11 कैटेगरी, 121 सम्मान: अयोध्या में होगा श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड का भव्य आयोजन

परमशक्ति धाम में प्रस्तावित पांचवें संस्करण को लेकर आयोजकों ने जारी किया खाका, शिक्षा से न्याय तक विशिष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने की तैयार
खास बातें
आयोजन: 5वां श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड 2026-27
स्थान: परमशक्ति धाम, गोरसरा शुक्ल, अयोध्या विकास क्षेत्र
सम्मान श्रेणियां: 11
प्रस्तावित सम्मान: 121
आयोजक परिवार: PWS शिक्षालय परिवार
चयन का आधार: वित्तीय वर्ष 2026-27 के कार्यों के आधार पर विशिष्ट योगदान
अयोध्या। सेवा, समाज और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की तैयारी तेज हो गई है। PWS शिक्षालय परिवार की ओर से परमशक्ति धाम, गोरसरा शुक्ल, अयोध्या विकास क्षेत्र में पांचवें श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड 2026-27 के आयोजन की घोषणा की गई है। आयोजकों के मुताबिक इस बार कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए 11 श्रेणियों में कुल 121 विशिष्ट सम्मान प्रस्तावित किए गए हैं।
सेवा के अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान पर नजर
PWS प्रमुख आर.के. पाण्डेय एडवोकेट के अनुसार, सम्मान के लिए ऐसे व्यक्तित्वों के योगदान को आधार बनाया जाएगा जिन्होंने शिक्षा, संस्कृति, सुरक्षा, चिकित्सा, कला, विज्ञान, कृषि और समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया हो।
प्रेस नोट के अनुसार मानवाधिकार संरक्षण, भ्रष्टाचार नियंत्रण और न्याय के क्षेत्र में निःस्वार्थ सेवा करने वाले व्यक्तित्वों को भी चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि सम्मान का आधार संबंधित व्यक्तित्वों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के कार्यों और योगदान को बनाया जाएगा।
सम्मान के साथ स्थायी स्मृति की योजना
इस आयोजन को अन्य सामान्य सम्मान समारोहों से अलग बनाने का दावा करते हुए PWS परिवार की ओर से कहा गया है कि सम्मानित व्यक्तित्वों के नाम से PWS शिक्षालय परिसर में स्थायी विशिष्ट निर्माण से जुड़ी पहल की जाएगी।
इसके साथ सम्मानित व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह, सम्मान प्रमाणपत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए जाने की योजना बताई गई है।
आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो तथा PWS शिक्षालय की ओर से सम्मानित व्यक्तित्वों को आजीवन विशिष्ट पहचान और कुछ विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना भी प्रस्तावित है। इन सुविधाओं का वास्तविक स्वरूप और पात्रता आयोजन की आधिकारिक शर्तों के अनुसार ही स्पष्ट होगा।
अवॉर्ड का पुराना सफर भी रहा है
श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड का आयोजन इससे पहले भी PWS परिवार की ओर से किया जा चुका है। 2023 में अयोध्या क्षेत्र में हुए एक आयोजन की प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न राज्यों और नेपाल से जुड़े समाजसेवियों को उनके सामाजिक योगदान के लिए श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
एक अन्य प्रकाशित रिपोर्ट में 2023 के अयोध्या सम्मेलन के दौरान श्रीराम जन्मभूमि दर्शन, अवॉर्ड कार्यक्रम और अन्य गतिविधियों की योजना का उल्लेख किया गया था।
यानी 2026-27 का प्रस्तावित आयोजन इसी क्रम की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
किसे मिलेगा सम्मान?
आयोजकों के मुताबिक चयन का केंद्र केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षा से लेकर चिकित्सा, विज्ञान से कृषि और समाजसेवा से लेकर मानवाधिकार एवं न्याय तक विभिन्न क्षेत्रों में वास्तविक योगदान देने वाले लोगों को चयन प्रक्रिया में शामिल किए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, 121 सम्मानित व्यक्तित्वों की अंतिम सूची और चयन के विस्तृत मानदंड आयोजकों की ओर से आधिकारिक रूप से जारी होने के बाद ही निश्चित माने जाएंगे।
संक्षेप में
PWS शिक्षालय परिवार के प्रस्तावित पांचवें श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड 2026-27 को लेकर तैयारियां सामने आई हैं। आयोजकों के अनुसार 11 श्रेणियों में 121 विशिष्ट सम्मान दिए जाएंगे। सम्मान समारोह के साथ सम्मानित व्यक्तित्वों के नाम से स्थायी निर्माण की योजना भी बताई गई है। अब कार्यक्रम की अंतिम तिथि, चयनित नामों और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।
FT NEWS DIGITAL टिप्पणी
सम्मान तभी सार्थक, जब चयन में पारदर्शिता सर्वोपरि हो
किसी भी सम्मान की असली प्रतिष्ठा उसके मंच की भव्यता से ज्यादा चयन की निष्पक्षता और सम्मान पाने वाले व्यक्तित्व के वास्तविक योगदान से तय होती है।
श्रीराम ग्लोबल अवॉर्ड 2026-27 को लेकर आयोजकों ने 11 श्रेणियों में 121 सम्मान का बड़ा खाका सामने रखा है। यदि चयन प्रक्रिया पारदर्शी, स्पष्ट और योगदान आधारित रहती है तो यह आयोजन विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे समाजसेवियों और कर्मठ व्यक्तित्वों को प्रोत्साहित करने का प्रभावी मंच बन सकता है।
फिलहाल यह आयोजकों द्वारा घोषित प्रस्तावित कार्यक्रम है। इसलिए सम्मानित होने वाले व्यक्तित्वों, स्थायी निर्माण और विशेष सुविधाओं से संबंधित अंतिम जानकारी को आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम तथ्य माना जाना उचित होगा।
FT NEWS DIGITAL
सच और… कुछ नहीं
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