तिरंगे के साये में OPS की हुंकार, पुरानी पेंशन के लिए सड़क पर उतरे सफाई कर्मचारी

विकास भवन से निकली OPS तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में कर्मचारी हुए शामिल, पुरानी पेंशन बहाली को बताया सामाजिक सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा

एक नजर में
स्थान: विकास भवन, सिद्धार्थनगर
तारीख: 20 अगस्त 2026
आयोजन: उत्तर प्रदेश पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ
मुख्य मांग: पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली
प्रमुख संदेश: शांतिपूर्ण तरीके से मांग सरकार तक पहुंचाने का दावा
सिद्धार्थनगर। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने 20 अगस्त को सिद्धार्थनगर में OPS तिरंगा यात्रा निकाली। तिरंगे झंडों और OPS बहाली के संदेश वाली टोपियों के साथ कर्मचारी विकास भवन के आसपास एकत्र हुए और अपनी मांग को लेकर नारेबाजी की। यात्रा के दौरान “पुरानी पेंशन अधिकार हमारा है, लेकर के रहेंगे” जैसे संदेश प्रमुखता से दिखाई दिए।
विकास भवन से शुरू हुई इस यात्रा में पुरुषों के साथ महिला कर्मचारी भी शामिल नजर आए। हाथों में तिरंगा लेकर कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किए जाने की मांग उठाई। कार्यक्रम के बैनर पर उत्तर प्रदेश पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ का नाम दर्ज था।
आयोजकों के मुताबिक, यह कार्यक्रम कर्मचारियों की पुरानी पेंशन संबंधी मांग को शासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि पेंशन उनके लिए केवल सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
यात्रा के दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम् और OPS बहाली के समर्थन में नारे लगाए गए। तस्वीरों में बड़ी संख्या में कर्मचारी तिरंगे के साथ एकजुट दिखाई दे रहे हैं।
“एक देश में दो व्यवस्था क्यों?”
कार्यक्रम के दौरान संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में पुरानी पेंशन व्यवस्था को लेकर सरकार के समक्ष सवाल उठाए। उनका तर्क था कि लंबे समय तक सरकारी सेवा करने वाले कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्ति के बाद मजबूत सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
संगठन के जिला अध्यक्ष रणजीत कुमार गौतम ने आंदोलन के संबंध में कहा कि संगठन अपनी मांग को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहता है। उनके अनुसार, पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांग पर तत्काल निर्णय नहीं होता है तो संगठन के निर्देश के अनुसार आगे के शांतिपूर्ण कार्यक्रम किए जाएंगे।
तिरंगे के साथ दिखा आंदोलन का संदेश
इस यात्रा की खास बात यह रही कि कर्मचारियों ने अपने मांगपत्र के साथ तिरंगे को भी प्रमुखता दी। आयोजकों ने इसे देश और संविधान के प्रति सम्मान के साथ अपनी लोकतांत्रिक मांग रखने का माध्यम बताया।
यात्रा में शामिल कर्मचारियों के हाथों में तिरंगे के साथ OPS से जुड़े बैनर और संदेश दिखाई दिए। मौके पर कर्मचारियों में काफी उत्साह नजर आया।
| कर्मचारियों की मुख्य मांग
पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली।
आंदोलनकारी कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था से उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद अधिक सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। हालांकि OPS को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित सरकारी नीति, नियमों और सक्षम स्तर पर लिए जाने वाले फैसले पर निर्भर करेगा।
टिप्पणी
मुद्दा सिर्फ पेंशन का नहीं, भविष्य की सुरक्षा का भी है।
सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को लेकर मांग लंबे समय से बहस का विषय रही है। एक तरफ कर्मचारी इसे अपने भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान से जोड़कर देखते हैं, वहीं दूसरी ओर किसी भी पेंशन व्यवस्था पर अंतिम निर्णय सरकार की नीति, वित्तीय स्थिति और लागू नियमों के आधार पर होता है।
सिद्धार्थनगर की OPS तिरंगा यात्रा ने फिलहाल इस बहस को एक बार फिर सड़क से लेकर शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कर्मचारियों की इस मांग पर सरकार और संबंधित विभाग की ओर से आगे क्या रुख सामने आता है।
नोट: इस खबर में आंदोलनकारियों द्वारा व्यक्त मांग और दावों को उनके पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। किसी व्यक्ति या संस्था पर कोई आरोप तथ्य के रूप में नहीं लगाया गया है।
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