11 वर्षों से घर से दूर महिला शिक्षिकाओं का फूटा दर्द
उत्तर प्रदश जनपद सिद्धार्थ नगर
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय पर जोरदार धरना
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाओं ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सुषमा सिंह के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में शिक्षिकाओं ने वर्षों से गृह जनपद से दूर रहकर सेवा देने की पीड़ा को खुलकर सामने रखा।

धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि आकांक्षी जिलों में तैनात महिला शिक्षिकाएं पिछले लगभग 11 वर्षों से अपने परिवार से दूर रहकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रही हैं। बावजूद इसके अब तक उन्हें गृह जनपद में स्थानांतरण का लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर उनके छोटे बच्चों, बुजुर्ग माता-पिता, सास-ससुर और पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जिले को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में सरकार को उनकी मानवीय और पारिवारिक समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।

जिला महामंत्री रश्मि जायसवाल ने कहा कि शासन की ट्रांसफर नीति में दो वर्षों के भीतर गृह जनपद भेजने की बात कही गई थी, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं स्थानांतरण से वंचित हैं। इससे उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

वहीं जिला कोषाध्यक्ष शशि वंदना दुबे ने कहा कि पूर्व में लागू भारांक प्रणाली में कई विसंगतियां सामने आई थीं। उन्होंने वरिष्ठता आधारित पारदर्शी स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने की मांग की।

धरना प्रदर्शन के बाद महिला शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम प्रतिनिधि को सौंपकर जल्द समाधान की मांग उठाई।
धरने में रिचा अग्रवाल, निधि त्रिपाठी, रंजना निरंजन, अनिता आर्या, सुषमा मौर्या, मधुरानी, आरती शुक्ला, बीनू शर्मा, श्रेया तिवारी, शिखा गुप्ता, कविता शर्मा, श्रुति शुक्ला, मंजुला पांडेय, शशिकला सिंह, अंकिता सिंह, शालिनी कुमारी, रेनू सिंह, प्रतिभा सिंह, साधना गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
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