को बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारियों, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), मत्स्य उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा जनपद के बड़ी संख्या में मत्स्य पालकों ने सहभागिता की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पोर्टल के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एवं अन्य वित्तीय सेवाओं तक मत्स्य पालकों की आसान पहुँच सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री हिमांशु त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र में ऋण वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी बनेगी। उन्होंने सभी बैंक शाखाओं से मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने तथा मत्स्य क्षेत्र में संस्थागत वित्त को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने नाबार्ड के PODF समर्थित मत्स्य एफपीओ की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मत्स्य निरीक्षक श्री राहुल कुमार ने मत्स्य बीमा योजना की प्रक्रिया एवं उसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया तथा अधिक से अधिक मत्स्य पालकों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
कार्यशाला के दौरान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से प्रतिभागियों का राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण भी कराया गया।
कार्यक्रम का संचालन गौतम बुद्ध जागृति समिति के सचिव श्रीधर पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुनील कुमार, ममता, सुधा, संजना, अनीता, राम बहल एवं मुहम्मद मुस्लिम सहित अन्य सहयोगियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
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सत्यपाल सिंह कौशिक को कंटेंट लेखन, स्क्रिप्ट लेखन का लंबा अनुभव है। वर्तमान में कौशिक जी FT NEWS DIGITAL में डिजिटल मीडिया सह- संपादक के पद पर कार्यरत हैं।
