योगमय हुआ सिद्धार्थनगर: हजारों लोगों ने किया सामूहिक योग, राष्ट्रगान और पौधरोपण के साथ दिया स्वस्थ भारत का संदेश
योगमय हुआ सिद्धार्थनगर: हजारों लोगों ने किया सामूहिक योग, राष्ट्रगान और पौधरोपण के साथ दिया स्वस्थ भारत का संदेश
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब, ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम रही केंद्र में
🔹 प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का लाइव प्रसारण देखा गया
🔹 हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
🔹 सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और आमजन रहे मौजूद
🔹 “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हुआ पौधरोपण
🔹 राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
स्थान: जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिद्धार्थनगर
अवसर: 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
थीम: स्वस्थ आयु के लिए योग (Yoga for Healthy Ageing)
मुख्य आकर्षण: योगाभ्यास, लाइव प्रसारण, पौधरोपण और राष्ट्रगान
विशेष संदेश: योग को बनाएं दैनिक जीवन का हिस्सा

सारांश
भगवान बुद्ध की पावन धरती सिद्धार्थनगर में रविवार को 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह, अनुशासन और जनसहभागिता के साथ मनाया गया। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। कार्यक्रम में योग के साथ राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। समापन पर राष्ट्रगान और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया गया।

सिद्धार्थनगर से विशेष संवाददाता
विश्व योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम सिद्धार्थनगर योगमय वातावरण में डूबा नजर आया। शासन के निर्देशानुसार आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का लाइव प्रसारण दिखाया गया। कार्यक्रम की इस वर्ष की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रही, जिसका उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देना था।

मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष अतुल सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल, विधायक श्यामधनी राही, विधायक विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, नोडल अधिकारी एवं सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अभिषेक प्रकाश, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में हजारों लोगों ने सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम-विलोम सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरा स्टेडियम योग के संदेश से गूंजता रहा और लोगों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

अपने संबोधनों में वक्ताओं ने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मिक शांति और सकारात्मक जीवन दृष्टि का माध्यम भी है। वक्ताओं ने लोगों से योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

विश्व योग दिवस क्यों है विशेष?
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली। वर्ष 2015 से यह दिवस पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। आज योग भारत की सांस्कृतिक पहचान बनकर विश्वभर में करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार नियमित योग तनाव कम करने, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और जीवनशैली से जुड़ी अनेक बीमारियों से बचाव में सहायक माना जाता है।

योग के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के उपरांत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अतिथियों और अधिकारियों ने पौधरोपण किया। इस दौरान लोगों से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने में सहयोग की अपील की गई।

राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और लोगों ने स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता का संकल्प दोहराया।
योग, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण—तीनों संदेशों को एक मंच पर समेटे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जन-जागरूकता का व्यापक अभियान बनकर उभरा, जिसमें जिले भर के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता
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