सेवा संकल्प की दो तस्वीरें: आंगनवाड़ी बहनों का सम्मान, दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की राह
सिद्धार्थनगर में सेवा, सम्मान और सशक्तीकरण की पहल

सिद्धार्थनगर। किसी समाज की तरक्की का आकलन केवल विकास के आंकड़ों से नहीं, बल्कि इस बात से भी होता है कि वहां महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कितने सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। सिद्धार्थनगर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित दो कार्यक्रमों ने इसी सामाजिक जिम्मेदारी को केंद्र में रखा। पहले कपियां मिश्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मान दिया गया, फिर विकास खंड नौगढ़ में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित करने के साथ रोजगार के अवसरों से जोड़ने की पहल की गई।

सांसद जगदंबिका पाल और सदर विधायक श्यामधनी राही की मौजूदगी में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जनकल्याणकारी प्रयासों को समाज के जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचाने का संदेश देना रहा। हालांकि, इन पहलों की असली सफलता तभी मानी जाएगी, जब सम्मान के साथ सुविधाएं, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी निरंतर उपलब्ध हों।
87 दिव्यांगजनों में से 14 का प्रारंभिक चयन, सहायक उपकरणों का वितरण
सेवा संकल्प अभियान के तहत 10 अक्टूबर 2026 को विकास खंड नौगढ़ में दिव्यांग रोजगार मेला एवं सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, जिला सेवायोजन विभाग और रेडी फाउंडेशन के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम की जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रोजगार मेले में शामिल 87 दिव्यांगजनों में से 14 का प्रारंभिक रूप से चयन किया गया और उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को 10 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 24 ट्राइसाइकिल, 3 व्हीलचेयर, 10 बैसाखी, 5 कान की मशीनें, 3 स्मार्ट केन और 2 बेल किट वितरित किए गए। इन उपकरणों से लाभार्थियों के आवागमन और दैनिक जीवन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। वहीं, रोजगार मेले के माध्यम से दिव्यांगजनों को आजीविका के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

यहां सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि प्रारंभिक रूप से चयनित अभ्यर्थियों को आगे रोजगार के कितने अवसर मिलते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभागीय स्तर पर किस तरह का सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।
कपियां मिश्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान
दिव्यांगजन कार्यक्रम से पहले कपियां मिश्र में बाल विकास परियोजना, सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सांसद जगदंबिका पाल मुख्य अतिथि और सदर विधायक श्यामधनी राही विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया तथा उपहार स्वरूप साड़ियों का वितरण किया गया।
सांसद जगदंबिका पाल ने अपने संबोधन में कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के पोषण, प्रारंभिक देखभाल और महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए सेवा और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों को महत्वपूर्ण बताया।
सदर विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम कड़ी हैं।
दिव्यांगजनों को मिले ये उपकरण
नौगढ़ में आयोजित कार्यक्रम की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वितरित सहायक उपकरणों का विवरण इस प्रकार है:
– 10 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल
– 24 ट्राइसाइकिल
– 3 व्हीलचेयर
– 10 बैसाखी
– 5 कान की मशीनें
– 3 स्मार्ट केन
– 2 बेल किट
रोजगार मेले का विवरण: 87 दिव्यांगजनों में से 14 का प्रारंभिक चयन। इसे अंतिम नियुक्ति या स्थायी रोजगार मिलने की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका क्यों अहम?
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गांव और बस्ती के स्तर पर बच्चों के पोषण, प्रारंभिक देखभाल तथा महिलाओं को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके योगदान का सम्मान तभी व्यापक अर्थ हासिल करता है, जब उन्हें आवश्यक संसाधन, कार्य करने के लिए उचित सुविधाएं और विभागीय सहयोग भी मिलता रहे।
महिला एवं बाल कल्याण की योजनाओं को प्रभावी बनाने में जमीनी स्तर पर काम करने वाली कार्यकर्ताओं की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सामाजिक सरोकार | सहायता नहीं, समान अवसर भी जरूरी
दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन सशक्तीकरण का लक्ष्य इससे आगे जाता है। सुगम आवागमन, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और सार्वजनिक स्थानों तक आसान पहुंच ऐसे विषय हैं, जिन पर निरंतर काम करने की जरूरत है।
दिव्यांगजन समाज पर बोझ नहीं, बल्कि समान अवसर मिलने पर अपनी क्षमता के अनुरूप योगदान देने वाले नागरिक हैं। इसलिए कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता वितरित करना नहीं, बल्कि बाधाओं को कम करके उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए।
इसी तरह आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान भी एक दिन के आयोजन तक सीमित न रहे। उनके कार्यों को मजबूत करने के लिए नियमित सहयोग और सुविधाओं पर ध्यान देना आवश्यक है।
सारांश | दो कार्यक्रम, एक सामाजिक संदेश
सेवा संकल्प अभियान के तहत कपियां मिश्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान और नौगढ़ में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल ने महिला एवं बाल कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तीकरण के विषयों को सामने रखा। रोजगार मेले में 14 अभ्यर्थियों का प्रारंभिक चयन और उपकरण वितरण कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियां रहीं।
अब इन पहलों की निरंतरता, पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच और रोजगार के वास्तविक अवसरों की उपलब्धता पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि सरकारी प्रयासों का लाभ जरूरतमंद लोगों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव ला सके।
टिप्पणी | सम्मान तभी सार्थक, जब अवसर भी मिलें
लोककल्याण की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान और दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। लेकिन किसी भी योजना की सफलता का पैमाना केवल आयोजन, वितरण या प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि उससे होने वाला वास्तविक लाभ होना चाहिए।
यदि दिव्यांगजनों को उपकरणों के साथ कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलें तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जरूरी संसाधन और निरंतर सहयोग उपलब्ध हो, तो सेवा संकल्प का संदेश धरातल पर अधिक प्रभावी रूप से दिखाई देगा। यही समावेशी विकास की दिशा है, जहां सम्मान के साथ अधिकार, सहायता के साथ अवसर और योजनाओं के साथ परिणाम भी सुनिश्चित हों।
कार्यक्रम में मौजूद रहे अधिकारी
कपियां मिश्र के कार्यक्रम में जिला परियोजना निदेशक, उपायुक्त मनरेगा संदीप पाठक, परियोजना अधिकारी अनिल कुमार, साधना चौधरी, रमेश मणि, गंगा मिश्र, उद्योग विभाग से तौसलेन्द्र मिश्रा, सबलू सहानी, संजय कुमार, प्रमोद यादव सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
नौगढ़ के कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपायुक्त मनरेगा, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी, नौगढ़ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
डिजिटल डेस्क | सिद्धार्थनगर
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