दस्तावेजों से खुलने लगे पंचायत फंड के राज! सिद्धार्थनगर की 6 ग्राम पंचायतों में करोड़ों के भुगतान पर जांच शुरू
पत्र और भुगतान दस्तावेज सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में, विकास कार्यों और सामग्री खरीद पर उठे गंभीर सवाल

सिद्धार्थनगर | FT News Digital
सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ और शोहरतगढ़ विकासखंड की छह ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और सरकारी धन के उपयोग को लेकर उठे सवाल अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गए हैं। लगातार सामने आ रहे शिकायत पत्रों, शपथ पत्रों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों के बाद प्रशासन ने कई ग्राम पंचायतों में जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मामला ग्राम पंचायत टेड़िया, सेमरियांव, रामगढ़, हरदासपुर, रसूलपुर और रामपुर से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच विकास कार्यों, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, निर्माण सामग्री और अन्य मदों में हुए भुगतान को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ कार्य कागजों में दिखाकर भुगतान निकाला गया, जबकि कई कार्यों की वास्तविक स्थिति जांच का विषय बनी हुई है।
शिकायत पत्र में क्या-क्या आरोप?

शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और शपथ पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य, सफाई कार्य, निर्माण सामग्री आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट खरीद के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान किए गए। शिकायत में दावा किया गया है कि कई मामलों में फर्जी बिल-वाउचर लगाकर सरकारी धन निकाला गया।
दस्तावेजों में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ कार्यों को ऑनलाइन पोर्टल पर पूर्ण दर्शाया गया, जबकि मौके पर कार्यों की स्थिति अलग बताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई मामलों में बाजार मूल्य से अधिक दरों पर सामग्री खरीद दिखाई गई।

स्ट्रीट लाइट भुगतान पर सबसे ज्यादा सवाल
शिकायत पत्र में स्ट्रीट लाइट खरीद और भुगतान को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान दर्शाया गया, जबकि बाजार में उसी प्रकार की सामग्री कम कीमत पर उपलब्ध बताई जा रही है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई भुगतान अभिलेखों और धरातल की स्थिति में अंतर दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही निर्माण सामग्री, सफाई कार्य और अन्य विकास योजनाओं में भी अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है।
जांच समितियों के गठन के बाद बढ़ी हलचल
सूत्रों के मुताबिक प्रशासन ने कुछ ग्राम पंचायतों की जांच के लिए समितियों का गठन किया है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
हालांकि जांच टीम में विभागीय अधिकारियों को शामिल किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा भी तेज हो गई है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और सभी कार्यों का मौके पर जाकर सत्यापन कराया जाना चाहिए।
फर्मों और भुगतान प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
शिकायत में संबंधित फर्मों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कई पंचायतों में सामग्री आपूर्ति और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। शिकायतकर्ता ने भुगतान रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और तकनीकी स्वीकृतियों की जांच कराए जाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा।
प्रशासनिक जांच पर टिकी जिले की नजर
फिलहाल मामला जांच प्रक्रिया में है और सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों व प्रार्थना पत्र के आधार पर बताए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
अब पूरे जिले की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी तथा वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
FT News Digital किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। मामला जांच और प्रशासनिक सत्यापन के अधीन है।
क्या है पूरा मामला?
6 ग्राम पंचायतों के भुगतान पर सवाल
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को सौंपे दस्तावेज
विकास कार्य और सामग्री खरीद जांच के घेरे में
स्ट्रीट लाइट भुगतान पर उठे बड़े सवाल
प्रशासन ने शुरू की जांच प्रक्रिया

पंचायत फंड के भुगतान पर उठे सवाल
6 ग्राम पंचायतों में जांच शुरू
दस्तावेज सामने आने के बाद बढ़ी हलचल
स्ट्रीट लाइट भुगतान जांच के घेरे में
शिकायत के बाद प्रशासन सक्रिय
विकास कार्यों के सत्यापन की मांग तेज
“पंचायत फंड में बड़ा खेल?”
“6 पंचायतों की जांच शुरू”
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